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मोर गाँव मोर अंगना, हमर सबके ये है प्राण...कविता -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं:
मोर गाँव मोर अंगना,हमर सबके ये है प्राण-
गाँव के मन अब साहब बनगे, भुलागेन खेती बाड़ी-
परे बर पांव माँ-बाप के लाज लागते-
जब भार्गव बन गये रहे भगवान्-
मोर तमनार अब बनथे महान-
चिपचिपा खार केलो बिहार बनगे-
डोली खेत टूटगे प्लांट, खुश बासी होगे-
किसान मोर तमनार होगे महान|
तमनार तो चले गये अब है सत्ताईस गाँव के बारी-
सोनकर भुइयां अब करिया परगे-
सब्बो बन ही कोयला खदान...

Posted on: Jan 21, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

मन से मन को मिलाइए, तो मन मन्दिर हो...गीत -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी गीत सुना रहे है:
मन ही मंदिर, मन ही पूजा, मन से बड़ा ना कोई-
मन से मन को मिलाइए, तो मन मन्दिर हो-
मन ही ब्रम्हा मन ही विष्णु, मन ही सदा शिव हो-
मन ही आकाश, मन ही पाताल, मन ही नक्षत्र हो-
मन ही गंगा मन ही यमुना, मन त्रिवेणी हो-
मन ही लक्ष्मी मन ही दुर्गा, मन ही सरस्वती हो-
मन से मन को मिलाइए, तो मन मन्दिर हो...

Posted on: Jan 16, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

बदहाली सड़के बदहाली गाँव...कविता -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सूना रहे है:
बदहाली सड़के बदहाली गाँव-
घपला हो रहा है पाँव-पाँव-
अंधियारे में खिलता गाँव-
कहां गया विकास का नाव-
खम्बा है पर बिजली नही-
स्कूल कॉलेज है पर शिक्षक नही-
स्वास्थ्य केंद्र है लेकिन दवा नही...

Posted on: Jan 15, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

टीवी से सब सीख लेते है, मोबाइल से करते बाते...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
टीवी से सब सीख लेते है-
मोबाइल से करते बाते-
बच्चो को आज सिखाना नही पड़ता-
आसमान से बाते कर लेते-
बोलना चलना सीख लिए तो-
अपने आप सब कुछ कर लेते है-
ओरो का नही करते है इंतजार...

Posted on: Jan 13, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

जाड हर क्रिकेट कसन चौका छक्का मारत हे...ठण्ड पर कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी ठण्ड के मौसम पर छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता सुना रहे है:
जाड हर क्रिकेट कसन चौका छक्का मारत है-
बुढा बाबा और तर्रा के आँख म घोसिला बारत हे-
बूढी दाईला टोटा फाड़ के जोर-जोर हाकत हे-
डोकरी हो डोकरी तुम लकरी जिटका थोड़े चुन तो-
हड्बड जाड कृत आवे आगी पानी गलो टरत आवे-
हंगरी-हंगरी टरावत आवे जाड घेरा घबरावत आवे...

Posted on: Jan 12, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI

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