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केलवा जा फरे जा ओह पर सुआ मडराए...हारमोनियम पर छट धुन

संजीत कुमार सरैया बाजार मुजफ्फरपुर बिहार से है उनके साथ लोक संगीतकार सुनील कुमार है जो हारमोनियम पर एक पारंपरिक छट धुन सुना रहे है जिसका बोल है केलवा जा फरे जा ओह पर सुआ मडराए...

Posted on: Sep 06, 2018. Tags: BIHAR INSTRUMENTAL MUZAFFARPUR SANJEET KUMAR SUNIL KUMAR

संविधान जलाने की घटना के विरोध में प्रदर्शन: आरक्षण ने दबे कुचलों को आगे आने मौक़ा दिया है...

मुज़फ्फरपुर बिहार से सुनील कुमार को जन आन्दोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के कार्यकर्ता शाहिद कमाल बता रहे है कि 9 अगस्त को जंतर मंतर दिल्ली में कुछ जातिवादी और आरक्षण विरोधी समूहों द्वारा संविधान जलाने की घटना को लेकर पूरे देश में संविधान बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत एक दिवसीय धरना कार्यक्रम किया गया है l कार्यक्रम का उद्देश्य है कि आरक्षण का विरोध और संवैधानिक अधिकारों का हनन करना बंद किया जाये साथ ही सरकार के लोग संविधान की शपथ लेने के बाद संविधान के खिलाफ बयानबाज़ी करते रहते है जिससे संविधान बिरोधी ताकतों को आगे बढने में सहयोग मिलता है आरक्षण ने दबे कुचले लोगों को आगे आने का मौक़ा दिया है संविधान के इस प्रावधान का हम समर्थन करते हैं

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: BIHAR HINDI MUZAFFARPUR SUNIL KUMAR

सोना चांदी से क्या मतलब, जब गाँव हमार हरियर प्राण वायु से भरा है...पर्यावरण गीत-

मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार प्रकृति के ऊपर एक गीत सुना रहे हैं :
सोना चांदी से क्या मतलब, जब गाँव हमार हरियर आक्सीजन से भरा है-
जब गाँव हमार हरियर प्राण वायु से भरा है-
खेती करते हम उपजाते हैं अन्न फल फूल हो-
मेहनत करते हम, गाते हम गीत झूम-झूम हो-
नाचे गाएं खुशी मनाए, रहते मिल-जुल आक्सीजन से भरा है-
गेंहू, चना, धान उपजाते मस्ती में गाते दिन रात हो-
गाय, भैंस बकरी चराए, खाए किसान दूध-भात हो...

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR

मन मगन भक्ति में, अइसन सारा बंधन तोड़ के...भोजपुरी भक्ति गीत-

ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से पूजा कुमारी भोजपुरी में एक भक्ति गीत सुना रही हैं :
मन मगन भक्ति में अइसन सारा बंधन तोड़ के-
हो अज नैकी बहुरिया नाचे हाय ललकी चुनरिया ओढ़ के-
संगही में नाचे तारो ससुर भसुर हो-
छोटका देवरवा के चढ़ गईली सुर हो-
कहे झुमा आ के बहनी हमार, ऐहो चाची हो जा तैयार...

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: BHOJPURI BIHAR MUZAFFARPUR PUJA KUMARI SONG SUNIL KUMAR

स्वतंत्रता सेनानी और काव्य रचयिता महेंद्र मिश्र की कहानी-

महेंद्र मिश्र एक स्वतंत्रता सेनानी थे, उन्होंने क्रांतिकारियों की मदद और अंग्रेजों की अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करने के लिए जाली नोट भी छापते थे, पकडे जाने पर उन्हें बक्सर जेल में रखा गया, छपरा, मुज्जफरपुर, बनारस, पटना और कलकत्ता के लोग एकजुट होकर ब्रिटिश सरकार से अनुरोध किये कि महेद्र मिश्र को छोड़ दे क्योकि इससे हमारी गीत-संगीत खत्म हो जाएगी, महेंद्र मिश्र ने जेल में रहकर पूरा रामायण काव्य के माध्यम से भोजपुरी में लिखा, जब वे जेल में गाते थे, तो अंग्रेजो की महिलाएं उनके कोठरी के पास सुनने आती थी, इस तरह से अंग्रेजी महिलाओ के दबाव और उनके अच्छे व्यवहार के कारण उन्हें समय से पहले ही छोड़ दिया गया, जेल से छूटने के बाद महेंद्र मिश्र आजादी का सूरज नही देख पाए, 26 अक्टूबर सन् 1946 को उनका निधन हो गया |

Posted on: Aug 07, 2018. Tags: BIHAR STORY SUNIL KUMAR

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