गाडी करती चुक-चुक-चुक लम्बू कहता रुक-रुक-रुक...रेलगाड़ी कविता

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक रेलगाड़ी कविता सुना रहे है:
गाडी करती चुक-चुक-चुक लम्बू कहता रुक-रुक-रुक-
डिब्बा कहता घुस-घुस लम्बू चढ़ गया चुप-चुप-चुप-
इंजन बोल पुक-पुक-पुक गाड़ी चल दी चुक-चुक-चुक-
आगे थी वह भैंस खड़ी गाडी से वह नहीं डरी...

Posted on: Feb 19, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAH

सूर्य से न कहता कोई धूप यहाँ पर मत फैलाओ : बाल कविता

ग्राम केरकेट्टा, पोस्ट जोगा, प्रखंड उतारी रोड जिला पलामू झारखंड से अकलेश कुशवाहा एक बाल कविता सुना रहे हैं :
सूर्य से न कहता कोई धूप यहाँ पर मत फैलाओ-
कोई नहीं चाँद से कहता उठा चांदनी को ले जाओ-
कोई नहीं हवा से कहता खबरदार जो अन्दर आई-
कोई नहीं बादल से कहता क्यों यहाँ जलधार बरसाई-
फिर क्यों हमसे भैया कहते यहाँ ना आओ भागो जाओ-
अम्मा कहती है घर भर में खिलौने मत फैलाओ...
पापा कहते बाहर खेलो खबरदार जो अन्दर आये-
हम पर ही सबका बस चलता जो चाहे वह बात बताये-

Posted on: Feb 08, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAHA

बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे...भोजपुरी शिक्षा गीत

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू,(झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक गीत सुना रहे है:
बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे-
लेदा फोन चनिया, करिके-
भोजनिया तो मारवे से स्कूल जाइब-
बाबूजी से बापू कहे,लिखवाईदा हो नामवा-
करिके भोजनिया तो मारवे से स्कूल जाइब-
बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे-
लेजा हो बेकवा बाबूजी से बापू कहे-
करिके भोजनिया तो मारवे से स्कूल जाइब-
बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे-
लेदा कौने कापिया,लेदा कौने कापिया-
करिके भोजनिया तो मारवे से स्कूल जाइब-
बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे-
लिखवाईदा नामवा...

Posted on: Feb 03, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAHA

नाम है उसका ककु, ककु माने कोयल होता...कविता

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू,(झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक कविता सुना रहे है:
नाम है उसका ककु, ककु माने कोयल होता-
लेकिन यह तो जिन्दा रहता-
इसलिए हम इसे चिड़ाते कहते इसको शकू-
नाम है इसका ककु कोयल माने मिश्रित जैसी
मीठी जिसकी बोली अच्छी...

Posted on: Feb 02, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAH

पापा लिख दो ऐसी किताब जो करती हो मुझसे बात...किताब पर कविता

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू,(झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक कविता सुना रहे है:
पापा लिख दो ऐसी किताब जो करती हो मुझसे बात-
रंग बिरंगे जिसमे चित्र लगा के देखो जो मित्र-
भाषा उसकी बड़ी सरल हो अक्षर उसके बड़े चंचल हो-
जैसे हम आपस में बोले पढकर मस्त मगन में ढोले-
नाम हो उसका प्यारा-प्यारा छोटा मोटा सबसे नियारा-
नयी-नयी हो उसमे बात पढने लगे सभी दिन रात...

Posted on: Feb 01, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAH

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