कविता : शीत लिए आयी हवा थर थर कापे रात...

ग्राम पंचायत-जमुड़ी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से चंद्रभान सिंह मार्को एक कविता सुना रहें है:
शीत लिए आयी हवा थर थर कापे रात-
सूरज चचा आइयें लेकर नवल प्रभात-
धुप शीत में आ गयी जब जब सर के पास-
माँ जैसी ममता लागें पापा का आभास-
कुहरा आकर द्वार पर अड़का रहा विकार-
कहता कुण्डी खोल दो बहुत लग रही जाड़-
कुहरे ने जब कह दिए, कड़वे से कुछ बोल-
गोला सूरज का हुआ, आसमान से गोल-
सूरज जब ढकने लगे जब अपना स्वंय शारीर-
पीड़ित करते शरद ऋतू, किसे सुनाएं पीर-
धुप ठण्ड में छत चढ़ी, खूब रही थी खेल-
चाह भरी शीतल हवा, निचे रही धाकेल-
सूरज जब करता नही, आसमान में सैर-
तभी कोहरा तानता चादर बाहर पैर-
ओढ़े हुए राज्जैया सोते रहे आमिर-
सर्दी अश्रु बाह रही, दे रही गरीब को पीर-
कुहरा में मुस्तैद, घर में जला अलाव-
ठंडा पड़ा अलाव है, बर्फ हो रही देर...

Posted on: Nov 26, 2019. Tags: ANUPPUR MP CHANDRABHAN SINGH MARKO SONG

भजन : चरण-सरण में आई के धरुं तुम्हारा ध्यान...

ग्राम-छुलकारी, पोस्ट पसला, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश ) से लल्लू केवट एक भजन सुना रहे हैं:
चरण-सरण में आई के धरुं तुम्हारा ध्यान-
संकट में रक्षा करो पवन पुत्र हनुमान-
दुर्गम काज बनाई के किन्ही भक्त राज-
अब मोरी विनती सुनो हे अंजनी के लाल-
लहर-लहर लहरावयं जैसे गंगा के पानी जी-
कलपत हवै डूबकी लगा ले, राम कहानी जी-
एक घाट माँ शिवशंकर बिराजे, दुसर घाट पार्वती मईया जी-
चरण-सरण में आई के धरुं तुम्हारा ध्यान...

Posted on: Nov 25, 2019. Tags: ANUPPUR MP KEWAT LALLU SONG

सामनें एक चौवपाल है...कविता-

ग्राम-रक्सा पोस्ट-फुनगा, थाना-भालुमाड़ा, तहसील-जैतहरी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या एक कविता सुना रही है:
सामनें एक चौपाल है-
वहा पर कुछ लोग बेठे है-
तभी गीत ही एक ऊपर है-
चुह चुह चिड़िया चहकी-
मुह में मह मह कलियाँ महकी-
पूर्व दिशा में लाली गोली-
भारत माता बच्चों से बोली-
गीत से बस चीज के साथ...

Posted on: Nov 25, 2019. Tags: ANUPPUR MP DIVYAJOGI

भजन : महादेव तुम्हारे चरणों का, जब हमको फीका न हो जाता...

ग्राम-छोलकारी, पोस्ट-पसला , जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक भजन गीत सुना रहें है:
महादेव तुम्हारे चरणों का, जब हमको फीका न हो जाता-
तो संकट सारे मिट जाते, निर्भय हमारा हो जाता-
इस भाव में अटकी है नईया, मल्लाहे तुम्ही तो हो गुरु वर-
थोड़ी मदद जो कर देते, नईया भी किनारा हो जाता-
मैं दुःख का सहायता हो दुखिया, क्यों मेरी याद भुलाए हो-
कर मेरे दुखों हर लेते, जीने का सहारा हो जाता-
महादेव तुम्हारे चरणों का, जब हमको फीका न हो जाता...

Posted on: Nov 17, 2019. Tags: ANUPPUR MP LALLURAM KEWAT

लोक गीत : तै अगोर ले बे रे संगी, जायेके बेरा कुवां पार मा...

ग्राम-ताराढाड़, जिला-अनुपपुर (छत्तीसगढ़) से बाबूलाल नेटी छत्तीसगढ़ी लोक गीत सुना रहा है:
बटकी मा बाशी अउ चुटकी मा नून-
मैं गावत हव ददरिया तै कान दे के सुन-
तै अगोर ले बे रे संगी, जायेके बेरा कुवां पार मा-
आमा टोरे खाहुच कहिके, मोला दगा मा दारे-
आहुच कहिके कुवां पार-
तै अगोर ले बे रे संगी, जायेके बेरा कुवां पार मा-
एक पेड़ आमा छत्तीस पेड़ जाम-
मधुबन के चिरैया बोलथे राम-राम, कुवां पार मा-
तै अगोर ले बे रे संगी, जायेके बेरा कुवां पार मा-
धान ला लुये टूटेला कनकी,
भगवान के मंदिर मा बजा दे बन्सी, कुवां पार मा-
तै अगोर ले बे रे संगी, जायेके बेरा कुवां पार मा...

Posted on: Nov 16, 2019. Tags: ANUPPUR MP BABULAL NETI SONG

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