आज का अम्बेडकर कैसा हो...कविता

कानपुर (उत्तरप्रदेश) से के एम भाई डॉ भीमराव अम्बेडकर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे है :
आज का अम्बेडकर कैसा हो-
पंडित-मुल्ला से ऊपर हो-
जाति-धर्म से नास्तिक हो !!
रंगीन लिबास में हो-
मस्त-मौला खुशमिजाज हो !!
प्रेम का उपासक हो-
सुख-शान्ति का सच्चा साधक हो !!
दिल से लल्लन टाप हो-
तकनीकी में गूगल का बाप हो !!
राजनीति का जांबाज हो-
सियासत का वो सरताज हो !!
अय्यासी में गोलेबाज़ हो-
स्टाईल से रजनीकांत हो !!
हर युवा की पहचान हो-
हर युग में महान हो !!
बापू हो या न हो-
अम्बेडकर जैसा हर एक इंसान हो !!

Posted on: Apr 15, 2017. Tags: KM BHAI

एक छोटे से झरोके से झांकती फडफड़ाते हुए...कविता

कानपुर (उत्तरप्रदेश) से के एम भाई महिलाओ के सम्बन्ध में एक कविता सुना रहे है:
एक छोटे से झरोके से झांकती फडफड़ाते हुए-
फडफड़ाते हुए चंद क्षणों में उड़ जाती-
ची-ची करते-करते एक मीठा गीत गुनगुना जाती-
अपने ही लफ्जो में प्रेम का-रस बहाकर रंगबिरंगे सुरों में-
प्रेम सुधा बरसा जाती-
वो नटखट अंदाज से-
मेरा दिल छू जाती...

Posted on: Mar 27, 2017. Tags: KM BHAI

एक छोटे से झरोखे से झांकती...महिला दिवस पर कविता

कानपुर (उतरप्रदेश) से के एम भाई महिला दिवस के अवसर में एक कविता सुना रहे है और कह रहे हैं साथियों महिला दिवस की शुभकामनाओं के साथ एक रुख अपने घर के उन झरोखे की तरफ भी करियेगा जो सदियों से खुले आसमान का इन्तजार कर रहे हैं :
एक छोटे से-
झरोखे से झांकती-
फड़ फड़ाते हुए-
चंद छड़ों में उड़ जाती-
ची ची करते करते-
एक मीठा गीत-
गुन गुना जाती-
अपने ही लफ्ज़ों में-
प्रेम का रस-
बहा कर-
रंग-बिरंगे सुरों में-
प्रेम सुधा-
बरसा जाती है वो-
नटखट अंदाज से-
मेरा दिल छू जाती-
अपनी एक झलक से-
मेरा सारा दर्द-
मिटा जाती है वो-
चंद अफसानों से-
मेरी सारी दुनिया-
सजा जाती-
एक मीठी खुशबू-
बहा कर-
रंग- बिरंगे सुरों में-
प्रेम- सुधा-
बरसा जाती है वो-
प्रेम- सुधा-
बरसा जाती है वो...

Posted on: Mar 08, 2017. Tags: KM BHAI

भूख के साथ इन्टरनेट फ्री है...गणतंत्र दिवस पर कविता

कानपुर (उत्तरप्रदेश) से के एम भाई गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे है:
फ्री इंडिया रिपब्लिक इंडिया-
भूख के साथ इन्टरनेट फ्री है-
मौत पर एंड्राइड मोबाईल फ्री है-
कैशलेश जमाने में...
बेरोजगारों के लिए दारू फ्री है-
किसानों के लिए हनीमून फ्री है-
स्वच्छ भारत में...
इंसानी मौत पर मुआवजा फ्री है-
जानवरों के लिए सुल्तान फ्री है-
साक्षरता के साथ ....
स्कूलों में भैस फ्री है-
बच्चों के लिए गोबर टैक्स फ्री है-
समानता के दौर में....
महिलाओं के लिए अंग प्रदर्शन फ्री है-
नेताओं के लिए चकला घर फ्री है-
मुक्त भारत में...
अय्यासी के लिए निरोध फ्री है-
सौदे के लिए काला कोट फ्री है
प्रगतिशील भारत में ...
दलाली के लिए पटवारी फ्री है-
प्रधान के लिए घोटाला फ्री है-
विकसित भारत में...
हिन्दू-मुस्लिम का व्यापार फ्री है-
बिक्री के लिए सेना का जवान फ्री है-
गणतंत्र पर...
लोकतान्त्रिक अपराध फ्री है-
लोकतान्त्रिक अपराध फ्री है...

Posted on: Jan 26, 2017. Tags: KM BHAI

गुमनाम अँधेरे का शहीद...सुभाष चन्द्र बोस की 119 वी जयंती पर कविता

साहस और शौर्य के प्रतीक शहीद सुभाष चन्द्र बोस (गुमनामी बाबा) की 119 वी जयंती पर शत शत नमन के साथ के एम भाई यह कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
शहीदों की चिताओं पे न फूल होंगे-
न होंगे मेले, न होगा कोई बाकी निशाँ-
वतन पे कुर्बानी देने वाला रहेगा सूनसान-
न कोई जश्न होगा-
न होगा कोई इन्कलाब-
हर एक शहीद बन जायेगा एक ख़्वाब-
न रक्त बहेगा-
न होगा क्रान्ति का आह्वान-
अब न होगा कोई सुभाष बलिदान-
भारत हो या जापान-
आज़ाद हिन्द फ़ौज का-
हर एक सिपाही कहलायेगा गुमनाम...

Posted on: Jan 23, 2017. Tags: KM BHAI

View Older Reports »

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download