पीड़ितों का रजिस्टर: 2005 में सलवा जुडूम में नक्सलीयों के डर से अपना गांव छोड़कर आये...

ग्राम-सागमेटा, ब्लाक-भैरमगढ़, जिला-बीजापुर (छत्तीसगढ़) से रामकुमार धुरवा, पिता स्वर्गीय पिंटा धुरवा बता रहे हैं, सलवा जुडूम में नक्सलीयों के डर से गांव के सभी लोग अपना गांव छोड़कर भगें| फिर वे लोग भी डर से 2005 में बीजापुर शांतिनगर में आकर रह रहे हैं, अभी उन्हें कोई परेशानी नही हैं, बनी मजदूरी कर के अपना जीवन यापन कर रहे हैं, अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@8305011958. GT

Posted on: May 03, 2021. Tags: BHAIRAMGARH BIJAPUR CG DISPLACED MAOIST VICTIM RAMKUMAR DHURVA SWARGIPINTA DHURVA VICTIMS REGISTER 2005

वनांचल स्वर: भारत भंडारी जी महुआ के विषय में बता रहे हैं...

ग्राम- बाँगाचार, ब्लॉक-दुर्गकोन्दल, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से हलबा जनजाति के सक्रिय सदस्य और पेशे से शिक्षक, भारत भंडारी जी महुआ के विषय में बता रहे हैं। उनके जीवन में प्रकृतिक, पूजा पाठ और विवाह की दृष्टि से महुआ का काफी महत्व है। महुआ का फूल फरवरी से अप्रेल के बीच में गिरता है। महुआ को बेचकर यह लोग अपना घर चलाते हैं। (MS)

Posted on: Apr 01, 2021. Tags: CG HALBA JANJATI KANKER VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: बुजुर्ग ने किया साहस प्रयोग के लिए दी ज़मीन-

ग्राम-दमकसा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) शेर सिंह आँचला जी ने बताया कि यह भूमि उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है उनके पूर्वज यहाँ 17वीं-18वीं शताब्दी के आस पास आए। ये अध्यापक थे। लोगो को जागरूक और वन बचाने के लिए संगठन बनाया और पंजीकरण भी करवाया । इसी को ध्यान रखते हुए अपनी जमीन पर एक प्रयोग किया नर्सरी बनवाकर, और कई तरह की विलुप्त होने वाली औषदियाँ भी लगाई। अब लोग जागरूक होने लगे हैं। गिलोय, भूलिम, आंवला के पेड़ लगाए गए। सुरक्षा का अभाव था, कार्यशालाएं भी चल रही हैं। हर वर्ष 5 जून को पर्यावरण दिवस भी मनाते हैं। जब तक लोगो में जागरूकता और सहयोग नही है तब तक कोई सफलता नही मिलेगी। मुझे प्रकृति पर्यावरण पर आस्था है। या फ़िनलैंड से विदेशी आए थे, अमेरिका से भी कुछ दिन पहले यहां आए थे, दिल्ली से भी आते रहते हैं। (MS)

Posted on: Apr 01, 2021. Tags: CG KANKER SHERSINGH ACHALA VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: मंदिरों का महत्व और आस्था स्थल जो जंगल पहाड़ो पर है...

ग्राम-दमकसा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) शेर सिंह आँचला जो वनों पर शोध करते हैं, हमारे पूर्वजो ने हमें जो भी सिखाया है हम उसी को बढ़ाना और बचाना चाहते हैं। आस्था स्थल जो पहाड़ो पर है वो चमत्कारी है, रहस्यमयी है। तंत्र मंत्र और मंदिर के आधार पर मानते हैं। शोनादायी में एक गुफा है उसमें पानी अभी भी रहता है। दंतकथाएं प्रसिद्ध हैं, शोणखामिन माता का मंदिर है जो जल,वन और पर्वत से संबंध रखती हैं, अभी वहां माघी मेला लगा था। और भी कई मंदिर है पहाड़ो पर माता के प्राचीन समय पर राजाओं कि जब भी लड़ाई होती थी तो पूजा होती थी। पेड़ो पर जो मंदिर है उसमें महुआ का भी पेड़ है जिसमे से दूध निकलता है जिसको माता का दूध भी मानते हैं, इसलिए इसकी महत्वता अधिक है। महुआ का फूल सूखने के बाद भी नही सड़ता। महुआ बहुत ही उपयोगी है। बस्तर में इसी वजह से इनका बहुत महत्त्व है। (185825) GT

Posted on: Mar 12, 2021. Tags: CG KANKER SHERSINH ACHALA VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: हम लोगो का जंगल से ही घर चलता है...

ग्राम- हाटकर्रा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से कुंवर सिंह पुजारी जंगल का इतिहास बता रहे हैं जंगल से उन्हें काफी संपदा मिलती है। जैसे – महुआ, आम, नदी, साल बीज, फल-फूल। सब लोग अच्छे से रहते हैं और मडई- मेला करते रहते हैं। कुंवर जी ने बताया कि सरकार समितियां बनाकर उनको समुदाय के लोगों से फल-फूल खरीद लेती है।

Posted on: Mar 11, 2021. Tags: CG KANKER KUNWAR SINGH VANANCHAL SWARA

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