5.6.31 Welcome to CGNet Swara

सूरज सा चमकू मैं, चंदा सा चमकू मैं...कविता-

भुईयांपारा, ग्राम पंचायत-भेड़िया, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मांति एक कविता सुना रही हैं :
सूरज सा चमकू मैं, चंदा सा चमकू मैं-
जगमग-जगमग उज्वल तारो सा दमकू मैं, मेरी अभिलाषा है-
नभ से निर्मलता लू, शशि से शीतलता लूं-
पर्वत सा दृढ़ता लू, मेरी अभिलाषा है-
मेघो सा मिट जाऊं, सागर सा लहराऊं-
सेवा की पथ पर मैं सुमनो सा बिछ जाऊं, मेरी अभिलाषा है...

Posted on: Oct 22, 2018. Tags: CG POEM PRATAPPUR ROOPLAL MARAVI SURAJPUR

मुझे भी कोई पंख देदो नील गगन में उड़ जाऊं...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मुझे भी कोई पंख देदो नील गगन में उड़ जाऊं-
तारो के जालो में घुस साफ निकल मै आऊं-
अत्याचार के आगे मैं शीष कभी ना झुकाऊं-
अत्याचार करने वालो से डटकर लोहा ले पाऊं-
ये दुनिया अब मुझे रास नही आता-
यहाँ देख रहा हूँ रो रही धरती माता-
ये उद्योगपति बड़ा लुटेरा-
किसानो से छीन जमीन, पग-पग जमा डाले अपना अपना बसेरा...

Posted on: Oct 20, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

सुना भईया गांव के किसान, मन में अब करा ध्यान...कविता-

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक कविता सुना रहे हैं :
सुना भईया गांव के किसान, मन में अब करा ध्यान-
लुटत-लुटत हमन ला, कर देहिन अपमान-
सुनला भईया गांव के किसान-
कमर ला टोर के, खून ला चूस लेहिन-
येमन ला दुनिया कहथे बेईमान-
बारिश धूप खेती करथन, येमन ला कमाइन-
ओखर रेट ला येमन बनाईन सुनला भईया गांव के किसान...

Posted on: Oct 20, 2018. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SURAJPUR

हाँ यह सत्य हैं कि माँ दूध पिलाती हैं बेटी को, सजाती है, संवारती है...कविता-

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक रचना सुना रहे हैं :
हाँ यह सत्य हैं कि माँ दूध पिलाती हैं बेटी को-
सजाती है, संवारती है, खेलाती है अपने बाँहो के झूलो में-
परन्तु यह भी सत्य है बाप कहाँ चूकता है रिश्ते को निभाने में-
मानता हूं, पत्थर का होता है दिल पुरुष का-
फिर भी बाप-बेटी का संबंध देखना हो तो-
देख लेना किसी विवाह के मंडप पर-
या देख लेना किसी चौक चौराहे पर-
अक्सर बाप दिखाई देगा अपनी नन्ही मुन्ही बेटी का हांथ पकडे हुए...

Posted on: Oct 20, 2018. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR POEM SUNIL KUMAR

लड़ना झगड़ना नही तुम, आपस में प्रेम भाव रखना...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
लड़ना झगड़ना नही तुम, आपस में प्रेम भाव रखना-
जो कुछ भी मिल जाए, मिल बांट कर चखना-
माँ धरती के लाल हो, खून तुम्हारा लाल-
आपस में लड़ झगड़कर, क्यों बुलाते हो काल-
जहां भी कदम रखते हो, धरती माँ चूमती है-
एक जगह स्थिर नही चारो ओर घूमती है...

Posted on: Oct 18, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

View Older Reports »

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »


Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download


From our supporters »