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बजगरी मन मगन बाजा बजावत है जी, झेंडा झेड़ी मन मगन नाचत हवे जी...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता सुना रहे है:
बजगरी मन मगन बाजा बजावत है जी, झेंडा झेड़ी मन मगन नाचत हवे जी-
जे दिन साथिन मन तेल हल्दी चड़ावत हवे जी, दूल्हा दुल्हिन के मन ह देख नाचत हवे-
वैद मन्त्र बामण सुनाथ हवे जी, आगी के आघु मा भवर इज़ारत हवे जी-
सात भवर हल्दी के सात गाठ, गठीयावत हवे जी-
सात जनम खातिर नाता ला, जोड़त हवे जी-
बियाह के बंधना हवे छन्दना, ज़िदगी भर खातिर हवे सुघर गेहना...

Posted on: Apr 28, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

बेटी के लगन हो गए संगवारी...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
बेटी के लगन हो गए संगवारी-
सगा आके न्योता खा गए संगवारी-
सगा समधी ला न्योता दे-
आबो बेटी बहिनी ला बलाबो संगावारी-
आस पड़ोस हीत-प्रीत-
मीत-मितान जम्मो ला बलवाबो संगवारी-
आनी-बानी के बाजा बजवाबो-
संगवारी तेल चढ़ाबो हरदी मा खाबो-
देवी देवता ला मनवाबो-
सास सुआसिन तेल हल्दी चढ़ाहीं-
गाहीं बिहाव गीत संगीत-
गाहीं नाचहीं करहीं ठिठोली-
आही दुल्हा लेके बरात गाँठ जोड़ही-
भांवर परही बाम्हन दीही सौगात-
सारा मुटका मारही बहिनी खातिर-
लेही धोती कुर्ता ताली बजात-
आनी बानी दहेज़ डोला-
देके करबो बेटी के विदाई-
अपन माया प्रीत ला छाडके-
कहथों बेटी जाही सुन मामा दाई...

Posted on: Apr 24, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

दुःख अँधेरी रातो में, जगमगाती हंसमुख तारों के बीच...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
दुःख अँधेरी रातो में-
जगमगाती हसमुख तारों के बीच-
कोई चिराग ढूँढता हूँ-
पर मिलता नहीं कोई ऐसा चिराग-
मुझे तो दिखता है होता हुआ-
बर्बादी कैसा होगा हमारा भविष्य...

Posted on: Apr 22, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

वनांचल स्वर: जो मनुष्य रोज कड़वी नीम का पत्ती चबाकर खाता है, उसे कोई बीमारी नहीं होती है...

कडवा नीम हर जगह मिल जाता है, उसका फूल अभी खिला हुआ है| उसका फूल सब्जी बनाने के काम में आता है, उसे बडी, भटा के साथ बनाया जाता है| वह शरीर के लिए बहुत लाभदायक है| पेट और खून को साफ़ करता है, नीम के पत्ते को पीसकर भी पीया जाता है उससे शुगर को नष्ट करता है| जो मनुष्य रोज नीम का पत्ती चबाकर खाता है| उसे कोई बीमारी नहीं होता है इसलिए नीम हमारे जीवन के लिए बहुत फायदेमंद वृक्ष है| नीम का दातून भी किया जाता है वह हर जगह मिल जाता है| नीम के निबोली (फल) को भी खाया जाता है| उसे चिड़िया भी बहुत चाव से खाते है. नीम के पत्तो से धुंआ करने मच्छर भाग जाते है| इसलिए नीम का पेड़ हमारे लिए बहुत उपयोगी है| कन्हैयालाल पडियारी@9981622548

Posted on: Apr 11, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

तोर पायल बाजे छामा छम, दाई तोर पाचल वाये झामा झम...देवी वंदना -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक देवी वंदना सुना रहे है:
तोर पायल बाजे छामा छम, दाई तोर पाचल वाये झामा झम-
लढा बैगा तोला पूजे वो ओरगी देखाके वो-
नरियल भेला तोला चढाथे पथरा मा फोरी फोरी के-
सिंदूर कुम-कुम तोला चढाथे अपन हाथे जोड़ी के वो-
कारी गाय के गोरस मांगा के तोला वो नहाये वो-
गुमाडीन क्योंटिन घर ले लाइ मांगा के जोगर बनाये वो-
जोगर ला चढ़ाके दाई गान के रक्षा बर दुआ मांगे वो-
चिंतामणि गाँवटीया दाई तोरे मंदिर ला बांये वो...

Posted on: Apr 09, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

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