गधे की कहानी...

ग्राम-धीरी, तहसील-बैहर ,जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से जगदीश कुमार मरकाम कहानी सुना रहे है. एक व्यक्ति अपने बेटे के साथ गधा बेचने जा रहा था दोनों गधे के साथ पैदल चल रहे थे किसी ने कहा इनको देखो गधा साथ रहते हुए भी पैदल जा रहे है तभी एक और ने कहा आप में से एक इसमें बैठ क्यों नहीं जाते तब उन्होंने अपने बच्चे को गधे पर बैठा दिया आगे चलकर फिर से उ सलाह दिया जिस पर पिता कहने अनुसार खुद गधे पर बैठ गया और चलने लगे कुछ दूर चले ही थे की फिर से उन पर लोगो ने ताना मारा जिससे दोनों पिता-पुत्र गधे पर बैठ गए और चलने लगे कुछ दूर चलने पर पुन: यही घटना हुई और दोनों ने गधे को अपने उपर उठाकर चलने लगे जिस पर लोग उन पर हसने लगे जिसकी आवाज सुनकर गधा डर गया और पैर मारने लगा जिससे रस्सी टूट गई और वही पर नदी मे गिर कर मर गया इसलिए कहा जाता है की हमेशा अपने विवेक से किसी भी काम को करना चाहिए बेकार की बातो में ध्यान नहीं देना चाहिए।

Posted on: Mar 24, 2017. Tags: JAGDISH KUMAR MARKAM

हम इस गाँव में 50 सालों से रह रहे हैं पर अब तक कोई सड़क नहीं बनी, मांग करते-करते थक गए...

ग्राम-टीकर, तहसील-हुज़ूर, जिला-रीवा, (मध्यप्रदेश) से आनन्द कुमार कुशवाह बता रहे हैं कि हमारे गाँव के वार्ड क्रमांक 20 में जाने के लिए कोई सड़क नहीं है, गाँव में आने के लिए एक तरफ नहर है और दूसरी तरफ बांध तो आवागमन में बहुत समस्या होती है इस समस्या को लेकर ग्राम सभा में प्रस्ताव भी रखा और जनपद में भी रखा | बांध और नहर के बीच रास्ता होने के कारण कई लोगो की मौत भी हो चुकी है फिर भी कोई ध्यान नहीं दे रहे है इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है. गाँव में लोग 50 से अधिक सालों से बसे हैं पर कोई भी मदद नहीं करता कृपया कलेक्टर@9425903973 को फोन कर दबाव डालें। आनंद@8517882389

Posted on: Mar 24, 2017. Tags: ANAND KUMAR KUSHVAH

गरीब और अमीर के बीच आय का फर्क १० गुने से अधिक का नहीं होना चाहिए: राममनोहर लोहिया -

मालीघाट जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार डा राममनोहर लोहिया के जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुडी कुछ बात बता रहे है. डा.लोहिया अपना जन्म दिन नही मनाते थे क्यूंकि आज के ही दिन भगत सिंह,राजगुरु,सुखदेव को फांसी दी गई थी. समाजवाद के शीर्ष नेता डॉ लोहिया को सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन के जनक के रूप में जाना जाता है, उनका जन्म फैजाबाद उत्तरप्रदेश में २३ मार्च १९१० में हुआ था, उनका जीवन सदा समाज में फैली आर्थिक विषमता के खिलाफ लड़ने में ही लगा उनका मानना था कि अगर गरीब व्यक्ति १ रू कमाता है तो जो ऊँचे पदों कार्यरत लोगो की आर्थिक स्थति उससे १० गुना अधिक नही होनी चाहिए. वे मानते थे कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी एक गरीब देश और समृद्ध देश का अन्तर इसी भाव के आधार पर होना चाहिए.सुनील कुमार@ 9308571702.

Posted on: Mar 23, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

दीवानों यह बात ना पूछो, कैसे हम आज़ाद हुए....भगत सिंह शहादत दिवस पर गीत

भगत सिंह शहादत दिवस पर जनवादी गीत प्रस्तुत कर रहे हैं साथी विभाकर तिवारी:
दीवानों यह बात ना पूछो, कैसे हम आज़ाद हुए-
इन्कलाब के नारे देश में, चारो ओर ही गूंजे पड़े-
गोलियां खाकर गिर गए फिर भी, कारवां रूका नहीं-
कितने माँ की गोद उजड़ी, कितने घर बर्बाद हुए-
कुर्बानी से मिली आज़ादी, आज फिर खतरे में है-
मन्दिर-मस्जिद पर लड़ते है हम, अस्मत तो लुटती अब है-
वीरों के सपने है छूटते, माँ तो फिर रोती अब है-
आज़ादी फिर छिन न जाए, नौजवां तुम निकल पड़ो...

Posted on: Mar 23, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

सत्य अहिंसा से जो दुनिया में बांटे प्यार, ऐसा सुघड़ सलोना है भाई है अपना बिहार...

बिहार दिवस की शुभकामना के साथ सुनील कुमार, मालीघाट-मुजफ्फरपुर (बिहार ) से नागेन्द्र नाथ ओझा की रचना “अपना बिहार महान” सुना रहे हैं:
सत्य-अहिंसा मंत्र से जो दुनिया में बांटे प्यार-
ऐसा सुघड़ सलोना है भाई है अपना बिहार-
वैशाली राजा विशाल की थी भाई राजधानी-
गणतंत्र राज्य की शुरु हुयी है यहीं से कहानी-
दुनिया के जब लोग घूमते थे वन-वन में मारे-
तब बिहार में विद्यापति जैसे विद्वान पधारे-
मण्डन की मिश्र की पत्नी से, शंकराचार्य ने खाई थी हार-
अस्सी साल का वीर कुंअर, अंग्रेजो को ललकारा-
मुजफ्फरपुर में खुदीराम ने पापी जज को मारा-
होकर शहीद भगवान लाल ,माता का चरण पखारा-
बिहारी वीरों ने कभी भी नहीं जंग में हारा-
आल्हा उदल की गाथा आज भी गाता हैं संसार-
ऐसा सुघड़ सलोना ...

Posted on: Mar 23, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

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