दीपावली त्यौहार में खुशियाँ मनाने के साथ-साथ कुछ सावधानियों का ख्याल रखना जरुरी है...

जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से भोला बघेल बता रहा है दीपावली त्यौहार में उत्साह एंव खुशियाँ मनाने के साथ-साथ कुछ सावधानियां भी बरखनी पड़ती है, जैसे दीपावली त्यौहार में फटाके जलाते समय कई लोग प्रकार की से जलाना यही बुल जाते है और अपनी ही जान जोखिम में लगा देते है इसी सन्दर्भ में बचने का उपाय बता रहा है, इसमें कई प्रकार की किनिकल मिला रहा है जैसे लेड, मैग्नीज, कापर, पोटेशियम आदि प्रकार के मिला रहता है, जो इनके धुवाँ फेफड़े चले गये तो दिक्कतें में पड़ जाते है. इस लिए अपने आस-पास सुरक्षा के व्यवस्था बनाए रखना चाहिए. अगर किसी प्रकार की कोई घटना हो जाता है या फिर जल जाता है तो जले हिस्से से कपड़ा नही हटाना चाहिए और किसी प्रकार की कोई पट्टी भी नही करे उसे तात्कालिक अस्पताल ले जाना चाहिए. घर के छोटे बच्चों के ऊपर भी निगरानी बनाए रखना चाहिए. फटाके के अवशेष को हाथ नही लगाना चाहिए. साँस के रोगियों को इस स्थान से बिलकुल ही दूर रहना चाहिए जिसे संतुलित हवा ले सके.

Posted on: Oct 27, 2019. Tags: BAGHEL BASTAR CG BHOLA STORY

तकनिकी अपना कर मशरूम की खेती किया जा रहा है, जगदलपुर बस्तर छत्तीसगढ़...

इंद्रा गाँधी कृषि फार्म (संस्थान) जगदलपुर जिला- बस्तर (छत्तीसगढ़) से भोला बघेल और उनके साथ खिरेन्द्र जोशी बता रहा है, मशरूम उत्पादन खेती कार्य पिछलें 26 सालों से कार्यरत है अभी तक बस्टन मशरूम एंव आस्ट्र्र मशरूम मासरूमो का उत्पादन किया जाता है. कुछ फसलों के लिए अधिक व्यवस्था की जरुरत पड़ता है जिसे एक अच्छा फसल तैयार हो सके इस कार्य को आस-पास के ग्रामीणों को भी कार्य सीखते है जिसे इस कार्य को सीखकर अपना भी मुनाफा भी कर सके.

Posted on: Oct 26, 2019. Tags: BASTAR CG BHOLA BAGHEL STORY

छत्तीसगढ़ जिला बस्तर में मौसम के अनुसार त्योहारों को एक अनोखा दृश्य से मनाया जाता है...

भारत त्योहारों का देश हैं। यहां हर मौसम और क्षेत्र का एक त्योहार है। छत्तीसगढ़ के बस्तर में बरसात के सीजन में नई फसल तैयार होने पर एक खास त्योहार मनाया जाता है बस्तर धुरवा और हल्बा जनजाति बाहुल क्षेत्र है, जहां पिछले दिनों नवा खानी पर्व मनाया गया। बस्तर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की कई जगह में इसके अलावा और भी कई तरह के त्योहारों को मनाते है जैसे : हरेली, पोला, पितृपक्ष, नवरात्रि, दशरहा, दीपावली, पुष्पुनी, मंडई-मेला, फागुन, देवी-देवता (चैत्र) आदि त्यौहार का समयानुसार मनाने का रिवाज है |

Posted on: Sep 26, 2019. Tags: BASTAR BHOLA BAGHEL CG

प्राथना गीत : भगवान ये तेरी लीला को, कोई क्या जाने कोई क्या जाने-

भोला बघेल छत्तीसगढ़ जिला बस्तर के अलग-अलग स्थानों में आये दिन पुलिस एंव नक्सलवाद मुडभेड होना जहाँ कुसुर-बेकुसूर लोग मारा जाने की खबर सुर्खियों में पढने को मिलता है जिसे इस देश विदेश के लिए अच्छाई का प्रतिक नही माना जा रहा है. इसी संदर्भ में शांति के लिए प्राथना सुना रहा है:
भगवान ये तेरी लीला को, कोई क्या जाने कोई क्या जाने-
भगवान दया करुणा बरसाओ, हम इंसानों सद्बुद्धि दो-
जीवन दिया है हम सबों को, कोई भी माने भी या ना माने-
जैसा कर्मा हम करते दुनिया में, वैसा ही फल हमे मिलता है-
तू ऊपर वाला प्यारा पिता, धरती ये हमारी माता है-
जब-जब पाप होता दुनिया में, तू धर्मं पिताओं भेजा है-
सर्दी गर्मी, बरसात यह बनाया, जीवन धरती पर तूने बसाया-
भगवान ये तेरी लीला को कोई क्या जाने कोई क्या जाने...

Posted on: Sep 25, 2019. Tags: BASTAR BHOLA BAGHEL CG SONG

बस्तर छत्तीसगढ़ के कार्यक्रम नवा खाई...

जिला बस्तर (छत्तीसगढ़) से उमा धुर्वे बता रही है पूर्वजो से चले आ रहे नवा खाई कार्यक्रम रूढ़िवादी परम्परागत बस्तर छत्तीसगढ़ में अनोखा या फिर कहे एक विशेष रूप से मनाते है | नये धन की बाली को अपने देवी देवताओं या बुढा देव को अर्पित कर अपने घर आते है | घर के महिलायें फुल आरती, चावल, लाली, तिलक लगाकर पाँव पखारती है घर के विशिष्ट देवी देवता को नारियल, धुप लाली लगाकर पूजा अर्चना कर नारियल गुड का प्रसाद तथा नये चावल से बनाया गया खिर (कोरिया) पेड़ की पत्ते में घर के सभी सदस्य ग्रहण करते है इस पत्ते का विशेष महत्व है बर्तन का प्रयोग नही करतें है | इसके बाद दुसरे दिन गाँव लोग नवा खाई के अवसर पर एक दुसरे को बधाई देते है...

Posted on: Sep 08, 2019. Tags: BASTAR CG UMA DHRUV

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