गाँव के सुना सब नारी, संगठन के करा तैयारी...जागरूकता गीत-

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से रिंकी कुमारी एक जागरुकता गीत सुना रही हैं :
गाँव के सुना सब नारी, संगठन के करा तैयारी – बिना रे संगठनमा के बने नहीं काममा-
कर ला लड़ैया अपन जारी,सुना हे बहिना करा तैयारी-
एक-एक ईटा मिलके बने ले मकानमा-
कर ला संगठन अपन जारी...

Posted on: May 26, 2017. Tags: RINKY KUMARI

विधवा एक जिन्दा लाश, भारत की एक कुप्रथा : हमें अधिक विधवा विवाह का प्रयास करना चाहिए...

विधवा एक जिन्दा लाश: जब कोई महिला विधवा हो जाती है तो हमारा समाज ही उसकी दयनीय स्थिति के लिए परम्परा के नाम पर सबसे अधिक गुनहगार होता है जबकि दोष उस विधवा के ऊपर थोप दिया जाता है और उसकी सम्पूर्ण जिन्दगी को एक सफ़ेद कफ़न के साथ धकेल दिया जाता है इसका जिम्मेदार हमारा समाज ही है, हिन्दुस्तान की इस परंपरा को बदलना होगा ताकि विधवा भी अपनी जिन्दगी को एक नयी राह पर ला सके इसके लिए हमे विधवा के पुनर्विवाह के बारे में ऐसे कार्यक्रम करने होंगे और उन्हें एक नयी जिन्दगी देनी होगी, कह रहे हैं सुनील कुमार@9308571702 मालीघाट मुजफ्फरपुर बिहार से. वे कह रहे हैं हमारा देश हर मामले में आगे जा रहा है हमारी विधवा बहने भी पीछे नहीं रहनी चाहिये। सुनील कुमार@9308571702

Posted on: May 25, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

आवे के पड़ी मैया, आवे के पड़ी रउवा...देवी गीत -

ग्राम-महानगुवा, जिला-पूर्वी चम्पारण (बिहार) से कुन्दन कुमार भोजपुरी भाषा में एक देवी गीत सुना रहे है, इस गीत को नवरात्रि के समय अधिक गाया जाता है :
आवे के पड़ी मैया – आवे के पड़ी रउवा – जब अगना मा दिया बाती
जली मइके आवे का पड़ी...

Posted on: May 25, 2017. Tags: KUNDAN KUMAR

बड़ी कठिन बाट आसान, की कही महंगाई हो...बघेली कविता -

जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से फूल कुमारी तिवारी एक बघेली कविता सुना रही है :
बड़ी कठिन बाट आसान, की कही महंगाई हो-
बाबू हमका गाँव ले चला-
घर चलेब त अन्न उगाऊ, करबे खूब किसानी हो-
बाबू हमका गाँव ले चला-
उठ दीन सारे उपरी पाथव, तय दूई ठो रोटी हो-
बाबू हमका गाँव ले चला-
बड़ी कठिन बाट आसान, की कही महंगाई हो...

Posted on: May 25, 2017. Tags: PHOOL KUMARI TIWARI

नय तो माने रे, नय तो माने रे, बड़ा देव नय तो माने रे...गोंडवाना गीत -

ग्राम-भेड़ीया, पोस्ट-भेड़ीया, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजकुमार पोया एक गोंडवाना गीत सुना रहे है :
नय तो माने रे, नय तो माने रे, बड़ादेव नय तो माने रे-
बिन महुआ के फूल, बड़ादेव नय तो माने रे-
जंगल-जंगल झाड़ लगे है, झाड़ में साजा झाड़-
झाड़ में साजा झाड़, बड़ादेव, झाड़ में साजा झाड़-
साजा झाड़ में, बड़ादेव विराजे-
प्रथ्वी के सरदार बड़ादेव, नय तो माने रे...

Posted on: May 25, 2017. Tags: RAJKUMAR POYA

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