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अच्छी मिट्टी खोदाना, अच्छी बांध बधाना...खेती बचाव गीत-

ग्राम-लुर्घुटी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से रामरती साकेत बीज बचाव और खेती बचाव यात्रा के दौरान चौपाल में उपस्थित साथियो के बीच एक गीत सुना रही हैं :
अच्छी मिट्टी खोदाना, अच्छी बांध बधाना-
अच्छी उपज करना, देशन के आगे बढाना
अच्छी मिट्टी खोदाना, अच्छी बांध बधाना-
अच्छी उपज कराना, अच्छी खाद डलाना-
कोदो कुटकी लगाओ, डॉक्टर ना बुलाओ...

Posted on: Oct 11, 2018. Tags: AGRICULTURE MP RAMRATI SAKET SIDHI SONG

अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हांथो में...संजीवनी गीत

ग्राम-रिमारी, जिला सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैश्य एक संजीवनी गीत सुना रहे हैं :
अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हांथो में-
है जीत तुम्हारे हाथो में और हार तुम्हारे हाथो में-
मेरा निश्चय बस एक यही, एक बार तुम्हे पा जाऊ मै-
अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हांथो में-
अपने कर दूँ दुनिया भर का सब भर तुम्हारे हाथो में-
जो जग में रहू तो ऐसे रहूं जैसे जल में कमल का फूल रहे...

Posted on: Oct 07, 2018. Tags: LALJI WAISHY MP SANJIVANI SIDHI SONG

आज नहीं तो कल यह दुनिया बदलेगी...गीत

ग्राम-रिमारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैश्य एक गीत सुना रहे है:
आज नही तो कल यह दुनिया बदलेगी-
बदलेगी नीचे दुनिया हो गये धरती और आकाश यही-
अग्नि वायु जल का होगा अभ्यास यही-
सूरज चाँद सितारे ऐसे ही होंगे-
दूसरे जगत से तारे ऐसे ही होंगे-
केवल दृष्टि बदल जायेगी मानव की मन होगा निर्मल-
यह दुनिया बदलेगी उन्नति नही रुकेगी...

Posted on: Aug 28, 2018. Tags: HINDI SONG LALJI VAIDYA MP SIDHI

इंसान से नफरत करते हो, भगवान को तुम क्या पाओगे...कविता-

ग्राम-रिमारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैश्य एक कविता सुना रहे हैं :
इंसान से नफरत करते हो भगवान को तुम क्या पाओगे-
इंसान को तुन अपना ना सके भगवान को क्या पाओगे-
इंसान प्रभु का बंदा है नफरत ही नरक का फंदा है-
इन्सान को धोखा देकर के भगवान को तुम झुठलाओगे-
इंसान की इज्जत करना ही भगवान की पूजा होती है-
इंसान को अपमानित करते, प्रभु को न मान दे पाओगे-
खुद अपने दोष छुपाते हो, औरो को दोष लगाते हो...

Posted on: Aug 13, 2018. Tags: LALJI VAISHYA POEM SIDHI MADHYA PRADESH

जिसकी सांसे और पसीना जन हित में लग जाए, वही वीर मेरी राखी बंधवाने हाथ बढाए...राखी गीत-

ग्राम पंचायत-रिमारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैश्य रक्षाबंधन के अवसर पर एक देशभक्ति कविता सुना रहे हैं:
जिसकी सांसे और पसीना जन हित में लग जाएं-
वही वीर मेरी राखी बंधवाने हाथ बढाए-
जो युग की पीड़ा को समझे और जरूरत जाने-
फिर उठ के अनुरूप जगत को गति देने की ठाने-
जिसका जीवन नवल कुजनकी, आज्ञा हित बन जाए-
जो अपने कामो से जोड़े, जिसकी लिखी लकीरें...

Posted on: Aug 09, 2018. Tags: LALJI VAISHYA SIDHI MADHYA PRADESH SONG

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