अमृत अगर पीना है, चैन से जीना है...धर्म गीत

लल्लू प्रजापति एक धार्मिक गीत गा रहे हैं:
अमृत अगर पीना है चैन से जीना है – तो बिचार लो बाबा भोलेनाथ को पुकारो – डमरा छलिया दूर नही है – दुख के हृदय में बैठा वही है – रूप होना है पल नही खोना है – जिसने योगेश्वर को ना जाना – व्यर्थ है उसका दुनिया में आना – भगतो के सारथि भोलाजी की आरती उतार लो – बाबा भोले नाथ को पुकारो – दुःख में हसते हुए मन्त्र जपते हुए दिन गुजार लो – बाबा भोले नाथ को पुकार लो...

Posted on: Feb 15, 2018. Tags: Lallu Prajaapti

अमृत अगर पीना है, चैन से जीना है तो विचार लो...भक्ति गीत -

ग्राम-मानिकपुर, थाना-चलगली, पोस्ट-छेरता चैनपुर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से लल्लू प्रजापति एक भक्ति गीत सुना रहे हैं:
अमृत अगर पीना है,चैन से जीना है-
तो विचार लो-
बाबा भोले नाथ को पुकारो-
संवरा छलिया दूर नहीं है-
छुपके ह्रदय में बैठा वो ही-
रूद्र होना है पल नहीं खोना है-
मन सुधार लो-
बाबा भोले नाथ को पुकार लो-
जिसने योगेश्वर को ना जाना-
व्यर्थ है दुनिया में उसका आना-
भक्तो ले सारथी भोला जी की आरती उतार लो-
बाबा भोले नाथ को पुकार लो...

Posted on: Jan 07, 2018. Tags: LALLU PRAJAPATI

हरी भजन ला तै नई जाने भईया रे...छत्तीसगढ़ी भजन -

ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लालू केवट अपने सांथी बेसाहूलाल केवट, गजरूप सिंह, मनबहोर केवट के सांथ एक भजन सुना रहे हैं :
हरी भजन ला तै नई जाने भईया रे – राम भजन ला तै नही जाने – ये जीवन नई आय कौनो काम के – सोंन नदी के तीरे हवए हमर गाँव गा – जिला अनूपपुर छुलकारी मोर गाँव गा – भजन गवैया और बैठे भजन सुनैया रे – हरी भजन ला तै नई जाने...

Posted on: Jan 04, 2018. Tags: LALLU KEWAT

अरे गाँव छुल्कारी के रहया...छत्तीसगढ़ी भजन-

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनुपपुर (म.प्र.) से लल्लूलाल केवट के साथ में भानुलाल केवट, वैभव सिंह एक छत्तीसगढ़ी भजन गीत सुना रहे है:
अरे गाँव छुल्कारी के रहया-
मानस रामायण के पढ़ेया भैया-
आये हन गा तुम्हारे गाँव म-
अरे हे भैया आये हन गा तुम्हारे गाँव मे-
नए पद जियत भर पुरसत काम के-
मर जा बे एक दिन गा ले हरी नाम के-
तर जाई तोला तोरे अपार-
अरे गाँव छुल्कारी के रहया...

Posted on: Jan 04, 2018. Tags: LALLULAL KEWAT

हाय रे निगोड़े काया घेरे हवय तोला माया...भजन -

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट अपने सांथी रामलाल केवट, रूपसिंह, मनबहोर केवट के सांथ एक छत्तीसगढ़ी भजन सुना रहे हैं :
हाय रे निगोडी काया घेरे हवय तोला माया – तै हा भुलागे हरी नाम राम भजन ला नही गाए –
निरमोही भईया हरी के भजन ला नही करे – नही पाबे अब तो भईया ये मानुष के चोला ना – देखे बर तरस जाबे ये छुलकारी के टोला ना – हाय रे निगोड़े काया घेरे हवय तोला माया...

Posted on: Jan 04, 2018. Tags: LALLU KEWAT

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