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धरती कर नाम गोंडवाना परे भाई...कविता

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक कविता सुना रहे हैं:
धरती कर नाम गोंडवाना परे भाई-
मिल जुल के भईया जिंदगी ला बिताई-
धरती के हीरा मोती हमरे बाचाई-
नाती पुती ओला हमरे देखाई-
कागज़ के रुपिय ए मन हमके दिखाई-
हमार सम्पति ला लुटे बर ए मन लगाई-
एक दिना डेरा झोला हमके धराही-
येही दिन डंडा बन्दूक ओमन दिखाई-
मिल जुल के भईया जिंदगी ला बिताई-
धरती कर नाम गोंडवाना परे भाई...

Posted on: Oct 04, 2017. Tags: KAILASH POYA

Impact: Got money for institutional delivery after report on CGnet, thanks...

ग्राम-देवरी, ब्लाक -प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया आज एक साथी ग्रामवासी राजकुमार मरकाम के सांथ हैं जो आज खुश है और अपनी खुशी आप सभी के साथ बांटना चाहते हैं ये बता रहे हैं कि कुछ समय पहले शासकीय चिकित्सालय में इनके बच्चे का जन्म हुवा था जिसका पैसा इन्हें मिलना था जो नही मिल पा रहा था, वे कई महीने तक अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे पर उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ तब इन्होने सीजीनेट में रिकार्ड किया और सीजीनेट सुनने वाले साथियो से अधिकारियों पर फोन से दबाव डालने का अनुरोध किया, जिसके बाद इन्हें पैसा मिल गया इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों और सम्बंधित अधिकारियो को धन्यवाद दे रहे हैं | कैलाश पोया@9753553881.

Posted on: Sep 29, 2017. Tags: KAILASH POYA

हाथियों के हमले से हुए नुक्सान पर शासन बहुत कम मुआवजा देती है कृपया बढ़वाने के लिए दबाव डालें...

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया बता रहे हैं हमारा गांव जंगल के करीब है जिसमे हाथियों का आना-जाना लगा रहता है ये हाथी यहां के निवासियों के घर और किसानो के फसलों को अक्सर नष्ट कर देते है, कई बार ये निवासियों पर भी हमला कर देते हैं और उनकी जान ले लेते हैं इसके लिए सरकार द्वारा जो मुवावजा इन्हें दिया जाता है इससे खेती का लागत भी नही निकलता और कोई सुरक्षा भी नही दिया गया है इसलिए सांथी सीजीनेट सुनने वाले सभी साथियों से अपील कर रहे हैं की दिए गए नम्बरों पर अधिकारी से बात कर दबाव बनाये जिससे मुआवजा की राशि में बढ़ोतरी हो सके | SDM@9424238613. कैलाश पोया@9753553881.

Posted on: Sep 29, 2017. Tags: KAILASH POYA

आज काल के जमाना लईका सुतत हे सियाना - व्यंग्य गीत...

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया वर्तमान पीढ़ी पर व्यंग्य करते हुये एक गीत रचना सुना रहे हैं – आज काल के जमाना लईका सुतत हे सियाना-
आज काल के ज़माना लरिका सुतत हे सियाना-
नई ढीले वरदा बछरू ,नई ढीले वरदा बछरू नई करे काम-
आज कल के ज़माना लईका,सुतत हे सियाना-
नई करे काम धन्धा नई करे लाज गा-
दिन-रात करत हे सोवाना, दिन-रात करत हे सोवाना-
आज काल के ज़माना लरिका सोते धियाना-
मार लेही जींस शर्ट पाकिट में मोबाइल-
मार लेही जींस शर्ट पाकिट में मोबाइल-
गाना सुनत रथे दिन रात के आज कर ज़माना-
लरिका सोवत हे सियाना...

Posted on: Sep 25, 2017. Tags: KAILASH POYA

पिपही के पान में झुलेला बंदरा, निके चंदना बहेरा : पारम्परिक कर्मा गीत...

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक पारम्परिक किसुन खेल कर्मा गीत सुना रहे है – पिपही के पान में झुलेला बंदरा ,निके चंदना बहेरा-
काके ला ढोल सोभे काके ला नंगेरा-
काके ला मंदर शोभे काके ला नंगेरा निके चंदना बहेरा-
पिपही के पान में झुलेला बंदरा निके चंदना बहेरा...

Posted on: Sep 23, 2017. Tags: KAILASH POYA

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