5.6.31 Welcome to CGNet Swara

सुना सुनील भाई...करमा गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया कर्मा गीत सुना रहे हैं:
सुना सुनील भाई-
सेकेण्ड गाना ला सुनाई हाय रे सुनील भाई-
लहल धीरे-धीरे ढोलक बजाई-
धनसहाय हारमोनियम रसाई-
कैलास पोया गावे रूपलाल बजावे-
धनशाय मन ला मढाये...

Posted on: Sep 13, 2017. Tags: KAILASH POYA

भाजपा के राज में, जनता परेशान...कविता

ग्राम-देवरी, पोस्ट थाना-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया स्वरचित कविता सुना रहे है:
भाजपा के राज में,जनता परेशान-
थोड़ा सा साइन करत है, उकर लेत है, दान-
दो पैसा के नौकर बन गए, उनकर बढ़ गए शान-
भाजपा के राज में जनता परेशान-
नई सोच है मानो मानो, एक समान-
जनता मन ला अनपढ़ समझ के, उनकर लेत है प्राण-
भाजपा के राज में जनता परेशान...

Posted on: Sep 09, 2017. Tags: KAILASH POYA

राशन का चावल दो महीने से नहीं मिल रहा, सरपंच कहता है शौचालय का गड्ढा खोदो तब मिलेगा...

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया बता रहे हैं कि हमारे गांव में पिछले दो महीने से सरकारी उचित मूल्य की दूकान से राशन का चावल नहीं दिया जा रहा है सरपंच का कहना है कि शौचालय का खड्डा खोदंगे तो चावल दिया जायेगा ऐसा कह कर टाल देता है और पड़ोस के ग्राम-घाटपेंडारी के कुछ लोगो को बुलाकर चोरी छुपे चावल देता है इसलिए वे सीजीनेट के सभी साथियों से अपील कर रहे हैं कि इन नम्बरों में बात कर दबाव बनाये जिससे देवरी गाँव के लोगों को राशन का चावल मिल सके... सरपंच@7772911742, S.D.O.@09424166557, कलेक्टर@07775266117. कैलाश सिंह पोया@9753553881

Posted on: Sep 08, 2017. Tags: KAILASH POYA

ये उमा काल छीदा...कर्मा गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक कर्मा गीत सुना रहे हैं :
ये उमा काल छीदा-
कहाँ यहाँ पांच वइदा रे – हाँ-हाँ तो ना जो कहाँ जुदा आके-
चेला काहे रेला मांग रे गांजा – सूखी में न धापे न खेत जुआ के-
दरिया में पांच बैला रे-
खेला खेला खेला-
ये उमा काल छीदा...

Posted on: Sep 07, 2017. Tags: KAILASH POYA

आज काल मानुष तन फम्फा जिन्दगी लेकर आये...कविता

ग्राम-देवरी, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक कविता सुना रहे हैं :
आज काल मनुष तन फम्फा जिन्दगी लेकर आये-
कुकर खाते-खाते नासा पानी में अपन जीवन ला गवाए-
ये नइ सोचे कि माता पिता केतना मेहनत करे-
आज अपन विपत दुःख ला ये मन नइ डरे-
जिन्दगी जिए बर नइ चाहे-
मरे बर चाहथे – डर लाज भये ये मन-
जीवन ला देहे बर बात करथे...

Posted on: Sep 03, 2017. Tags: KAILASH POYA

View Older Reports »

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download