धरती कर नाम गोंडवाना परे भाई...कविता

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक कविता सुना रहे हैं:
धरती कर नाम गोंडवाना परे भाई-
मिल जुल के भईया जिंदगी ला बिताई-
धरती के हीरा मोती हमरे बाचाई-
नाती पुती ओला हमरे देखाई-
कागज़ के रुपिय ए मन हमके दिखाई-
हमार सम्पति ला लुटे बर ए मन लगाई-
एक दिना डेरा झोला हमके धराही-
येही दिन डंडा बन्दूक ओमन दिखाई-
मिल जुल के भईया जिंदगी ला बिताई-
धरती कर नाम गोंडवाना परे भाई...

Posted on: Jun 27, 2017. Tags: KAILASH POYA

विधाता तू हमारा है, तू ही ज्ञान दाता है...भजन गीत

मीनापुर, मुजफ्फरपुर (बिहार) से अवधेश श्रीवास्तव एक भजन गीत सुना रहे हैं :
विधाता तू हमारा है, तू ही ज्ञान दाता है-
बिना तेरी दया कोई, नहीं आनन्द पाता है-
तितिक्षा की कसौटी से, जिसे तू जाँच लेता है-
उसी विद्याधिकारी को, अविद्या से छुड़ाता है-
सताता जो न औरों को, न धोखा आप खाता है-
वही सद्भक्त है तेरा, सदाचारी कहाता है-
सदा जो न्याय का प्यारा, प्रजा को दान देता है...

Posted on: Jun 27, 2017. Tags: AVADHESH SRIVASTAV

बईठे ला खुर्सी बोला खुर्सी बईठैया ननी दउआ...ददरिया गीत

ग्रामपंचायत-खोंडरी, ब्लाक-गौरेला, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) सीजीनेट यात्रा से गीता टेकाम एक ग्रामीण महिला से गीत सुन रही है:
बईठे ला खुर्सी बोला खुर्सी बईठैया ननी दउआ-
ओ कहाँ ला चलेंगे भरले-
अरे मोरा भईया मोरा खुरसी बईथईया-
जाओ कहाँ के जवईया मोरा भईया-
बईठे ला खुर्सी बोला खुर्सी बईठैया ननी दउआ...

Posted on: Jun 27, 2017. Tags: GEETA TEKAM

पूजा माँ तुम्हारी हम कराएँगे...सरस्वती वंदना

ग्राम-उमरिया, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेखा उईके एक सरस्वती वंदना सुना रही है:
पूजा माँ तुम्हारी हम कराएँगे-
सरस्वती माँ तुम्हे हम मनाएंगे-
हर घडी मन में तेरे ये दीपक जले-
चाँद मन में मा तुझको करे-
विद्या दे-दे माँ-
हमें इतनी शक्ति भी देना-
ज्ञान सदा तू माँ हमको देती रहे है-
जग का प्यारा ये सारा तुम्हारा है-
इतना प्यारा ये देश हमारा है-
पूजा माँ तुम्हारी हम कराएँगे...

Posted on: Jun 27, 2017. Tags: REKHA SINGH UIKEY

कैकेई बैठी कोप भवन म...कीर्तन

ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबू लाल नेटी एक ग्रामीण से भक्ति गीत सुन रहे हैं:
कैकेई बैठी कोप भवन म – राम बनवसवा भईले ने-
आगे-आगे राम चलत हैं पीछे लक्ष्मन भाई-
उनके बीच म सिया जानकी शोभा बरन न जाई-
जंगलवा के तिरवे-तिरवे न-
वन को निकल चले दोनों भाई-
जाके पहुचे पंचवटी में लक्ष्मण कुटी बनायी-
रहने लगे दोनों भाई संग में सीता माई-
कैकेई बैठी कोप भवन म...

Posted on: Jun 26, 2017. Tags: BABULAL NETI

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