नौ बजे के वक्त रात में, खो न देना बात बात में...कविता-

जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
नौ बजे के वक्त रात में-
खो न देना बात बात में-
मोमबत्ती दिये की रोशनी-
उज्जवल हो जिंदगी-
मोम बत्ती दिये की रोशनी हो-
उज्जवल निर्मल जिंदगी हो-
नौ पक्रमांक से लिप्त है मंगल...

Posted on: Apr 05, 2020. Tags: CG CORONA POEM RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV

लॉक डाउन के कारण फसे लोगो की दिक्कतें और सहायता मिलने के बाद का अनुभव...

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से साजन यादव बता रहे हैं वे झारखण्ड राज्य के गिरीडीह जिले के वडथम्बा गाँव के निवासी हैं, वे वहां पर काम के लिये गये थे लेकिन जब लॉक डाउन हुआ तो सारा काम बंद हो गया इसलिये वे पैदल घर जा रहे थे लेकिन सरकार के अनुसार जो जहाँ पर है वहीँ रुके ऐसा निर्देश है जिसके कारण वे वहां पर फस गये हैं, उनका कहना है कि खाने रहने की व्यवस्था नहीं थी, जंगल का इलाका है सांप जैसे जहरीले जीवो का खतरा रहता है, इसके कारण दिक्कत हो रही थी, अभी उन लोगो की स्थिती पहले से अच्छी है शासन द्वारा रहने खाने की सुविधा कर दिया गया है अब कोई दिक्कत नहीं है| संपर्क नंबर@9022920118.

Posted on: Apr 03, 2020. Tags: CG CORONA RAJNANDGAON SAJAN YADAV STORY

सारी दुनिया आह कर रही कृपा करो जगदीश...कविता-

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व राम नवमी के अवसर पर एक कविता सुना रहे हैं:
रावण के तो दस शीश थे कोरोना के हजारो शीश – सारी दुनिया आह कर रही कृपा करो जगदीश-
सस्त्रो से है नहीं सम्भव इस असुर से संग्राम-
घर बैठे सब मिलकर बोलो जय हो जय श्री राम-
सारे जग में मचा रहा है यह असुर कोहराम-
ऐसी कोई औषधि बने जो इसके लिये हो विष-
सारी दुनिया आह कर रही कृपा करो जगदीश-
रावण के तो दस शीश थे कोरोना के हजारो शीश...

Posted on: Apr 02, 2020. Tags: CG CORONA POEM RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV

मोर डोंगा फसे मजधार...जस गीत-

खैरागढ़, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से जाया मुंडे एक जस गीत सुना रही हैं:
मोर डोंगा फसे मजधार-
दाई मोला पार लगा दे ओ-
मै कईसे आओं तोर द्वार-
दाई मोला पार लगा दे ओ-
दरदर के मैं भटकत हावओं-
नई हे कोनो सहारा ओ-
कहां जाओ अउ कैसे करव मैं-
लागे जग अधिंयारा ओ...

Posted on: Mar 31, 2020. Tags: CG JAYA MUNDE RAJNANDGAON SONG

अम्बे जगदम्बे दुर्गे...भजन-

राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व नवरात्री के अवसर पर एक भजन सुना रहे हैं:
अम्बे जगदम्बे दुर्गे-
मुझे सच्चा एक मनुष्य बना-
मन का कूड़ा साफ करके-
मेरे मन को अति दिव्य बना-
मेरे इन चरणों को तू पंख की ओर चला-
मेरे ईन करणों को तू ज्ञान चर्चा मुक्ति सुना...

Posted on: Mar 31, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VIRENDRA GANDHARV

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