कुटुंब न्यायलय व्यस्था...

वहिनी दरबार, ग्राम-नुनारी, पंचायत-जतरी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुषमा कुटुंब न्यायालय के संबंध में जानकारी दे रही हैं कुटुंब न्यायलय पारिवारिक मामलों के निराकरण के लिये बनाया गया है, इसका प्रमुख उद्देश्य है पारिवारिक समस्याओं जैसे विवाद, तलाक, भरण, पोषण, संरक्षण, पति-पत्नी से संबंधित विवाद आदि का निराकरण करना है| कुटुंब न्यायालय सन 1984 में संख्या 83 के अंतर्गत लागू किया गया है| विधानमंडल द्वारा बताया गया है कि परिवार के सभी विवादों का जल्द से जल्द समाधान हो|

Posted on: Jan 14, 2020. Tags: INFORMATION MP REWA SUSHAMA

अधिकारियों द्वारा योजना की जानकारी नहीं देने से लाभ नहीं मिला...

ग्राम-नमाडी, पंचायत-जतरी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुषमा चर्मकार बता रही हैं उन्हें मातृत्व वंदना योजना का लाभ नहीं मिला है, वे 5 साल से अपने पिता के घर में रह रही है, उनका समग्र आईडी में नाम है BPL कार्ड, आधार कार्ड बना है, वे गर्भवती थी ये जानकारी किसी आंगनवाड़ी केंद्र में दर्ज नहीं है, वे दो बार गर्भवती हो चुकी हैं और दोनों बार उन्होंने टीकाकरण पूरा लगवाया और पोषण आहार मिला है, 2019 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डभौरा में उनके पहले बच्चे का जन्म हुआ लेकिन हास्पिटल में आक्सीजन की सुविधा नहीं होने के कारण बच्ची की मृत्यु हो गयी थी, जिसकी आर्थिक सहायता उन्हें नहीं मिली, उन्हें जानकारी मिली की प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत उन्हें 16 हजार मिलना था वह भी नहीं मिला है, उनके 2 बच्चे हुये हैं लेकिन किसी का नाम केंद्र में दर्ज नहीं है और उन्हें केंद्र के द्वारा योजना के संबंध में भी कोई जानकारी नहीं दिया गया और फॉर्म भी नहीं भरा गया इसलिये वे सभी श्रोताओं से अपील कर रही हैं कि दिये गये नंबरों पर बात कर योजना का लाभ दिलाने में मदद करें और उन अधिकारियों पर उचित कारवाही हो जो लोगो को सही जानकारी नहीं देते : महिला बाल विकास अधिकारी@9479647494. संपर्क नंबर@ 9752809781.

Posted on: Jan 07, 2020. Tags: MP PROBLEM REWA SUSHAMA CHARMKAR

सावित्री बाई फूले का जीवन...

सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। इनके पिता का नाम खन्दोजी नेवसे और माता का नाम लक्ष्मी था। सावित्रीबाई फुले का विवाह 1840 में ज्योतिबा फुले से हुआ था।
सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थीं उनको महिलाओं और दलित जातियों को शिक्षित करने के प्रयासों के लिए जाना जाता है। ज्योतिराव, जो बाद में ज्योतिबा के नाम से जाने गए सावित्रीबाई के संरक्षक, गुरु और समर्थक थे। 1852 में उन्होंने बालिकाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की। वे स्कूल जाती थीं, तो विरोधी लोग पत्थर मारते थे। उन पर गंदगी फेंक देते थे। आज से 160 साल पहले बालिकाओं के लिये जब स्कूल खोलना पाप का काम माना जाता था कितनी सामाजिक मुश्किलों से खोला गया होगा|

Posted on: Jan 06, 2020. Tags: MP REWA STORY SUSHAMA

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