आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : लीची के औषधीय गुण-

मालीघाट, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार ) से सुनील कुमार लीची के गुणकारी फायदे के बारे में बता रहे है. स्वाद के साथ स्वास्थ्य: वे कह रहे हैं लीची एक स्वादिष्ट फल ही नहीं है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत उपयोगी है, वे इसके आठ फायदों के बारे में बता रहे हैं पहला इससे अच्छा पाचन होता है, तंत्रिका तंत्र भी ठीक रहता है, इसे फल के रूप में ही नहीं बल्कि इसका ज्यूस भी निकालकर उपयोग किया जा सकता है, मोटापा कम करने में भी सहायक है, पेट दर्द में भी सहायक है इसमें विटामिन सी होता है जिससे यह सर्दी,जुखाम में भी उपयोगी है ये एंटी ऑक्सीडेंट है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है, थकान को दूर करती है, ऊर्जा का अच्छा स्रोत है.सुनील कुमार@9308571702.

Posted on: Apr 26, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

देश की माटी, देश का जल...कविता

सुनील कुमार ,मालीघाट, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार ) से रवीन्द्रनाथ ठाकुर की एक कविता सुना रहे हैं जिसका अनुवाद भवानीप्रसाद मिश्र ने किया था :
देश की माटी ,देश का जल-
देश की माटी देश का जल-
हवा देश की देश के फल-
सरस बनें प्रभु सरस बने-
देश के घर और देश के घाट-
देश के वन और देश के बाट-
सरल बनें प्रभु सरल प्रभु-
देश के तन और देश के मन-
देश के घर के भाई -बहन-
विमल बनें प्रभु विमल बनें...

Posted on: Apr 26, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

गले में और कितने लटकाएँ कंकाल, हम हैं तमिलनाडु के किसान...कविता-

मालीघाट ,मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सरला माहेश्वरी की कविता सुना रहे है:
हम हैं तमिलनाडु के किसान-
गले में और कितने-
लटकाएँ कंकाल-
और कितने दिन-
अधनंगे, नंगे-
धरती को बना थाली-
पेट को रखें ख़ाली-
कितने दिन मुँह में दबाएँ-
चूहे और घास-
बन जाए लाश-
अपने ही पेशाब से बुझाएँ प्यास-
तब तुम मानोगे-
हम हैवान-
काले भूत नहीं-
पहनें हैं खेतों में जली-
अपनी ही खाल-
बदहाल-
जीवित इंसान-
तमिलनाडु के किसान-
अभी कहाँ निकला कोई हल-
अभी कहाँ खाया-
हमने अपना मल-
कितनी हदें हैं-
तुम्हारी बेशर्मी की-
अभी देखना बाकी है वे पल...

Posted on: Apr 25, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

मेरी पत्नी...कहानी -

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कहानी सुना रहे हैं:
बहुत समय पूर्व की बात है एक युवक बहुत गुस्से में एक दिन बगीचे बैठा था वहीँ पर एक बुजुर्ग बैठे थे उन्होंने उनकी समस्या के विषय में पूछा तो युवक अपनी पत्नी की कमियों के बारे में बताने लगा तब बुजुर्ग ने उसके घर के कामो के बारे में जैसे सफाई करना, खाना बनाना, सभी का ध्यान रखना और सुख दुःख में कौन काम आता है पूछा जिस पर युवक ने जवाब दिया मेरी पत्नी ही यह सब काम करती है तब बुजुर्ग ने कहा उसकी इतनी सारी अच्छाई तुम्हे नही दिखी और एक कमी बड़ी आसानी से दिख गई तब युवक को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने बाद में अपनी पत्नी से माफी माँगी और उसके बाद वे सुखपूर्वक रहने लगे-सुनील@9308571702

Posted on: Apr 25, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

खेत सभय भगवान लगत है, पिसी चना वरदान लगत है...कविता -

सुनील कुमार महेश कटारे सुगम की एक कविता सुना रहे है :
खेत सभय भगवान लगत है, पिसी चना वरदान लगत है-
अब आफत में प्राण लगत है, दीड गए सब और अब शान लगत है-
और जबसे परव तुषार ककाजू, सौवत सौवत चिल्लयांन लगत है-
फसलन को हो गोड दडोरा, ज़िन्दा लाश किसान लगत है-
भय्या कोऊ से बोलत नय्या, कछु कहो खिच्यान लगत है-
क़र्ज़ उगाए जब कोऊ आवे दद्दा बस, विज्ञान लगत है-
खेत सभय भगवान लगत है, पिसी चना वरदान लगत है...

Posted on: Apr 24, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

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