स्वाथ्य स्वर भंग से ठीक होने वाले बीमारी के बारे में बता रहें है...

बैध केदर नाथ पटेल ग्राम रनई थाना पटना जिला कोरिया छत्तीसगढ़ से वनों ओषधि द्वारा भंग को उपयोग करने का उपाये बता रहें है|धन वास्तम का रोग जो कुबड़ा हो जाते है जिसका कमर झुक जाता है उसे धन वास्तम रोग कहते है इसका उपयोग एक ग्राम भंग का धुँआ पिलाने से धीरे धीरे आक्षेप का रोग छुट जाता है इसका धुँआ इतनी कारगत दावा है पंद्रह से बीस दिन में ये बीमारी ठीक हो जाता है 125 मिली ग्राम घी में सेंकें हुये भंग को 2 ग्राम काली मिर्ची और 2 ग्राम मिस्री मिलाकर दिन में तीन चार बार सेवन करने से धनवास्तम के बीमारी से लाभ होता है | सनाई पीड़ा में तीप्त श्रोध्द है और एक प्रकार से मुंह में होता है आस पास फैलती जाती है भंग को फीस कर लेप करना चाहिए इससे सनाई पीड़ा का रोग दूर होता है| संपर्क न.@9826040015 (JP)170724

Posted on: Jul 05, 2020. Tags: ) BAIDH CG JILA KEDERNATH KORIYA PATEL SWASTHYA SWARA

जड़ी बूटी से दवा बनाकर इलाज करते हैं, दवा के बदले कुछ नहीं लेते, स्वेच्छा से देने वाले देते हैं...

ग्राम-बलगाडान, तहसील-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य बलदेव मंडावी बता रहे हैं, वे सिर दर्द, पेट दर्द, सूजन हो जाने से संबंधित दवा देते हैं, लगभग 10 साल से ये काम कर रहे हैं, ये जड़ी बूटी वे पहाड़, जंगलो से प्राप्त करते हैं, दवा के बदले में वे कुछ नहीं लेते हैं, स्वेच्छा से देने वाले देते हैं, अभी तक 10 लोगों को दवा दे चुके हैं, जिसके बाद उन्हें लाभ मिला है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये सपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@6261996165. (AR)

Posted on: Jun 16, 2020. Tags: BALDEV MANDAVI CG HEALTH JAGDALPUR SWASTHYA

स्वास्थ्य स्वर : अनार के पत्ते, छाल, फूल और फल के औषधीय गुण...

ग्राम रनइ थाना पटना जिला कोरिया छत्तीसगढ़ से केदार नाथ पटेल अनार के घरेलू औषधीय प्रयोग के बारे में बता रहें है कि अनार सैतालिस बीमारियों की राम बाण दवा है | इसका पेड़ ,फल ,छाल ,फूल पत्ती  सभी दवा बनाने के  काम आता  है [1]नकसीर के लिए  अनार की कली का रस नाक में गिराने से नकसीर बीमारी ठीक हो जाता है [2]अनार के छिलको को छुहारे के पानी के साथ पीसकर लेप करने  से सूजन तथा सुसुक चूर्ण लेने से नकसीर में आराम मिलता है [३] अनार के पत्ते को  पीसकर १० ग्राम रास लेने से या मस्तक पर लेप करने से नकसीर में लाभ होता है [४] अनार तथा गुलाब की सूखे फूल को पीसकर मंजन करने से दांत का रोग ठीक होता है अधिक जानकारी हेतु संपर्क 9826040015

Posted on: May 25, 2020. Tags: SWASTHYA SWARA

स्वास्थ्य स्वर : कटसरैया के पौधे के औषधीय गुण और प्रयोग-

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय कटसरैया पौधा जिसे पियाबासा भी कहते हैं के औषधीय गुणों को बता रहे हैं, कटसरैया के पत्तों का रस मधु (हनी) में मिलाकर दांतों और मसूड़े पर मालिस करने से दांतों से रक्त बहना और दांत का दर्द ठीक हो सकता है, उसके पंचांग का कल्क अर्थात चूर्ण को तेल में धीमी आंच पर पकाएं, पकने के बाद उतार लें, और अच्छी तरह से घोलें उसके बाद दाद खाज, खुजली चर्म रोग में कपूर मिलाकर लगाएं, इससे चर्म रोग में आराम मिल सकता है :
राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.

Posted on: Jul 31, 2019. Tags: HEALTH MP RAGHWENDRA SINGH RAI SWARA SWASTHYA TIKAMGARH

स्वास्थ्य स्वर : बीमारी के वक्त लोगों को परहेज करने की आवश्यकता होती है...

छोटे डोंगर, नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी गांव के वैद्य हेमचंद मांझी से चर्चा कर रहे हैं| वे बता रहे हैं कि उनके पास कैंसर, दमा, मिरगी बीमारी से पीड़ित लोग आते हैं| वे बता रहे हैं| जो व्यक्ति केंसर से पीड़ित हैं| वे हल्दी, उड़द की दाल, कुंदरू, बूंदी, कोचई, आम, ईमली खटाई का सेवन न करें | परहेज करने से ही बीमारी को ठीक किया जा सकता है| बीमारी से संबंधित जानकारी के लिये दिये गये नंबर संपर्क कर सकते हैं : वैद्य हेमचंद मांझी@9407954317.

Posted on: Mar 15, 2019. Tags: CG HD GANDHI NARAYANPUR SWASTHYA SWARA

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