चाह नहीं मै सुरबाला के...कविता-

ग्राम पंचायत-अमगवां, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेशमी केवट एक गीत सुना रही हैं:
चाह नहीं मै सुरबाला के-
गहनों में गुंथा जाऊं-
चाह नहीं मै प्रेमी माला के-
बिंध प्यारी को ललचाऊ-
चाह नहीं सम्राटो के सिर-
हे हरी माला जाऊ... (AR)

Posted on: Aug 02, 2020. Tags: POEM

अंग्रेजी में कविता...

ग्राम पंचायत-तुरंगुर, ब्लाक-बस्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से रामप्रसाद चक्रधारी
जो 7 वी कक्षा में पढाई कर रहे हैं, अंगेजी में एक कविता सुना रहे हैं, ऐसे संदेसो को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं| (AR)

Posted on: Aug 02, 2020. Tags: POEM

अगर कहीं मै घोड़ा होता...बाल कविता-

ग्राम पंचायत-अमगंवा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेशमी केवट एक कविता सुनवा रही हैं:
अगर कहीं मै घोड़ा होता-
वाहे लम्बा चौड़ा होता-
तुम्हे पीठ पर बैठा करके-
बहुत तेज मै दौड़ा होता-
पालक झपकते ही ले जाता-
दूर पहाड़ो की वादी में... (AR)

Posted on: Aug 01, 2020. Tags: ANUPPUR MP POEM RESHAMI KEWAT

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती...कविता-

प्राथमिक शाला पिरमेटा, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ से जोगेंद्र पोड़ियाम एक कविता सुना रहा है:
लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती-
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती-
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है-
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है-
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है-
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है-
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती-
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती-
डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है-
जा जाकर खाली हाथ लौटकर आता है-
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में-
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में-
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती-
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती-
असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो-
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो...

Posted on: Aug 01, 2020. Tags: BASTAR CG JOGENDRA PODIYAM POEM

पैसा पास होता तो चार चने लाते...कविता-

प्राथमिक शाला पीरमेटा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से मुनिरुधि नाग अपने साथियों के साथ एक कविता सुना रहे हैं:
पैसा पास होता तो चार चने लाते-
चार में से एक चना तोते को खिलाते-
तोते को खिलाते तो वो टाँय-टाँय टिक करता-
टाँय-टाँय करता तो बड़ा मजा आता-
पैसा पास होता तो चार चने लाते
चार में से एक चना घोड़े को खिलाते... (AR)

Posted on: Aug 01, 2020. Tags: POEM

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