ये धरती हिंदुस्तान की, यह धरती है न मेरी है...कविता-

ग्राम-कुम्हारी, पंचायत-भैसागाँव, विकासखण्ड-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से दिव्यंका पांडे, पूजा पोटाई और माही जैन एक कविता सुना रहे हैं :
ये धरती हिंदुस्तान की, यह धरती है न मेरी है-
ये देश किसी के शान की-
खेत में इसके उगे सच्चाई, प्यार भरा खलिहानों में-
बाग मे खुशबू उड़े अमन की-
दिया जले तुफानो में...

Posted on: Apr 20, 2019. Tags: ANTAGARH CG KANHAIYALAL KEWAT KANKER POEM

2016 से डेम टूटा है, बनवाने के लिये आवेदन करते हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती...मदद की अपील-

ग्राम-डांगरा, पंचायत-बैहासाले, पोस्ट-कोलर, विकासखण्ड-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अर्जुन सिंह गावड़े और मंगलराम नुरेटी बता रहे हैं| गांव में पानी की समस्या है| वर्ष 2003 में डेम का उत्घाटन किया गया था| जो 2016 में टूट गया| जिसके कारण वे खेती नहीं कर पा रहे हैं | डेम को बनवाने के लिये निवासियों ने अधिकारियों के पास आवेदन किया| लेकिन अभी तक कोई कारवाही नहीं हो रही है| इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं, कि दिये गये नंबरों पर बात कर डेम बनवाने में मदद करें : संपर्क नंबर (अर्जुन सिंह गावड़े)@7648041658. CEO@9131375990, SDM@9406174949.

Posted on: Apr 19, 2019. Tags: ANTAGARH BASTRA CG KANHAIYALAL KEWAT PROBLEM

छ: साल की छोकरी भरकर लाई टोकरी...कविता-

ग्राम-कुम्हारी, पंचायत-भैसागाँव, विकासखण्ड-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से यमुना, दिव्यानी पांडे, दिव्या, अंजली एक कविता सुना रहे हैं :
छ: साल की छोकरी भरकर लाई टोकरी-
टोकरी में आम है, नहीं बताती दाम है-
नाम नहीं है पूछना, हमें आम है चूसना...

Posted on: Apr 19, 2019. Tags: ANTAGARH CG KANHAIYALAL KEWAT KANKER POEM

होंगे कामयाब, हम होंगे कामयाब एक दिन...देश भक्ति गीत-

ग्राम-कुम्हारी, पंचायत-भैसागांव, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीलिमा हुसेंडी, यमुना वैस, विद्या और दिव्या एक कविता सुना रहे हैं :
होंगे कामयाब, हम होंगे कामयाब एक दिन-
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास-
हम होंगे कामयाब एक दिन-
हम चलेंगे साथ-साथ, डाल हाथों में हाथ-
हम चलेंगे साथ-साथ, एक दिन-
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास...

Posted on: Apr 07, 2019. Tags: ANTAGARH CG KANKER RADHA KACHLAM SONG

हाथी भालू दोनों में था, सच्चा-सच्चा मेल...कविता-

ग्राम-कुम्हारी, पंचायत-भैसागांव, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीलिमा हुसेंडी और यमुना वैस एक कविता सुना रहे हैं :
हाथी भालू दोनों में था, सच्चा-सच्चा मेल-
दोनों मिलकर खेल रहे थे, लुका छिपी का खेल-
हाथी बोला सुन भैया भालू मै अब छुपने जाता हूं-
पानी वाली जगह मिलूंगा पक्की बात बताऊंगा...

Posted on: Apr 07, 2019. Tags: ANTAGARH CG KANKER POEM RADHA KACHLAM

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