उड़ जाये मोर मन के चिरैया...गीत-

ग्राम-मंदरा गोढ़ी, जिला-जांजगीर चांपा, छत्तीसगढ़ से हेमंत श्रीवास एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
उड़ जाये मोर मन के चिरैया-
कहदे माया के संदेश तै उड़ जा-
घड़ी घड़ी सुरता आथे-
तबो ले मन बैरी नई माने मोर... (AR)

Posted on: Apr 04, 2021. Tags: CG HEMANT SHRIWAS JANJGIR CHAMPA SONG

एक बेटी करे पुकार की माँ मुझे जग में आने दो...

रतनगढ़, जिला-जुरू, (राजस्थान) से खेमलता सोनी एक बेटी के समबन्ध में गीत सुना रही है:
एक बेटी करे पुकार की माँ मुझे जग में आने दो-
मुझे भी जीवन जीने का अरमान सजाने दो-
संसार में आकर नही किसी पर बोझा बनूंगी मैं-
पढ़ लिखकर रोशन मात-पिता नाम करूंगी मैं-
बेटी-बेटा से कम नही सबको दिखलाने दो...

Posted on: Mar 30, 2021. Tags: JURU KHEMLATA SONI RJ

ये तोला रंग देहू रे...होली गीत-

जिला-जांजगीरचांपा (छत्तीसगढ़) से हेमकुमार श्रीवास एक होली गीत सुना रहे हैं:
ये तोला रंग देहू रे-
तोला रंग देहू न-
रायपुर के रंग गुलाल मा-
अरे हरियर पीला लाल-लाल मा...(AR)

Posted on: Mar 30, 2021. Tags: CG CHAMPA HEMKUMAR SHRIVAS HOLI SONG JAJANAGIR

2019 मे कुंआ स्वकृत हुआ था जो आज तक पूरा नहीं बना...

ग्राम-कठौतिया, पंचायत-बेलसरा, विकासखण्ड-करकेली, जिला-उमरिया, मध्यप्रदेश से हेमसिंह मरावी बता रहे हैं कि 2019 मे उनके नाम से कुंआ स्वीकृत हुआ था| जिसका अधूरा निर्माण हुआ है| उन्होने काई बार सरपंच के पास इस संबंध मे आवेदन दिया है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है, इसलिये वे सीजीनेट के श्रोताओं से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरो पर संपर्क कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें: सरपंच@9399463643. संपर्क नंबर@7489967864. (184423) (AR)

Posted on: Mar 12, 2021. Tags: HEMSINGH MARAVI MP PROBLEM UMARIA

वनांचल स्वर : चार के बीजो को बेचकर हम लोग जीवन यापन करते है...

ग्राम-मोदे, थाना-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से हेमबती नायक चार के बीज के बारे में बता रही हैं कि वे लोग सुबह-सुबह 4 बजे उठकर मड़िया का पेज बनाते हैं, पेज लेकर ही जंगल जाया करते हैं| जंगल में दिनभर चार का बीज इकठ्ठा करते हैं, शाम को घर पहुँचकर बीजों को भिगा देते हैं| चार को लगभग तीन-चार दिन भिगाने के बाद पानी से साफ़ करते हैं, उसके बाद चार को सुखाते हैं| बीज जब अच्छी तरह से सुख जाता है हम उसे बेचने ले जाते हैं| चार बेचकर जो पैसा मिलता है, उसी से जरूरत का सामान खरीदते हैं| इस समय चार के पेड़ बहुत कम बचे हैं, पेड़ो को लोग काट देते हैं या फिर फल-फूल को बंदर खा जाते हैं| इसलिए चार नही मिल पाता है| जंगल मे भालू भी हैं, वो दिन में जंगल में रहते हैं रात को गांव में आ जाते हैं| गांव में बेर के फल खाने और तालाब का पानी पीने आ जाते हैं, अभी तक भालुओं ने किसी भी इंसान को कोई नुकसान नही पहुंचाया है, इस जंगल में बन्दर, भालू और चीते जैसे जानवर पाए जाते हैं|
सम्पर्क:- 7587094923

Posted on: Feb 25, 2021. Tags: CG HEMBATI NAYAK KANKER VANANCHAL SWARA

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