ये धरती, ये जंगल, ये नदियां, ये पेड़ों के झुरमुट...प्रकृति कविता -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
ये धरती, ये जंगल, ये नदियां, ये पेड़ो के झुरमुट-
इनके आगोश में रहकर मिलता स्वर्ग का सुख-
इनकी रक्षा करें, ये हमारे रक्षक-
इनको कर लो थोडा नमन...

Posted on: May 24, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

चलो जी सखी, चलो जी साथी, कलेक्टर कर जावो...गीत -

ग्राम-तमनार, जिला-रायग़ढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक गीत सुना रहे है :
तन न न न न जी, तन न न न न-
चलो जी सखी, चलो जी साथी-
चलो जी भौजी, चलो जी मितानी-
कलेक्टर कर जावो, कलेक्टर कर जावो-
कलेक्टर कर जाके भी दी, सुख दुःख ला करावो-
कलेक्टर हमर जिला के, मालिक हवे,
ऊला हमर दुःख सुख ला जनावो-
हमर सुख दुःख ला जनवा के, संगी साथी-
ओकर अपन गुहार लगावो-
ओकर कना जी बड़े दयालु-
चलो जी सखी, चलो जी साथी-
चलो जी भौजी, चलो जी मितानी...

Posted on: May 22, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

आइना कतरा रहा है कुछ तो है...गजल -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक गजल सुना रहे हैं :
आइना कतरा रहा है कुछ तो है-
राग मीठा गा रहा है कुछ तो है-
धुप को क्यों पसीना आ रहा है-
खौफ क्यों घबरा रहा है कुछ तो है-
कूक उठती थी कोयल जो बाग़ में-
छोड़ कर अल्हड पतंगी क्यों-
बंदूके लहरा रहा है कुछ तो है-
मखमली सेजो पे जो सोया रहा-
तख़्त के आगोश में खोया रहा-
पालकीरथ में सदा था सवार-
आज पैदल जा रहा है कुछ तो है-
सरफरोशी की तमन्ना दिल में थी-
बस निगाह जीत का मंजिल में था-
पगों पे नजर टिकाये है सदा-
और सर खुजला रहा है कुछ तो है-
हमसफ़र हमनिवाला था मेरा-
संग हसने रोने वाला था मेरा-
अजनवी लगता है जाने आज क्यों-
दिल डूबा जा रहा है कुछ तो है
तुझपे हर ख़ुशी कुर्बान
तेरे जीने का सभी समा-
घर के कोने पर पड़ा बेजान सा-
खुद से बतिया रहा है कुछ तो है-

Posted on: May 21, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

हमारे आदिवासी क्षेत्र के अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों के पद हैं पर डाकटर नहीं हैं कृपया मदद करें...

ग्राम तमनार, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी बता रहे है उनके तमनार क्षेत्र स्थित सरकारी हॉस्पिटल में स्त्रीरोग विशेषज्ञ, शिशुरोग विशेषज्ञ, हड्डीरोग विशेषज्ञ, सर्जन एवं एम.डी. की पोस्टिंग है लेकिन कोई भी इस तरह का चिकित्सक वहां उपस्थित नहीं रहते है जिससे लोगो को समस्याओं का सामना करना पड़ता है और अधिक पैसे खर्च कर शहर को जाना पड़ता है यह एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है और अधिकतर लोगों की आमदनी काफी कम है इसलिए अगर शासन से यह सुविधा होगी तो लोगों को मदद होगी इसलिए वे सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद करने की अपील कर रहे है कि कृपयास्वास्थय मंत्री अमर अग्रवाल@07712331020 को फोन कर दबाव डालें, कन्हैयालाल@ 9981622548

Posted on: Apr 10, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

एक दिन दुर्योधन पीपल के पेड़ के नीचे पेशाब कर रहा था...पांच पांडवों पर आधारित कहानी-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी पांच पांडवों की एक पौराणिक कहानी जो दुर्योधन पर आधारित है सुना रहे हैं. एक दिन दुर्योधन पीपल के पेड़ के नीचे पेशाब कर रहा था उसके पेशाब से पीपल का बीज बहने लगा तब एक दासी वहां से गुजरी और हंसने लगी उसने उस समय कुछ भी नहीं कहा उसके बाद वह राज दरबार में दासी को बुलवाया और प्रश्न किया कि तुम मेरे पेशाब करने पर क्यों हँसी इस पर दासी ने जवाब दिया आपके पेशाब करने से जब इस विशाल वृक्ष का बीज बह गया तो ये पांच पाण्डव आपका क्या क्रर लेंगे आप तो इन्हें ऐसे ही समाप्त कर देंगे। यह सुनकर तब दुर्योधन बहुत खुश हुआ और उस दासी को बहुत इनाम दिया | पडियारी@9981622548

Posted on: Apr 09, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

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