कोई नहीं पराया मेरा घर सारा संसार है...कविता-

ग्राम-नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक कविता सुना रहे हैं :
कोई नहीं पराया मेरा घर सारा संसार है-
मै न बंधा हूँ देश काल की जंग लगी जंजीर में-
मै न खड़ा हूँ जात पात की ऊँची नीची भीड़ में-
मेरा धर्म न कुछ शब्दो का सिर्फ नाम है-
कोई नहीं पराया मेरा घर सारा संसार है...

Posted on: Jul 20, 2019. Tags: CG JAGDEV PRASAD POYA POEM SURAJPUR

राम लखन बोये हे जवारा हो माई, मातेश्वरी तोर भुवन मा...गीत-

ग्राम-नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक कविता सुना रहे हैं :
राम लखन बोये हे जवारा हो माई, मातेश्वरी तोर भुवन मा-
मातेश्वरी तोर भुवन मा ओ दाई, दुर्गा ओ तोर भुवन मा-
तीनो लोक गूंजे जयकारा ओ माई तोरे भुवन मा-
कौन जोते तोरे खेत महामाई, कोन बोये फुलवरिया-
कौन जलावे कलश में दियना...

Posted on: Jul 18, 2019. Tags: CG JAGDEV PRASAD POYA SONG SURAJPUR

दारू के बोतल ला, गांजा के चिलम ला तोड़ दो...गीत-

नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, पोस्ट-डिज़ावाल, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक गीत सुना रहे हैं :
दारू के बोतल ला, गांजा के चिलम ला तोड़ दो-
अउ गांजा दारू पीना छोड़ दूरा छोड़ दो-
दारू पीना छोड़ो भईया, गांजा पीना छोडो भईया-
डब-डब अईसे दारू चूवे, दारु अईसे चुवाय देहे-
चिलम से गांजा अईसे उड़े, वईसे धुंवा उड़ाय देहे...

Posted on: Jul 17, 2019. Tags: CG JAGDEV PRASAD POYA PRATAPPUR SONG SURAJPUR

संग साथी ला बुलाई,चला जंगल पुटू लोरे जाई ...

कैलाश सिंह पाया ग्राम देवरी ब्लोक प्रतापपुर जिला सूरजपुर छतीसगढ़ से एक पुटू गीत सुना रहे है ;-
संग साथी ला बुलाई,चला जंगल पुटू लोरे जाई
ये भाई संग साथी बुलाई चला जंगल पुटू लोरे जाई,
सर्वत चकोड़ भाजी खुखड़ी के खाई
सरसों चकोड़ भाजी खुखड़ी के खाई,
सीजन आई पुटू कर भाई संग साथी बुलाई ...

Posted on: Jul 12, 2019. Tags: (सरगुजा) KAILASHSINGH POYA

गर्मी घामे सोते जाये, घर दूरा पलट फेर नहीं पाये...कविता-

ग्राम-देवरी, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
गर्मी घामे सोते जाये, घर दूरा पलट फेर नहीं पाये-
ज्येठ, बैसाख, गर्मी सोते जाये-
घर मंदिर अपने पलट नहीं पाये-
आवे सावन पानी बरसे, अषाढ़ में घुटुर घटर बादल कड़काय...

Posted on: Jun 16, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SURAJPUR

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