सुर्वे ढाल ले ढाल नवे माता री...गोंडी गीत

ग्राम-गोदना, विकासखंड-चिचोली, जिला-बैतूल (म.प्र.) से श्रीराम यादव एक गोंडी गीत सुना रहा हैं हैं जो मधुमक्खी के ऊपर आधारित हैं:
सुर्वे ढाल ले ढाल नवे माता री-
सुर्वे ढाल ले ढाल नवे माता री-
ढाल नवे-नवे भाभी नवे माता री
कोपा ता साडी अणि चिरोटा न भाजी-
भाजी कोडी लाता री-
सुर्वे ढाल ले ढाल नवे माता री...

Posted on: Sep 29, 2016. Tags: SHRIRAM YADAV

Bultoo Radio from Muzaffarpur Bihar in Bhojpuri language: 29th Sept 2016...

Today Sunil Kumar is presenting latest edition of Bultoo radio from Muzaffarpur Bihar in Bhojpuri language. In this program he has chosen songs from all over state of Bihar and Jharkhand from where people have sent songs in Bhojpuri language after calling CGnet Swara number 08050068000. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download centre nearby. They can also get it from someone with smartphone and internet via bluetooth.

Posted on: Sep 29, 2016. Tags: MUZAFFARPUR SUNIL KUMAR

काला बतावौ मैं सरकार के महिमा, जनता मन नै पावे गा पार...छत्तीसगढ़ी गीत

ग्राम-मडमडा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से रमन सिंह और अंतागढ़ जिला कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुमनलता एक गीत सुना रहे है:
काला बतावो मैं सरकार के महिमा, जनता मन नै पावे गा पार-
काला बतावो मैं सरकार के महिमा, जनता मन नै पावे गा पार-
वोट मांगे ला आते संगी काम करवाहू कईथे ना गा-
काला बतावो मैं सरकार के महिमा जनता मन नै पावे गा पार...

Posted on: Sep 29, 2016. Tags: RAMAN SINGH SUMANLATA

भवानी निराला माँ का रूप सोंढा-सोंढा...बघेली देवी लोकगीत

ग्राम-गढ़वय, पोस्ट-मधरी, थाना-पनवार, ब्लाक-जवा, तहसील-त्योंतर, जिला-रीवा (म.प्र.) से रीता देवी साकेत एक बघेली लोकगीत सुना रही हैं:
भवानी निराला माँ का रूप सोंढा-सोंढा-
जाये न खाली कोई माँ पे है भरोसा-
माते मैया जी के बेंदी भी सो हैं-
टिका मैया जी के मन हर साये-
भवानी निराला माँ का...

Posted on: Sep 29, 2016. Tags: REETA DEVI SAKET

नवजात बच्चे की आयु वृद्धि के लिए पंवरिया समुदाय द्वारा घर पर आकर किया जाने पंवरिया गीत एवं नाच...

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर बिहार से एम अखलाख अहमद पवरिया नाच के बारे में बता रहे हैं:
बच्चे के जन्म के पश्चात बच्चे की आयु वृद्धि के लिए पंवरिया समुदाय द्वारा घर पर आकर पंवरिया गीत जिसमें सोहर ,बधाइयाँ एवं खिलौना गीत नृत्य के साथ ढ़ोलक झाल खंजरी के साथ गाया जाता हैं । इसमें नेग जोग का प्रचलन हैं बच्चे के घर से इस नृत्य के समाप्ति पर अनाज कपड़ा पैसा दिया जाता हैं । गांव जवार लोक कलाकारों का जनसंगठन के माध्यम से लोकसंस्कृति को संरक्षण संवर्धन के लिए 10 दिवसीय कार्यशाला आयोजित किया गया हैं जिसे 30 सितम्बर को वीणा कंसर्ट सभागार में बिहार एक विरासत कार्यक्रम में प्रस्तुत किया जायेगा जिसमे पंवरिया नाच भी दिखाया जाएगा । सुनील कुमार@9308571702

Posted on: Sep 29, 2016. Tags: SUNIL KUMAR

View Older Reports »

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download