मेरा उम्र हुआ 55 का चाल चलन है बचपन सा...रचना-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक रचना सुना रहे हैं :
मेरा उम्र हुआ 55 का चाल चलन है बचपन सा-
हरियाली सी प्रेम सदा एक सा-
तू जिंदगी में न करना कभी भी खेती एक सा-
धान बोओगे तो कोदो जागेगा-
लोहे की खेती तुझे खूब भायेगा-
और जब तू कोयले घोटाले में फंस जायेगा-
तो तेरा बाप भी तुझे न बचा पायेगा...

Posted on: Apr 25, 2019. Tags: CG COMPOSITION KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH

सबसे अच्छा देश हमारा, सबको मिला सामान अधिकार...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
सबसे अच्छा देश हमारा-
सबको मिला सामान अधिकार-
न जात, पात न धर्म भेद-
मिला सबको एक सा जीने का अधिकार-
पर नेताओ ने पर्थघाती कर दिये सब नार खार-
ऐसे नेताओं को देश नहीं चाहिये

Posted on: Apr 24, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

रुक जा पंक्षी मत इतरा, नहीं चलेगा कल से बस तेरा...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसग) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
रुक जा पंक्षी मत इतरा-
नहीं चलेगा कल से बस तेरा-
मद मस्त मौला बन पथ में जरा-
पग-पग फनकारों का पहरा-
ये दुनिया रहती खफा खफा-
तेरा यहां नहीं चलेगा कोई सफा...

Posted on: Apr 23, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

गावत रईथे गावत रईथे, भागवत गीता ला मै गावत रईथे जी...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
गावत रईथे गावत रईथे-
भागवत गीता ला मै गावत रईथे जी-
कोनो सुनईया रहतिन ता रामायण ला-
मै गावत रईथे जी-
कोनो घर मा आंट नईये-
नइये कोनो हांथ के बचईया...

Posted on: Apr 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

चौकीदार को दमदार और होसियार होना चाहिये...कहानी-

एक दिन की बात है| एक प्यासा शेर पानी की तलास में निकला| काफी दूर चलने के बाद उसे एक नदी मिला| वह पानी पिया और आराम करने के लिये एक बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गया, और गहरी नीद सो गया | जब शेर जगा सूर्यास्त होने वाला था| नदी पास ही एक गांव था| वह सोचा थोड़ा घूमकर आया जाय| और चल पड़ा गांव में एक कुत्ता घूम रहा था| शेर ने पूछा तुम कौन हो भाई कुत्ता बोला मै गांव का चौकीदार हूँ| लोग मुझे चाहते हैं| खाने को देते हैं| कुत्ते के पूछने पर शेर बोला मै जंगल का राजा हूँ| मुझसे सभी डरते हैं| कुत्ता बोला इधर कैसे आये| मै तुम्हे नहीं आने दूंगा| तब शेर ने उस पर वार करने को सोचा | लेकिन कुत्ता होसियार था| वह भागकर जोर से भौकने लगा| आवाज सुनाकर दूसरे कुत्ते और गांव के लोग आ गये, जिसे देखकर शेर को जान बचाकर भागना पड़ा|

Posted on: Apr 15, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH STORY

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