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हे बाजत आनंद बधईया देवाला मा, बाजत आनंद बधईया हो माँ...देवी भजन

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक भजन सुना रहे हैं :
हे बाजत आनंद बधईया देवाला मा बाजत आनंद बधईया हो माँ-
मईया बाजत आनंद बधईया हो माँ-
माता शारदा का न्योती बलायों, तै कहां रहे लुकाय देवाला मा-
ये बाजत अन्द बधईया आद देवालम बाजत अन्द बधईया हो माँ-
गढ़िहा के बाबा का न्योता बलायों, न्योता बलायों मईया, न्योता बलायों-
ठाकुर बाबा का न्योती बलायों, तै कहां रहे लुकाय देवाला मा...

Posted on: Oct 20, 2018. Tags: ANUPPUR DEVI LALLU MP SONG KEWAT

मईया ओ मईया, दे दे वरदान सरस्वती मईया...भक्ति गीत-

ग्राम-मनौरा, पोस्ट-गोरसी, थाना-जेतहरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राजवीर एक भक्ति गीत सुना रहे हैं :
मईया ओ मईया, दे दे वरदान सरस्वती मईया-
दे वरदान मईया, दे दे वरदान ओ-
न तोरे पूजा जानो, बेटा हवों तोर ओ-
तोरे सहारा बर मै राम गुन गाथो ओ-
दो दिन के जिंदगी भईया झंन कर झमेला गा-
आही तोर बढ़ावा संगी थके-थके चोला गा...

Posted on: Oct 19, 2018. Tags: ANUPPUR CHHATTISGARHI MADHYA PRADESH RAJVEER SONG

मन फूला-फूला फिरै जगत में है यह कैसा नाता रे...भजन

ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक भजन सुना रहे हैं:
मन फूला-फूला फिरै जगत में है यह कैसा नाता रे-
संग जाये ना नारी, माता-पिता साथी परिवार ना भाता रे-
पेट पकड़कर माता रोवय बाह पकड़कर भाई-
और निदा तक बेटा रोवय, कुछ दिन बहिनी भउजाई-
तेरह दिन तक तिरिया रोवय, फूला-फूला फिरै जगत मा है यह कैसा नाता रे...

Posted on: Oct 15, 2018. Tags: ANUPPUR BHAJAN KANHAIYALAL KEWAT MP SONG

सबो मोर के पुंजिया टुटगे, नही बरसे पानी, कैसे के कटी जिंदगानी...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल नेटी एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
सबो मोर पुंजिया टुटगे गा-
सबो मोर पुंजिया टुटगे, नही बरसे पानी-
कैसे के कटी जिंदगानी, कैसे के कटी जिंदगानी-
अषाढ़ सावन नागर जोतो, बोयो बढ़िया धान गा-
महंगे महंगे बीज बोयों, अउ डालेयों जैविक खाद गा-
अच्छा होही उपज मोर, लगाय बैठे हवों आस गा...

Posted on: Oct 10, 2018. Tags: ANUPPUR BABULAL NETI CHHATTISGARHI MP SONG

पानी गुड़ में डालिये बीत जाये जब रात...कविता

ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी के साथ एक कविता सुना रही हैं :
पानी गुड़ में डालिये बीत जाये जब रात-
सुबह छान कर पीजिये अच्छी हो हालात-
धनिया की पत्ती मसल बूंद नैन में डाल-
दुःख की आंखिया ठीक हो, पल लगे दो चार-
प्रात:काल पिए घुट-घुट कर आप,
बस दो-तीन गिलास हर औषधीय का बाप...

Posted on: Sep 27, 2018. Tags: ANUPPUR MANDAKANI MISHRA MP POEM

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