5.6.31 Welcome to CGNet Swara

जाग जा आदिवासी भाई रे..कर्मा गीत

ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया कर्मा गीत सुना रहे है:
जाग जा आदिवासी भाई रे-
मिलजुल के जिन्दगी ला बिताई-
जुट के खाना दाना, जुट के रहना-
जुट के सुमति बनाई रे-
व कम-रकम सरकार योजना ला बनाई-
वही योजना अधिकारी मन ला दबाई-
घर के पीके दारु नशा करत है लड़ाई-
जाग जा आदिवासी भाई रे... एक

Posted on: Sep 02, 2017. Tags: Kailash Poya

यह बात समझ में आई नही, और मम्मी ने समझाई नही...

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया कविता सुना रहे है:
यह बात समझ में आई नही-
और मम्मी ने समझाई नही-
मै कैसे मीठी बात करू, अब मीठी चीजें खाएं नही-
आपा भी पकाती है हलवा, वह आखिर क्यों हलवाई नही-
भाया की मंगनी हो गई कल, क्यों कल ही दुल्हन मंगवाई नही-
यह बात समझ में आई नही...

Posted on: Aug 31, 2017. Tags: KAILASH POYA

एक बच्ची स्कूल नहीं जाती, बकरी चराती है, वह लकडियां बटोरकर घर लाती है...

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया श्याम बहादुर नम्र की एक कविता सुना रहे है:
एक बच्ची स्कूल नहीं जाती, बकरी चराती है-
वह लकडियां बटोरकर घर लाती है-
फिर मां के साथ भात पकाती है-
एक बच्ची किताब का बोझ लादे स्कूल जाती है-
शाम को थकी मांदी घर आती है-
वह स्कूल से मिला होमवर्क मां-बाप से करवाती है-
बोझ किताब का हो या लकडी का-
बच्चियां ढोती हैं-
लेकिन लकडी से चूल्हा जलेगा-
तब पेट भरेगा-
लकडी लाने वाली बच्ची यह जानती है-
वह लकडी की उपयोगिता पहचानती है-
किताब की बातें कब किस काम आती हैं-
स्कूल जाने वाली बच्ची-
बिना समझे रट जाती है-लकडी बटोरना,
बकरी चराना और मां के साथ भात पकाना-
जो सचमुच घरेलू काम हैं-
होमवर्क नहीं कहे जाते-
लेकिन स्कूलों से मिले पाठों के अभ्यास-
भले ही घरेलू काम न हों-
होमवर्क कहलाते हैं-
कब होगा जब किताबें-
सचमुच होमवर्क से जुडेंगी-
और लकडी बटोरने वाली बच्चियां भी-
ऐसी किताबें पढेंगी...

Posted on: Aug 30, 2017. Tags: KAILASH POYA

एहो रा बेर दुबेर देला रे...गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया गंगा दशहरा पर एक गीत सुना रहे हैं:
एहो रा बेर दुबेर देला रे-
हवा नारी छाता कोतरी रे-
गंगा दशहरा मेला लागे हो-
एहो रा बेर दुबेर देला रे...

Posted on: Aug 21, 2017. Tags: KAILASH POYA

हाय रे सरपंची राज जबर लफड़ा..जसपुरिया गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया सरपंची राज पर एक जसपुरिया गीत सुना रहे हैं :
हाय रे सरपंची राज जबर लफड़ा
हर गरीब परेसान सरपंची राज जबर लफड़ा-
धरम करम ला काम करे पैसा नहीं दे सरपंची राज जबर लफड़ा-
सरकारी चाउर आवे ओला नहीं बाटे सरपंची राज जबर लफड़ा-
हाय रे सरपंची राज जबर लफड़ा...

Posted on: Aug 19, 2017. Tags: KAILASH POYA

« View Newer Reports

View Older Reports »

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download