इंसान से नफरत करते हो, भगवान को तुम क्या पाओगे...कविता-

ग्राम-रिमारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैश्य एक कविता सुना रहे हैं :
इंसान से नफरत करते हो भगवान को तुम क्या पाओगे-
इंसान को तुन अपना ना सके भगवान को क्या पाओगे-
इंसान प्रभु का बंदा है नफरत ही नरक का फंदा है-
इन्सान को धोखा देकर के भगवान को तुम झुठलाओगे-
इंसान की इज्जत करना ही भगवान की पूजा होती है-
इंसान को अपमानित करते, प्रभु को न मान दे पाओगे-
खुद अपने दोष छुपाते हो, औरो को दोष लगाते हो...

Posted on: Aug 13, 2018. Tags: LALJI VAISHYA POEM SIDHI MADHYA PRADESH

जिसकी सांसे और पसीना जन हित में लग जाए, वही वीर मेरी राखी बंधवाने हाथ बढाए...राखी गीत-

ग्राम पंचायत-रिमारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैश्य रक्षाबंधन के अवसर पर एक देशभक्ति कविता सुना रहे हैं:
जिसकी सांसे और पसीना जन हित में लग जाएं-
वही वीर मेरी राखी बंधवाने हाथ बढाए-
जो युग की पीड़ा को समझे और जरूरत जाने-
फिर उठ के अनुरूप जगत को गति देने की ठाने-
जिसका जीवन नवल कुजनकी, आज्ञा हित बन जाए-
जो अपने कामो से जोड़े, जिसकी लिखी लकीरें...

Posted on: Aug 09, 2018. Tags: LALJI VAISHYA SIDHI MADHYA PRADESH SONG

इंकलाब का परचम खोल आज बना ले आपना बोल...कविता-

ग्राम पंचायत-रिमारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैश्य एक कविता सुना रहे हैं:
इंकलाब का परचम खोल, आज बना ले अपना बोल-
अपनो ने ली तेरी जान, तू अपनी ताकत पहचान-
जय जवान और जय किसान, यह नारा मिलकर बोल-
मत सह चुप रहकर अन्याय, समझ ना अपने को निर उपाय-
तोड़ ये बेबसी की जंजीर, तू ही देश की है तकदीर-
अपना खून पसीना तौल, मेहनत का ले पूरा मोल...

Posted on: Aug 08, 2018. Tags: LALJI VAISHYA PRADESH SIDHI MADHYA

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