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जाति बाति दाई लयोर रो मंडाते उदिता...गोंडी विवाह गीत

पंचायत-कोयलीबेडा, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रामबाई कोरेटी और कुमारी कोरेटी एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे हैं :
रे रे रे लोयों राला रे रे रेला राला रे रे रेला-
रे रे रे लोयों राला रे रे रेला राला रे रे रेला-
जाति बाति दाई लयोर रो मंडाते उदिता दुल्हि किलेयता-
गडाते उदितोर दुल्हे कवय्तोर-
रे रे रे लोयों राला रे रे रेला राला रे रे रेला-
गाना रिसे दाई मरमा रो उठना रिसे दाई मरमा रो...

Posted on: Aug 10, 2018. Tags: CG GONDI SONG KANKER KUMARI KORETI RAMBAI KORETI

नींदों नान्दा करसा रोये नोनी नींदों...गोंडी गीत

ग्राम-बोंदानार, विकासखंड-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से बुदनी, सुमित्रा और शांति एक गोंडी गीत सुना रहे है:
री री लोयो रीलो री री लो री लोय-
नींदों नान्दा करसा रोये नोनी नींदों-
नावा करसा निया रोये नोनी-
नीवे नायो नाय कायो कांदा-
री री लोयो रीलो री री लो री लोय...

Posted on: Aug 10, 2018. Tags: BUDNI CG GONDI SONG KANKER SHANTI SUMITRA

वनांचल स्वर: पहले के लोग जंगल पहाड़ से करील, चिरोटा भाजी आदि खाकर जीवन यापन करते थे...

ग्राम-वेरसेनार, पंचायत-बेसगाँव, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गाँव की बुजुर्ग महिला पार्वती गोंडी भाषा में सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा की रानो वड्डे को बता रही है कि पहले ज़माने के लोग जंगल पहाड़ से जाकर सब्जी भाजी ढूँढकर लाते थे जैसे करील, चिरोटा भाजी पहले आदिवासी लोग ये सब खाकर जीवन यापन करते थे जिससे वे स्वस्थ रहते थे पर वे कह रही हैं कि आज के लोग पूरा बाजार पर निर्भर हो गए है| और अभी बाज़ार में सभी चीज में केमिकल मिला वाला खाना मिलता है, चावल में केमिकल है सब्जी में केमिकल है और चूंकि हर चीज बाजार से लेकर खा रहे हैं इसलिए अब के लोग जल्दी और बार बार भी बीमार पड़ जाते है|

Posted on: Aug 09, 2018. Tags: CG GONDI KANKER PARVATI

रीलो रीलो रीलो एलो सो रीलो रीलो रो एलो ले...गोंडी विवाह गीत

ग्राम-जैतपुर, पंचायत-बेहसालेभट, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गाँव की महिलाएं एक गोंडी विवाह गीत सुना रही है:
रीलो रीलो रीलो एलो सो रीलो रीलो रो एलो ले-
कारेंगा कारेन्गा मिसन्गा आकिंग कारेलेन्गा दादा ले –
एदला दयाकाल एलो ले नाना मर्मिंग दयाकाल रो एलो ले –
कारेंगा कारेन्गा मिसन्गा आकिंग कारेलेन्गा एलो ले-
देवा एलो देवा निमा यो मिसन्गा आकिंग कारेलेन्गा दादा ले...

Posted on: Aug 09, 2018. Tags: CG GONDI SONG KANKER RANO WADDE

हमारे गाँव का नाम तल्लाबेड़ा कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी (गोंडी भाषा में)

ग्राम-तल्लाबेड़ा, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से ग्रामीण मंगूराम, लक्ष्मण सिंह और श्यामलाल सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के अंकित पड़वार को बता रहे है कि आज उनके गाँव में लगभग 100 घर है और बहुत वर्ष पहले उस गाँव का नाम तल्लाबेड़ा कैसे पड़ा| बताया जाता है कि वहां पर शेर का बहुत आतंक था जो किसी भी जानवर का शिकार करता था और उसका सिर को लाकर यहाँ गाँव में छोड़ता था, गोंडी भाषा में सिर को तल्ला कहा जाता है, इसलिए गाँव का ये नाम दिया गया, यह नाम उनके पूर्वजों ने दिया है पूर्वजों के समय में उस गाँव में लगभग 6-7 घर ही थे, जो आज बढ़कर 100 घर है | अंकित पडवार@9993697650.

Posted on: Aug 09, 2018. Tags: CG GONDI KANKER LAKSHAN SINGH MANGURAM SHYAM LAL

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