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राम नाम का माला जपेगा कोई दिलवाला...भजन गीत

ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनुपपुर (म.प्र.) से मंदाकनी मिश्रा एक भजन गीत सुना रही है:
राम नाम का माला जपेगा कोई दिलवाला-
जपेगा कोई दिलवाला जपेगा कोई दिलवाला-
माला जपी थी सीता जी ने मिल गया दशरत लाला-
माला जपी थी राधा जी ने मिल गया मुरली वाला-
राम नाम का माला जपेगा कोई दिलवाला...

Posted on: Oct 17, 2017. Tags: MANDAKINI MISHRA

हमरो बीच में बुल्टू रेडियो आ गए भैया आ गए...बुल्टू रेडियो गीत

ग्राम-मडमडा, तहसील-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से पालेश यादव बुल्टू रेडियो गीत सुना रहे है:
हमरो बीच में बुल्टू रेडियो आ गए भैया आ गए-
जागे हमारो भाग हा-हा-हा वो-वो वो-
अंधियारी के समय उजड़ गए-
चंदा अंजोरी के भुईयां उतर गए-
बुल्टू रेडियो होई सियान-
भागिस कपटी लेके प्राण-
हमरो बीच में बुल्टू रेडियो आ गए...

Posted on: Oct 17, 2017. Tags: PALESH YADAV

हाथी गाजा दा सहना भाई नारी चंद समान...गीत

ग्राम-सरईमाल, विकासखंड-समनापुर, जिला-डिंडौरी, (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक गीत सुना रहे हैं:
हाथी गाजा दा सहना भाई नारी चंद्र समान-
कोई न बचे समय से समय बड़ा बलवान – पलट के देख पुराना जी समय बाड़ा बलवाना-
वीर धुरंधर के मै सुनो सुनात हूँ बात-
कर तल तीर कमान लुटा गए एक भिलनी के हांथ-
ये वही अर्जुन वही बना जी समय बड़ा बलवाना...

Posted on: Oct 17, 2017. Tags: SANTOSH KUMAR AHIRWAR

स्वर दे माता सरस्वती और गुरु दे मोही ज्ञान...भजन

सरपंचपारा, ग्राम-बालपेट, जिला-दन्तेवाडा (छत्तीसगढ़) से शान्ति नाग एक भजन सुना रही हैं :
स्वर दे माता सरस्वती और गुरु दे मोही ज्ञान-
अन्न दे माता धरती और जल बरसे भगवान-
मोर लेना मीलानी गुरु भाई चल दिन गुरु के पास-
मोर सारी उमर परे हैं गुरुदेव जावत है बेकार-
मोर जीवन ला सौंप दिए हो गुरु चरन में हाँ-
हो जातिश मोर बड़ा पार गुरु के अपरमपार...

Posted on: Oct 16, 2017. Tags: DANTEWADA SHANTI NAG

भारत माता के बेटे हम, चलते सीना तान के...देशभक्ति कविता

ग्राम-देवरी (मुहारीपारा), जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मटुक सिंह नेताम एक कविता सुना रहे है:
भारत माता के बेटे हम, चलते सीना तान के-
धर्म अलग हो जाति अलग हो और अलग हो भाषाएँ-
पर्वत सागर तट वन मरुस्थल मैदानों से हम आये-
फौजी वर्दी में हम सबसे पहले हिंदुस्तान के-
भारत माता के बेटे हम चलते सीना तान के-
हिंदुस्तान की मिटटी में हम खेले खाए है हम-
जिसके रक्तकण को समता-समता से अपनाये है-
कर्ज चुकाने है हमको रक्तकण के अहसान के
भारत माता के बेटे हम चलते सीना तान के...

Posted on: Oct 16, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

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