देखो दुनिया दुखी कोरोना के कष्ट में...गीत-

ग्राम-भाम्रागढ़, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से कन्हैयालाल केवट कोरोना वायरस को लेकर एक गीत सुना रहे हैं:
देखो दुनिया दुखी कोरोना के कष्ट में-
सीजीनेट यात्रा पहुंची है महाराट्र में-
सुनलो बिनती मेरी मेरे भाई बहना-
सीजीनेट कार्यक्रम को सुनते ही रहना-
और कोरोना का रोना तो आया है कष्ट में-
सीजीनेट यात्रा पहुंची है महाराट्र में...

Posted on: Mar 28, 2020. Tags: GADCHIROLI KANHAIYALAL KEWAT MH SONG

आ गया कोरोना वायरस आ गया...जागरूकता गीत-

ग्राम पंचायत-भाम्रागढ़, जिला-गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) से कन्हैयालाल केवट कोरोना वायरस को लेकर एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं:
आ गया कोरोना वायरस आ गया-
देश दुनिया में ये चर्चा छा गया-
सुनो साथियों जो भी जहां हो नहीं किसी को डरना है-
लेकिन रहना सावधान से नियम का पालन करना है-
हांथ को धोना साबुन से सबको ऐसा कहा गया-
दो से ज्यादा कही किसी को साथ कभी न रहना है...

Posted on: Mar 26, 2020. Tags: GADCHIROLI KANHAIYALAL KEWAT MAHARASHTRA

आ गया कोरोना वायरस आ गया...गीत-

भाम्रागढ़, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से कन्हैयालाल केवट कोरोना वायरस को लेकर एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं:
आ गया कोरोना वायरस आ गया-
देश दुनिया में कैसा छा गया-
चलो साथियों घर में जाओ-
नहीं किसी से रहना है-
हाथ धोकर, मुह को ढककर रहना है-
आ गया कोरोना वायरस आ गया...

Posted on: Mar 25, 2020. Tags: GADCHIROLI MH MOHAN YADAV SONG

जाति बाति पेको रेलों ले...गोंडी विवाह गीत

ग्राम-बुमका, पोस्ट-गोड्सुर, तहसील-एटापल्ली, जिला-गढ़चिरोली (महारष्ट्र) से सन्नी उसेंडी एक गोंडी विवाह गीत सुना रही है:
रे रे लोयो रेला रे रे रे रेला-
चले रे रे रेला-
जाति बाति पेको रेलों ले-
जाति बाति पेको रेलों ले-
ओरा ईसी मरमा येलो ले-
ओरा ईसी मरमा येलो ले-
चले मरमा येलो ले – केनेर मरमा यायो येलो ले – रे रे रे लोयो रेला रे रे रे रेला...

Posted on: Sep 21, 2018. Tags: ETAPALLI GADCHIROLI GONDI MAHARASHTRA SONG SUNNY USENDI

वनांचल स्वर : गांव की परंपरा के अनुसार बांस जीवन से अंत तक किसी रूप में हमारे सांथ रहता है-

ग्राम-आरंडी, कुरखेरा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) के निवासी इजमसाय कटंगे बता रहे हैं, उनके इलाके में कई प्रकार के बांस पाए जाते हैं जिसमे मानवाल प्रजाति का बांस अधिक पाया जाता है जिसको यहाँ के निवासी सबसे ज्यादा उपयोग में लाते हैं, यहाँ की परम्परा के अनुसार बांस या बाम्बू एक साथी की तरह होता है जो जन्म से मृत्यु तक अगल-अलग रूप में आदिवासी मनुष्य के साथ रहता है जैसे जन्म के समय उससे नाड काटते हैं, थोडा बड़ा होने पर झूला के रूप में, शादी में पारी के रूप में, बुढ़ापे में सहारे के रूप में और अंतिम अवस्था अर्थात मरने पर श्मशान भूमि पहुंचाने तक साथ रहता है, इस तरह से बांस या बाम्बू का आदिवासी जीवन से मृत्यु तक साथ रहता है...

Posted on: Aug 05, 2018. Tags: GADCHIROLI SAGGAN SHAH IJAMSAAY VANANCHAL SWARA

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