पीड़ितों का रजिस्टर : 2013 में नक्सलियों के डर से अपना गांव छोड़कर आना पड़ा...

कोलूराम पिता मासाराम, ग्राम-वाला, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे हैं, 2013 में नक्सलियों के डर से अपना गांव छोड़कर शांतिनगर नारायणपुर में हैं| उनके पुराना गांव में बहुत मार पिट करते थे उन्हें भी मुखबिरी करते है, पहले फॉरेस्ट विभाग में काम करते थे| सरकार के तरफ से कोई सहयोग राशि नही मिला है|अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@9407626022.

Posted on: Aug 11, 2021. Tags: CG DISPLACED KOLURAM MASARAM MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER 2013

पीड़ितों का रजिस्टर : गाँव में आये हुए पुलिस कैंप के लिए खाना बनाने का आरोप लगा नक्सलियों ने पीटा...

पुनऊराम सलाम बताते हैं कि नक्सलियों से बचने के लिए वे 2004-5 में पलायन कर नरायणपुर आ कर बसे। उनके गाँव बेड़माकोट, ब्लॉक नारायणपुर में पुलिस कैंप आयी हुयी थी। जब पुलिसवाले जंगल में गश्त पे निकले तो वे उन्हें भी अपने साथ ले गए और लकड़ी इकट्ठा करने को कहा। इसके पश्चात नक्सलियों ने उनपे पुलिस के लिए खाना बनाने, कपड़ा धोने का आरोप लगाया व तीन बार उन्हें पकड़ कर मार पीट की। पुलिसवालों ने उन्हें एक चिट्ठी दी, जिसके सहारे वे नारायणपुर में अपने परिवार के साथ जा बसे। उन्होंने गाँव से अपना सामान लाने के लिए एक गाड़ी किराए पे ली थी, किन्तु नक्सलियों ने उस गाड़ी को तोड़ फोड़ कर उनका सामान जब्त कर लिया। सरकार से उन्हें रु.15,000 सहायता राशि मिली। पिछले 15 सालों से वे बनी मजदारी कर अपना गुजारा भत्ता चलाते हैं। उनका एफआईआर दर्ज हो चुका है किन्तु पुनर्वास योजना का लाभ नहीं मिला। संपर्क नंबर 9302184771

Posted on: Aug 09, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR PUNURAM SALAM VICTIMS REGISTER

पीड़ितों का रजिस्टर : पुलिस द्वारा ना पकड़े जाने पर नक्सलियों ने मुखबीर करार दिया...

सोमाराम उसेंडी, ग्राम कुतुल तहसील ओरछा जिला नारायनपुर, बताते हैं कि वे नक्सलियों द्वारा मारे जान के डर से 2016 से नारायणपुर में रहते हैं व रोजी मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं। वे अपने गाँव के बाकी लोगों की तरह ही नक्सलियों के संपर्क मे थे। उनके घर छोड़ कर भागने की कहानी तब शुरू होती है जब वे एक दिन सुबह खाना कहा रहे थे। चूंकि उनके गाँव में एक नक्सली मारा गया था, एक पुलिस की टुकड़ी गश्त के लिए उसी समय उनके गाँव पहुंची। नक्सलियों के आस पास होने के कारण उनकी पुलिस से मुठभेड़ शुरू हो गई। जब पुलिस वापस चले गई, तब नक्सलियों को संदेह हुआ कि पुलिस ने सोमाराम को पकड़ा क्यूँ नहीं और इसी आधार पर उनपे मुखबिरी का आरोप लगाया। मारे जाने से के डर से वे रातों रात गाँव छोड़ कर नारायणपुर भाग आए। इसी बीच पुलिस ने उनके घर पे 2 बार दबिश की। जब नक्सलियों को खबर मिली की वह नारायणपुर भाग गए हैं, तो उनका संदेह और मजबूत हो गया कि वे पुलिस को माओवादियों की खबर पहुंचाने गए हैं। जब वे लौट कर अपने घर आए, तो गॉंव वालों ने बताया कि नक्सली उन्हें मारने की फिराक मे हैं। इसी डर से वे दुबारा नारायणपुर भाग आए और तब से यहीं रह कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उनका एफआईआर दर्ज हो चुका है लेकिन सरकार से ना जमीन मिली है ना ही कोई सहयोग राशि। संपर्क नंबर@7647938065.

Posted on: Aug 08, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR SOMARAM USENDI VICTIMS REGISTER 2016

पीड़ितों का रजिस्टर : पिता जी को सलवा जुडूम के समय 2006 नक्सलियों में जान से मार दियें...

लक्ष्ण दुग्गा पिता-सोमारू राम दुग्गा ग्राम पंचायत-बोरपाल, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे हैं, उनके पिता जी को सलवा जुडूम के समय 2006 नक्सलियों में जान से मार दियें, गांव के सरपंच थे पहले| उन्हें सरकार के तरफ से सहयोग राशि मिला था| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@6266649799.

Posted on: Aug 07, 2021. Tags: CG DISPLACED KILLD LAXMAN DUGGA MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER 2006

पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सलीयों का काम नहीं करेंगे तो मारे जाएंगे...

ग्राम पंचायत-तोयेनार, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से रूपसाय सलाम बताते हैं की उन्होंने 3-4 साल नक्सलियों के लिए काम किया, लेकिन वर्त्तमान में उन्हीं के द्वारा मारे जाने के भय से पिछले 8-9 साल से शांतिनगर में रह रहे हैं। उनका पैतृक गाँव तोयनार है, जहाँ उनके घर को नक्सली हथियार व गोला-बारूद रखने के लिए इस्तेमाल किया करते थे। फिर दूसरी टुकड़ी आकर उसे ले जाती थी। वे नक्सलियों के लिए चावल, सब्जी वगैरह भी इकठ्ठा करते थे। वे कहते हैं कि वे नक्सलियों के लिए काम करने को मजबूर थे क्यूंकि अगर वे काम करने से इंकार करते, तो उन्हें मार दिया जाता। एक बार उनका किसी काम से शांतिनगर जाना हुआ जहाँ पे पुलिस को खबर मिलते ही उन्हें पकड़ लिया गया। वे उन्हें उनके गाँव ले गए व उन्हें बाध्य कर सारा असला-बारूद दिखाने को कहा। उसे जब्त कर पुलिस उन्हें भी अपने साथ वापस ले आयी। उन्हें कहा गया कि वापस जाना खतरे से खली नहीं होगा और सहायता राशि के नाम पे रू.1000 दिए। तब से वे शांतिनगर में ही रह रहे हैं और मजदूरी कर के गुज़ारा चलाते हैं। संपर्क नंबर@9770727570.

Posted on: Aug 07, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR RUPSAY SALAM VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »


YouTube Channel




Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download