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स्वतंत्रता सेनानी और काव्य रचयिता महेंद्र मिश्र की कहानी-

महेंद्र मिश्र एक स्वतंत्रता सेनानी थे, उन्होंने क्रांतिकारियों की मदद और अंग्रेजों की अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करने के लिए जाली नोट भी छापते थे, पकडे जाने पर उन्हें बक्सर जेल में रखा गया, छपरा, मुज्जफरपुर, बनारस, पटना और कलकत्ता के लोग एकजुट होकर ब्रिटिश सरकार से अनुरोध किये कि महेद्र मिश्र को छोड़ दे क्योकि इससे हमारी गीत-संगीत खत्म हो जाएगी, महेंद्र मिश्र ने जेल में रहकर पूरा रामायण काव्य के माध्यम से भोजपुरी में लिखा, जब वे जेल में गाते थे, तो अंग्रेजो की महिलाएं उनके कोठरी के पास सुनने आती थी, इस तरह से अंग्रेजी महिलाओ के दबाव और उनके अच्छे व्यवहार के कारण उन्हें समय से पहले ही छोड़ दिया गया, जेल से छूटने के बाद महेंद्र मिश्र आजादी का सूरज नही देख पाए, 26 अक्टूबर सन् 1946 को उनका निधन हो गया |

Posted on: Aug 07, 2018. Tags: BIHAR STORY SUNIL KUMAR

आरक्षण का आधार जाति या धर्म नही बल्कि आर्थिक होना चाहिए...

पटना (बिहार) से धनवन सिंह राठौर अखिल भारतीय अपराध विरोधी मोर्चा कार्यालय में एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान बता रहे हैं कि आज देश के संविधान को 65 साल हो चुके हैं| उसमे हर 10 साल में एक समीक्षा होनी चाहिए| लेकिन राजनितिक कारणों से इस पर कोई समीक्षा नही की गई | जिसके कारण जिस समाज को आरक्षण मिला उस समाज के लोग आज भी वही है सिर्फ 2 से 5 प्रतिशत लोग जो संपन्न, सक्षम, बड़े पद पर है वही इसका फायदा ले रहे हैं लेकिन वास्तव में जिसे लाभ मिलना चाहिए उनको नही मिला है | अखिल भारतीय मोर्चा की विचार धारा है कि गरीबी जाति या धर्म के अनुसार नही आती | इसलिए आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए| वे इन्ही मांगो को लेकर देश में आन्दोलन कर रहे है |

Posted on: Aug 05, 2018. Tags: BIHAR SUNIL KUMAR

डोली लेके अईले सजनवा ,हो मोरा होला गवनवा...भोजपुरी गीत

मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक निर्गुण गीत भोजपुरी भाषा में सुना रहे है:
डोली लेके अईले सजनवा, हो मोरा होला गवनवा-
सखिया करावेली सगुनवाँ मोरा होला गवनवा-
हरियर बाँस के बनलबा खटोला-
मिलल दहेज में लाल रंग चोला उजर -उजर मोर चनवां-
मोर होला गवनवाँ बभना के पुतवा मंतर बांचे-
बेर-बेर छिड़के-चाउर काँचे गम -गम गमके अँगनवां-
हो मोरा होला गवनवाँ संगी साथी देखन आवे-
न भर खातिर घुँघटा हटावे भरी-भरी आवे नयनवां...

Posted on: Jul 16, 2018. Tags: BHOJPURI SONG SUNIL KUMAR

कहे तोसे सजना ये तोहरी सजनिया पग-पग लिये जाओ...भोजपुरी गीत

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक भोजपुरी गीत सुना रहे है:
कहे तोसे सजना ये तोहरी सजनिया पग-पग लिये जाओ-
तोहरी बलइयाँ मगन अपनी धुन में रहे मोरा सैंया पग पग लिये जाओ-
तोहरी बलइयाँ बदरिया सी बरसूँ, घटा बन के छाऊँ जिया तो ये चाहे-
तोहे अंग लगाऊँ लाज निगोड़ी मोरी, रोके है पैंया पग पग लिये जाओ-
तोहरी बलइयाँ मैं जग की कोई, रीत न जानूँ माँग का तोहे-
सिंदूर मानूँ तू ही चूढ़ियाँ मोरी, तू ही कलइयाँ पग पग लिये जाओ-
तोहरी बलइयाँ मोहे लागे प्यारे, सभी रंग तिहारे दुःख-सुख में हर पल-
रहूँ संग तिहारे दरदवा को बाँटे, उमर लरकइयाँ पग पग लिये जाओ...

Posted on: Jul 10, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR

टूटेही पलनिया अनार भइले सजना...भोजपुरी गीत

मुजफ्फरपुर (बिहार) से अशोक शर्मा ब्यास एक लोक गीत सुना रहे हैं :
टूटेही पलनिया अनार भईले सजना-
ललक किरिनिया उधार लेले अईहा-
गमछी मा बांधी के बहार लेले अईहा-
मर गईले बकरी बिसूकि गईले गईया-
कहिया से डीठीया गरा लेबा कसईया-
कुकुर दुवरवा के बनला बहेनवा-
आईहा ता एकरो जोगार लेले आईहा...

Posted on: Jun 29, 2018. Tags: SUNIL KUMAR

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