नारी में चुरी के आरी में झुरी के बात कुछ और है...चईता गीत

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे है :
नारी में चुरी के आरी में झुरी के रोटी तन्दूरी के बात कुछ और है-
जाड़ में रजाई के दूध में मलाई के रिश्ता में भौजाई के बात कुछ और है-
घर में घरवाली के होठ में लाली के ससुराल में साली के बात कुछ और है-
इलेक्शन में सेशन के स्टेशन में जक्शन के मथवी के बेसन के बात कुछ और है-
अजगर में करेता के लाये में चैता के बात कुछ और है-
लालबहादुर के कैता के बात कुछ और है-
देवता गणेश के बिष्नु महेश के गायक सुनील के बात कुछ और है...

Posted on: Mar 21, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

तेरा राम जी करेंगे बेडा पार, वो उदासी मन काहे को डरे...भजन

मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक भजन सुना रहे है :
तेरा राम जी करेंगे बेडा पार-
वो उदासी मन काहे को डरे-
नैया करदे तू प्रभु के हवाले – लहर-लहर हरि आप सम्हाले-
आप ही उतारे तेरा भार – ये काबू में मजधार उसी के हाथो में पतवार उसी के – गर निर्दोष तू तो क्या डर पग-पग पर्दा फिर ईश्वर है
जरा भावना से कीजिये स्वीकार....

Posted on: Mar 21, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : जापानी इंसेफेलाइटिस के बारे में जानकारी -

जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से स्वास्थ्य कार्यकर्ता मनोज जापानी इंसेफेलाइटिस बीमारी
के बारे में जानकारी दे रहे है. पानी व गंदगी वाली जगह पर मच्छर पनपते हैं जिससे यह रोग होता है अगर तेज़ बुखार के साथ मुंह से झाग आए, बेहोश हो जाए और अगर चिमटी काटने से शरीर में कोई हलचल नही हो तो इससे पता चल जाता है कि रोगी जापानी बुखार से प्रभावित है. सबसे पहले रोगी को छायादार, हवा वाली जगह पर ले जाएं। शरीर से कपडे उतारकर सूती कपडे को गीला कर शरीर पर लगाये जिससे बुखार में आराम मिलता है. बुखार थोड़ा उतरते ही
तुरन्त मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र ले जाऐ जहां इसका इजाज़ मुफ्त में किया जाता है| सुनील कुमार@9308571702

Posted on: Mar 21, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

क्या गजब विज्ञान है कि बुतपरस्ती बढ़ गई...रचना

मालीघाट, जिला-मुज़फ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार नरेन्द्र जी की एक रचना सुना रहे है:
क्या गजब विज्ञान है की बुतपरस्ती बढ़ गई-
हम हुए आज़ाद लेकिन फाकामस्ती बढ़ गयी-
हो गया जबसे इजाफा ए खुदा तनख्वाह मे-
क्या बताये और जादा तंगदस्ती बढ़ गई-
अमन का पैगाम आया है यहाँ जिस रोज से-
मुजरिमों की इस शहर में एक बस्ती बढ़ गई-
ना खुदा हमने बनाया जो उन्हें तो ये हुआ-
हम किनारे पे खड़े थे और कश्ती बढ़ गई-
वो गिरे आकाश से तो और ऊँचे उठ गए-
देखते ही देखते कुछ और हस्ती बढ़ गई...

Posted on: Mar 20, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

मन मैला और तन को धोये फूल को चाहे कांटे बोये...भजन

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक भजन सुना रहे है :
मन मैला और तन को धोये, फूल को चाहे कांटे बोये-
करे दिखावा भक्ति का तू उजली ओढ़े चादरिया-
भीतर से मन साफ़ किया न बाहर मांजे गागरिया-
परमेश्वर ओ ओ ओ परमेश्वर नित द्वार पे आये-
मन मैला और तन को धोये, फूल को चाहे कांटे बोये...

Posted on: Mar 18, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

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