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सजा के रखा ए भाईसा, फल बा हसीन...भोजपुरी गीत-

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं :
गर्मी के फल बाटे, बड़ा कमसीन-
सजा के रखा ए भाईसा, फल बा हसीन-
ट्रीटमेंट प्लांट लगईहा, लगईहा तू मशीन-
ट्रीटमेंट प्लांट से भईया, लीची रहे कमसीन-
शाही लीची-चायना लीची, सब लीची हसीन-
गऊवां-जवरवां के ईबा वैद्य हकीम-
शहर मुजफ्फरपुर के, फल बा रंगीन...

Posted on: Oct 18, 2018. Tags: BHOJPURI BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR

दुनिया में दीवार बहुत है, फिर भी हमको प्यार बहुत है...रचना-

सुनील कुमार ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से राहुल सेठ की एक रचना सुना रहे हैं :
दुनिया में दीवार बहुत है, फिर भी हमको प्यार बहुत है-
बातें जो होती है तुमसे, बस इतना अधिकार बहुत है-
प्यार ही लेना, प्यार ही देना, खुश हूँ ये व्यापार बहुत है-
फिर मिलते है यह कह देना, जीने का आधार बहुत है-
मेरी छोटी दुनिया में तुम, मेरे ये संसार बहुत है-
पुछू जब भी प्यार है कितना, ये कह देना यार बहुत है...

Posted on: Oct 16, 2018. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR POEM SUNIL KUMAR

मुझको जो शत्रु माने वे भी मेरे मित्र...गीत

ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं :
मुझको जो शत्रु माने वे भी मेरे मित्र-
उनका और मेरा नाता परम पवित्र-
जब सभी को अपना माना कैसी फिर जुदाई-
एक माता के लाल सभी भाई-भाई-
जो करे मेरी निंदा उसे मै बखानू-
मानो मै सोने हेतु रोगी उसे मानू-
मुझको जो शत्रु माने वे भी मेरे मित्र...

Posted on: Oct 16, 2018. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR

मोरे दिल मा गिरा के बिजुरिया रे गोरिया...छत्तीसगढ़ी प्रेम गीत-

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक छत्तीसगढ़ी प्रेम गीत सुना रहे है :
मोरे दिल मा गिरा के बिजुरिया रे गोरिया-
कारी घटा के गजरा, फूल मोगरा के गजरा लगाये-
मोला छेड़े त बीच बजरिया सांवरिया-
सावन के तै बदरा, मोर माया के अँचरा ले जाए-
सूरजमुखी के तोर बिंदीया, मन ला मोर भरमाए-
मीठी मीठी हवे तोर बतिया, रतिहा मोला तै जगाए...

Posted on: Oct 15, 2018. Tags: BIHAR CHHATTISGARHI LOVE MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR

बरखा-बरखा बुंदा पानी बरखा, मोरे गुईया रे बुंदा पानी बरखा...सादरी गीत-

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सादरी भाषा में एक श्रृंगार गीत सुना रहे हैं :
बरखा-बरखा बुंदा पानी बरखा, मोरे गुईया रे बुंदा पानी बरखा-
सावन में भादो में, दिल बरसा रे दिल बरसा-
भिजेला तोर कोमलिया यार, दिखीले दिल हाय मचलेला-
बरखा-बरखा बुंदा पानी बरखा, मोरे गुईया रे बुंदा पानी बरखा...

Posted on: Oct 14, 2018. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SADRI SONG SUNIL KUMAR

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