रिस्तो में भरोषा होना चाहिये...कहानी-

एक जंगल में चार सांड रहते थे चारो में गहरी मित्रता थी सभी साथ रहते थे, जंगल का शेर भी उनसे डरता था, शेर सांडो को खाने की ताक में था, तो उसने योजना बनाई कि इनको अलग कर दिया जाय जिससे काम आशान हो जाये, फिर शेर चारो सांडो को अलग अलग कर बुलाया और उनके कान के पास अपने मुह को रखा, सभी एक दूसरे से पूछने लगे, शेर ने क्या कहा सभी बोले कुछ नहीं और आपस मतभेद करने लगे और अलग अलग रहने लगे जिसका फायदा शेर को मिला और उसने चारो सांडो एक एक कर खा लिया, इससे सीख मिलती है रिस्तो में भरोषा होना जरुरी है नहीं तो कोई भी हमें नुकसान पंहुचा सकता है|

Posted on: Feb 24, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON STORY VIRENDRA GANDHARV

सुविचार...

राजनंदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व सुविचार सुना रहे हैं:
स्वामी विवेकानंद ने कहा था हर युवा को मजबूत होना चाहिये क्यों युवा मजबूत होगा तो देश भी मजबूत होगा|
जवाहरलाल नेहरू ने कहा था आराम करना हराम है क्योकि जो व्यक्ति आराम करता है अपना समय नष्ट करता है इसलिये खुद को कुछ काम में उलझाकर रखना चाहिये|
जो मुर्ख हो उसे कोई समझा नहीं सकता इसलिये उसके पीछे ना जाकर अपना समय का सदुपयोग करना चाहिये|

Posted on: Feb 23, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARAV

आवाजों से रिश्ता है हम आवाजों से कहते हैं...गीत

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से बिरेन्द्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं :
सीजीनेट के कर्मचारियों को नमस्कार हम कहते हैं-
आवाजों से रिश्ता है हम आवाजों से कहते हैं-
ग्रामीणों की समस्यों का ये निदान कर देते हैं-
देर नही अंधेर सही है कल्याण कर देते हैं-
बन के धरोहर अपने सहोदर दिल में हमारे रहते हैं-
आवाजों से रिश्ता है ये आवाजों से कहते हैं-
सीजीनेट के कर्मचारियों को नमस्कार हम कहते हैं...

Posted on: Feb 16, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VIRENDRA GANDHARV

परेशानी सभी के जीवन में है उससे लड़ना और जीना सीखना चाहिये...कहानी-

एक कारीगर था, जो पत्थर तोड़ने का काम करता था, एक दिन वह एक फिल्म देखा जिसमे वह राजा के किरदार से प्रभावित हुआ, राजा को पालकी पर लेजाना नौकर, घोडा गाड़ी सभी को देखकर उसके मन में राजा बनने की इच्छा हुई और उसकी इच्छा पूरी हो गयी तो उसने सोचा की अब उससे बड़ा कोई नहीं है, एक उसके सेवक छतरी लाना भूल गये तब उसे धूप में तपना पड़ा, तब उसने सोचा कि मै सूरज होता तो दुनिया को तपाता, फिर वह सूरज बन गया तब उसे बादल ने ढक लिया, जब बादल से ढक गया तो बोला कास मै बादल होता, जब बादल बना तो हवा ने उड़ा दिया, तब सोचा कास मै हवा होता, हवा बना तो पहाड़ में टकरा गया, इस तरह से हारकर सोचा इससे अच्छा तो मै कारीगर ही ठीक था, दिन में काम करता और रात में आराम करता, कहानी से ये सीख मिलती है परेशानी सबके जीवन में है उससे लड़ना और जीना सीखना चाहिये|

Posted on: Feb 15, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON STORY VIRENDRA GANDHARV

संत रविदास पर संदेश...

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व संत रवि दास की जीवन के बारे जानकारी दे रहे हैं, संत रविदास का जन्म दिन माघ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है रवि दास वे महान पुरुष थे जिन्होंने धन को महत्व नहीं दिया, उन्होंने दीनता और दरिद्रता में रहना स्वीकार किया| ज्ञान को महत्व दिया, समाज को तोड़ने वाले जाती पाति के बंधनों को तोड़ने का प्रयास किया धन को महत्व न देकर ज्ञान को महत्व दिया, क्यों कि धन ख़त हो सकता है लेकिन ज्ञान नहीं|

Posted on: Feb 10, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON STORY VIRENDRA GANDHARV

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