दुष्टों के बीच दोस्ती अधिक देर तक नहीं चलती...कहानी -

एक बार गाँव में एक महात्मा आये, गाँव के लोगो ने श्रद्धा से उनके रहने की व्यवस्था की प्रतिदिन ग्रामवासी उनके लिए खाने का प्रबंध कर देते इस तरह से महत्मा का जीवन यापन हो जाता था जब प्रबंध नहीं हो पता तो उपवास रख लेते थे कुछ दिनों बाद महात्मा ने लगातार उपवास किया | तब लोगो ने एक दुधारू गाय ला कर दी जिसे चुराने के लिए एक चोर ने सोची और चोरी करने के लिए निकला तभी उसे रास्ते में एक व्यक्ति मिला जो भूत था उन दोनों में मित्रता हुई और दोनों अपने काम के लिए चले लेकिन जैसे ही काम करने को गए दोनों का विवाद हो गया और दोनों आपस में लड़ने लगे जिससे शोर हो गया जिससे दोनों पकडे गए इससे यह निष्कर्ष निकलता है दुष्टों के बीच दोस्ती अधिक देर तक नहीं चलती। उषा सिंह उइके@7909655194

Posted on: May 27, 2017. Tags: USHA SINGH UIKEY

बन्नी बैठी है कमरे में हँसे मन-मन में...विवाह गीत -

ग्राम-कन्हौली, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से उषा देवी एक विवाह गीत सुना रही हैं :
बन्नी बैठी है कमरे में हँसे मन-मन में – सजन घर जाना है-
बन्नी कि मांगों में टीका सोहे-
पटवा लगा के बिदा कर दो-
सिंदूर से मांग भर दो-
मुआ से गोद भर दो-
बन्नी के अंगो में चुनरी सोहे-
गोटवा लगा के विदा कर दो-
बन्नी बैठी है कमरे में हँसे मन-मन मे...

Posted on: May 26, 2017. Tags: USHA DEVI

सास बहू की कहानी...

ग्राम-रक्षा, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से उषा सिंह उईके एक कहानी सुना रही हैं:
किसी गांव में सास और बहू रहते थे एक दिन सास ने कहा मै तीर्थ जा रही हूँ, जो दूध दही होता है उसे बेच कर पैसा एकत्र कर लेना इसके बाद वो चली गई, चैत्र वैशाख का महीना था उनकी बहू सारा दूध दही पीपल, तुलसी के पेढ पर डाल देती और खाली बर्तन ला कर रख देती, तीर्थ करने के बाद जब सास वापस आई तो पैसे मांगी तो बहू ने सारा दूध पीपल पर डालने की बात बता दी इस पर सास ने कहा जैसा भी हो मुझे पैसे चाहिए, तब बहू पीपल और तुलसी के पास जाकर बैठ गई कहा कि मेरी सास मुझे दूध दही के पैसे मांग रही है मुझे पैसे दो तब पीपल कहता है बेटी हमारे पास पैसे नही है, कंकड़ पत्थर है इन्हें ले जा वह उठा कर अपने घर ले आई जब सुबह सास ने पूछा पैसे दो तो बहू ने अपना कमरा खोला तो देखा कि हीरे मोतीयों से पूरा कमरा जगमगा उठा बहू ने कहा ले लो अपने पैसे, यह देखकर सास के मन में भी लालच आया और वह भी बहू के जैसे ही रोज़ दूध दही पीपल और तुलसी में डालने लगी और बदले में एक दिन बहू जैसे पैसे मांगने लगी पर उसे कुछ नहीं मिला इस कहानी से यह संदेश जाता है कि लालच नही करना चाहिए-

Posted on: Apr 28, 2017. Tags: USHA SINGH UIKE

समना भदौना पुरवा पछिवना से उठी रे...बघेली सावन गीत-

ग्राम-डभौरा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से उषा बघेलखंडी भाषा में एक सावन गीत सुना रही हैं :
समना भदौना पुरवा पछिवना से उठी रे-
ददरिया बरस लागे ना-
मुहे ननी नानी बुंदिया बरस लगे ना-
पुरवा पछिवाना से उठी रे बदरिया-
अपने महलिया से ससुरो निहारे-
आवत होई न मोर पतली-
पटोहिया बेज्जती होई ना...

Posted on: Apr 16, 2017. Tags: USHA REWA

ये जी आमा महुआ के झूले डालिय...प्रकृति गीत-

कन्हौली, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से उषा देवी आम एंव महुआ फूल से संबंधित एक गीत सुना रही है :
ये जी आमा महुआ के झूले डालिय-
तानि तकाना बलमा महार ओरिया-
महुआ फुलाय गईले, अमुआ मौजैरी गईले-
ये जी आमा महुआ के झूले डालिय-
तानि तकाना बलमा महार ओरिया...

Posted on: Apr 14, 2017. Tags: USHA DEVI

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