मेरे मामाजी के गाँव में, छोटी सी बिलैया रे...कविता-

गीदम, जिला-दंतेवाडा, दक्षिण बस्तर (छत्तीसगढ़) से अनामिका कश्यप, समीरा और ओमेश्वरी कश्यप एक कविता सुना रहे हैं :
मेरे मामाजी के गाँव में, छोटी सी बिलैया रे-
मोटी सी बिलैया रे-
चुपके-चुपके आती है, सारा दूध पी जाती है-
चाटे वो मलैया रे-
चार छोटे-छोटे पाँव उसके, छोटी सी पुछैया रे-
मेरे मामाजी के गाँव में, छोटी सी बिलैया रे...

Posted on: Nov 11, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG DANTEWADA POEM

काये के मानों माता समान...कविता-

ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लडवारी, जिला-निवाड़ी (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा एक कविता सुना रहे हैं :
काये के मानों माता समान-
उसी का करलो तुम सम्मान-
उसी का करलो तुम सम्मान-
माता बना देते पहले बान-
अमृत देते है वोह वरदान-
दूध होता होता है अमृत जैसा...

Posted on: Nov 04, 2019. Tags: MANOJ KUSHWAHA MP NIWADI POEM

देखो कोयल काली है पर मीठी है इसकी बोली...कविता-

ग्राम-केकेट्टा, पोस्ट-जोगा, थाना-उचारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अखिलेस कुसवाहा एक कविता सुना रहे हैं :
देखो कोयल काली है पर मीठी है इसकी बोली-
इसने ही तो कूक कूक कर आमो में मिश्री घोली-
कोयल कोयल सच बतलाना क्या संदेसा लायी हो-
बहोत दिनों के बाद आज फिर इस डाली पर आयी हो-
क्या गाती हो किसे बुलाती बतला दो कोयल रानी-
प्यासी धरती देख मांगती हो क्या मेघ से पानी...

Posted on: Nov 01, 2019. Tags: AKHILESH KUSWAHA JHARKHAND PALAMU POEM

जगमग-जगमग दिये जल उठे द्वार-द्वार चमकी दीवाली...कविता-

ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालूमडा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं :
जगमग-जगमग दिये जल उठे द्वार-द्वार चमकी दीवाली-
खीर बादसे बाँट रही है अम्मा सबको भर-भर थाली-
झूम-झूम कर हँसते गाते दौड़-दौड़ कर दीप जलाते-
भर-भर सब फुलझड़ी जलाते, बच्चे बचाते लाते-
अन्नू, मन्नू, सीता, गीता नाच रहे दे दे कर ताली-
द्वार द्वार चमकी...

Posted on: Nov 01, 2019. Tags: ANUPPUR DIWYA JOGI MP POEM

पानी रे पानी हाथी भालू दोनों में था...कविता-

ग्राम-देवगांव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बिमला धुर्वा एक कविता सुना रही हैं :
पानी रे पानी हाथी भालू दोनों में था-
सच्चा सच्चा मेल-
दोनों मिलकर खेल रहे थे, लुका छिपी का खेल-
हांथी बोला सुन भाई भालू अब मै छुपने जाता हूँ-
पानी वाली जगह मिलूंगा पक्की बात बताता हूँ...

Posted on: Oct 10, 2019. Tags: CG KIRTI SAHU NARAYANPUR POEM

View Older Reports »

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download