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Impact: Got my due Govt support money for making house after CGnet report...

ग्राम-रिमारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैद्य बता रहे है कि उनका सरकार के तरफ से आवास मिला था जिसका पैसा लगभग डेढ़ साल से नही मिल रहा था ग्राम के सरपंच, सचिव को कई बार आवेदन देने से भी कोई सुनवाई नही हो रही थी, वे झूठा आश्वासन दे रहे थे और इधर उधर दौड़ा रहे थे तो उन्होंने उसके बाद सीजीनेट में एक सन्देश रिकॉर्ड किया, रिकॉर्ड करने के दो महीने बाद उनका पैसा मिल गया अब वे बहुत खुश है| इसलिए सम्बंधित अधिकारियो को और सीजीनेट के साथियों को जिन्होंने अधिकारियों को फोन कर उनकी मदद की उनको धन्यवाद दे रहे है| लालजी वैद्य@7869106886.

Posted on: Jun 24, 2018. Tags: LALJI VAIDYA

जोश ना ठण्डा होने पाए, क़दम मिलाकर चल, मंजिल तेरी पग चूमेंगी, आज नही तो कल...गीत

ग्राम-रिवारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी बैध भारतीय किसान यूनियन से जुड़े है, एक गीत सुना रहे है:
जोश ना ठण्डा होने पाए, क़दम मिलाकर चल-
मंजिल तेरी पग चूमेंगी, आज नही तो कल-
सबकी हिम्मत सबकी ताकत, सबकी मेहनत एक ही-
सबकी इज़ाजत, सबकी दौलत, सबकी किस्मत एक ही-
बलिदानों का ढेर लगा, इतिहास बदलता चल-
सबका मंदिर सबकी मस्जिद, गिरजा घर गुरुद्वारा-
हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई, भारत सबको प्यारा...

Posted on: Apr 05, 2018. Tags: LALJI VAIDYA

इंकलाब का परचम खोल आज बना ले अपना गोल...किसानी गीत

ग्राम-रीवाणी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैद्य एक किसानी गीत सुना रहे हैं :
इंकलाब का परचम खोल, आज बना ले अपना गोल-
अपनों ने ले तेरी जान, तू अपनी ताकत पहचान-
जय-जवान और जय-किसान यह नारा मिलकर बोल-
मत सह चुप रह कर अन्याय, समझना अपने को निर उपाय-
तोड़ दे बेबस की जंजीर, तू ही है देश की है तकदीर-
अपना खून पसीना तौल, मेहनत का ले पूरा मोल-
अनुदानों का लेकर नाम, घूसखोरों ने लूटा सरेआम...

Posted on: Apr 03, 2018. Tags: LALJI VAIDYA

जग गई नारियां सावधान, चल पड़ है क्रांति का विधान...महिला सशक्तीकरण गीत

ग्राम-रिवारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैद्य महिला सशक्तीकरण को लेकर एक गीत सुना रहे हैं :
जग गई नारियां सावधान, चल पड़ है क्रांति का विधान-
मुक्ति हमें दिलाए, समाज को कुरुतियों से-
बोलिया नही होंगी, अबे हमारे लाल की-
होलिया नही जलेगी, अबे पराये माल की-
दहेज़ के भिकारियों सावधान, फ़ासी से से अबे बहु टले न खाउंगी-
लाड़ली बहु तो, अबे जलाई ना जायेगी-
अबे बहु है बेटिया सावधान, धाव तंत्र राज तंत्र को दिशा दिखाएगी...

Posted on: Apr 01, 2018. Tags: LALJI VAIDYA

इन्कलाब का परचम खोल...किसानो पर कविता

ग्राम-इटावा, जिला-सीधी (म.प्र.) से लालजी वैद्य किसानो पर आधारित एक कविता सुना रहे है:
इन्कलाब का परचम खोल-
आज बना ले अपना गोल-
अपनों ने ली तेरी जान-
तू अपनी ताकत पहचान-
जय जवान और जय किसान-
यह नारा मिलकर बोल-
मत सह चुप रहकर अन्याय-
समझना अपने को निर उपाय-
तोड़ ये बेबस की जंजीर-
तू ही देश की है तक़दीर-
अपना खून पसीना तौल-
मेहनत का ले पूरा मोल...

Posted on: Jan 29, 2018. Tags: LALJI VAIDYA

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