विधवा एक जिन्दा लाश, भारत की एक कुप्रथा : हमें अधिक विधवा विवाह का प्रयास करना चाहिए...

विधवा एक जिन्दा लाश: जब कोई महिला विधवा हो जाती है तो हमारा समाज ही उसकी दयनीय स्थिति के लिए परम्परा के नाम पर सबसे अधिक गुनहगार होता है जबकि दोष उस विधवा के ऊपर थोप दिया जाता है और उसकी सम्पूर्ण जिन्दगी को एक सफ़ेद कफ़न के साथ धकेल दिया जाता है इसका जिम्मेदार हमारा समाज ही है, हिन्दुस्तान की इस परंपरा को बदलना होगा ताकि विधवा भी अपनी जिन्दगी को एक नयी राह पर ला सके इसके लिए हमे विधवा के पुनर्विवाह के बारे में ऐसे कार्यक्रम करने होंगे और उन्हें एक नयी जिन्दगी देनी होगी, कह रहे हैं सुनील कुमार@9308571702 मालीघाट मुजफ्फरपुर बिहार से. वे कह रहे हैं हमारा देश हर मामले में आगे जा रहा है हमारी विधवा बहने भी पीछे नहीं रहनी चाहिये। सुनील कुमार@9308571702

Posted on: May 25, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

शोषण मुक्त करो जनता को एकता ने ललकारा है...एकता गीत -

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं :
शोषण मुक्त करो जनता को एकता ने ललकारा है-
जुल्म रोक दो न्याय चाहिए आज हमारा नारा है-
खून-पसीना बहता निसदिन फिर भी मानव भूखा है-
शोषण के रिमझिम पानी में मेरा सावन सूखा है-
गावं-गली के ये निर्धन भूखे कोई नहीं सहारा है-
आओ मिलकर संघ बनाये ताकत नयी जगानी है-
ये तस्वीर बदलनी होगी देकर के कुर्बानी है-
देने आया एकता के द्वारे वो अधिकार हमारा है-
गाँधी जी का सुन्दर सपना एकता का सन्देश है-
गाँव में भारत रहता प्यारा मेरा देश है-
भूखा नहीं रहेगा कोई यह संकल्प हमारा है-
शोषण मुक्त करो जनता को एकता ने ललकारा है...

Posted on: May 25, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

चम्पारण सत्याग्रह की सौवीं वर्षगाँठ पर आयोजित गांधी फिल्म फैस्टिवल में देखने लोग नहीं आ रहे...

सरकार ने गांधी पर बने फिल्मों को दिखाने के लिए एक फिल्म शो शुरू किया है जो विभिन्न शहरों में जा रहा है जहां गांधी पर बने फिल्मो को एक साथ देखा जा सकता है पर एक अधिकारी कह रहे हैं कि इसके लिए थियेटर में अधिक भीड़ नहीं हो रही है इसे देखने इक्का-दुक्का लोग ही आ रहे हैं. इससे जुड़े साथी बता रहे हैं कि यद्यपि सरकार ने चम्पारण आंदोलन की १०० वीं वर्षगाँठ के अवसर पर यह अच्छी पहल की है पर सरकार के अन्य हिस्से इसमें रूचि नहीं ले रहे हैं जैसे शिक्षा विभाग को इसमें बच्चों को भेजना चाहिए था. उनका कहना है कि गाँधी जी जब बिहार आये थे तो उन्होंने किसानों की मदद की थी और इन फिल्मों में यह देखे कि कैसे गाँधी ने बिना हथियार के ब्रिटिश शाशन को भारत से हटाया था| सुनील कुमार@9308571702.

Posted on: May 23, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार, इंदरावती हर पखारय तोरे पईयां...छत्तीसगढ़ी गीत -

सुनील कुमार डॉ नरेन्द्र देव वर्मा की छत्तीसगढ़ी रचना को सुना रहे है:
अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार-
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां-
महूं विनती करव तोर भुँइया-
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया-
(अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार-
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां-
महूं विनती करव तोर भुँइया-
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया...

Posted on: May 22, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल दूर नहीं है...कविता -

सुनील कुमार राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की रचना सुना रहे हैं:
वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल, दूर नहीं है-
थककर बैठ गये क्या भाई! मंजिल दूर नहीं है-
चिनगारी बन गई लहू की-
बूँद गिरी जो पग से-
चमक रहे, पीछे मुड़ देखो-
चरण चिह्न जगमग से-
शुरू हुई आराध्य-भूमि यह-
क्लान्ति नहीं रे राही-
और नहीं तो पाँव लगे हैं-
क्यों पड़ने डगमग – से-
बाकी होश तभी तक-
जब तक जलता तूर नहीं है-
थककर बैठ गये क्या भाई!
मंजिल दूर नहीं है-
अपनी हड्डी की मशाल से-
हॄदय चीरते तम का-
सारी रात चले तुम दुख-
झेलते कुलिश निर्मम का-
एक खेय है शेष किसी विधि-
पार उसे कर जाओ-
वह देखो, उस पार चमकता-
है मन्दिर प्रियतम का-
आकर इतना पास फिरे-
वह सच्चा शूर नहीं है-
थककर बैठ गये क्या भाई!
मंजिल दूर नहीं है-
दिशा दीप्त हो उठी प्राप्तकर-
पुण्य-प्रकाश तुम्हारा-
लिखा जा चुका अनल-अक्षरों-
में इतिहास तुम्हारा-
जिस मिट्टी ने लहू पीया-
वह फूल खिलायेगी ही-
अम्बर पर घन बन छायेगा-
ही उच्छवास तुम्हारा-
और अधिक ले जाँच-
देवता इतना क्रूर नहीं है-
थककर बैठ गये क्या भाई!
मंजिल दूर नहीं है...

Posted on: May 22, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

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