भोले बाबा भोले बाबा, बाबा तेरा ही सहारा है...भजन

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक भजन सुना रहे हैं:
भोले बाबा भोले बाबा, बाबा तेरा ही सहारा है-
बाबा जी के जटाओं में गंगा की धारा है-
बाबा जी के गलों में सर्पों की माला है-
बाबा जी के कमरों में मृगा की छाला है-
बाबा जी के हाथों में डमरू और त्रिशूल है-
भोले बाबा भोले बाबा, बाबा तेरा ही सहारा है...

Posted on: Jun 06, 2019. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG

India Is My Country...Poem

ग्राम-झरना, ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से अमित राठिया एक कविता सुना रहे हैं :
India is my country-
All Indians are my Brothers and Sisters-
I love my country-
and I am proud of its rich and varied heritage-
I shall always strive to be worthy of it-
I shall give respect to my parents, teachers and all elders…

Posted on: Jun 06, 2019. Tags: AMIT RATHIYA CG POEM RAIGARH

मजधार में मै अटकी बेडा पार करो माँ...भजन गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से समीर सिदार एक भजन गीत सुना रहे हैं :
करती हूँ तुम्हारा ब्रत मै, स्वीकार करो माँ-
मजधार में मै अटकी बेडा पार करो माँ-
हे माँ संतोषी, माँ संतोषी-
बैठी हूँ बड़ी आशा से तुम्हारे दरबार पे-
क्यों रोई तुम्हारी बेटी ये संसार में-
पलटा दो मेरी भी किस्मत चमत्कार करो माँ-
मजधार में मै अटकी बेडा पार करो माँ...

Posted on: Jun 06, 2019. Tags: CG RAIGARH SAMIR SIDAR SONG

मईया ला चुनरी चढ़ाबो जी चला सखी मिलके...जस गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से समीर सिदार एक जस गीत सुना रहे हैं :
मईया ला चुनरी चढ़ाबो जी चला सखी मिलके-
मईया बर हलुवा बनाबो जी चला सखी मिलके-
मईया के सेवा बजबो जी चला सखी मिलके-
मईया के मन भावन लाली-लाली फुलवा-
लाली-लाली फुलवा माँ की, लाली-लाली फुलवा-
मईया बर माला बनाबो जी चला सखी मिलके-
मईया के मन भावे पुड़ी अउ हलुवा...

Posted on: Jun 05, 2019. Tags: CG RAIGARH SAMIR SIDAR SONG

हरी ने हरी को चर गया, कि हरी गया हरी पास...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कविता सुना रहे हैं :
हरी ने हरी को चर गया, कि हरी गया हरी पास-
की हरी को देख हरी भाग गया, कि हरी मन हुआ उदास-
हरी देख हरी पास गया, हरी मन हो गया उल्लास-
हरी देख हरी ने सूत गया, हरी मन हो गया उदास-
हरी ने हरी को ले उड़ा, हरी गया समंदर पार-
हरी ने हरी से जा भिड़ा, हरी ने हरी का किया उद्दार-
हरी देख हरी गया हरी के पास, हरी को हरी न मिला...

Posted on: Jun 05, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

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