बुढिया और चार बेटो की बाल कहानी...

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक बाल कहानी सुना रहे है. वे बता रहे हैं कि बहुत दिन पहले गाँव में एक बुढिया थी उसके चार बेटे थे चारो बेटे उसको खाना देते थे लेकिन मिठाई नहीं देते थे. तो बुढिया ने एक दिन कहा चारो बेटो से बेटों जब मैं मर जाउंगी तब मुझे मुहं पर हाथ पर और सब तरफ रसगुल्ला रख देना. फिर एक दिन बुढिया ने नशा लगाया और उन चारो लोगो ने रख दिए रसगुल्ला उसके शरीर में चारों ओर और बोल रहे है राम नाम सत है तो नशे में बुढिया भी बोली यह रसगुल्ला बहुत मस्त है| अकलेश कुशवाह@9162031630.

Posted on: Jul 03, 2018. Tags: AKLESH KUSHWAH JHARKHAND STORY

देखो कोयल काली है पर मीठी है उसकी बोली...कविता -

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक कविता सुना रहे है:
देखो कोयल काली है पर मीठी है उसकी बोली-
इसने ही तो कुक कुक कर आमो में मिसरी घोली-
कोयल! कोयल! सच बतलाओ, क्‍या संदेशा लाई हो-
बहुत दिनों के बाद आज फिर, इस डाली पर आई हो-
क्‍या गाती हो, किसे बुलाती, बतला दो कोयल रानी-
प्‍यासी धरती देख, माँगती हो क्‍या मेघों से पानी...

Posted on: Dec 04, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAH

गाडी करती चुक-चुक-चुक लम्बू कहता रुक-रुक-रुक...रेलगाड़ी कविता

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक रेलगाड़ी कविता सुना रहे है:
गाडी करती चुक-चुक-चुक लम्बू कहता रुक-रुक-रुक-
डिब्बा कहता घुस-घुस लम्बू चढ़ गया चुप-चुप-चुप-
इंजन बोल पुक-पुक-पुक गाड़ी चल दी चुक-चुक-चुक-
आगे थी वह भैंस खड़ी गाडी से वह नहीं डरी...

Posted on: Feb 19, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAH

सूर्य से न कहता कोई धूप यहाँ पर मत फैलाओ : बाल कविता

ग्राम केरकेट्टा, पोस्ट जोगा, प्रखंड उतारी रोड जिला पलामू झारखंड से अकलेश कुशवाहा एक बाल कविता सुना रहे हैं :
सूर्य से न कहता कोई धूप यहाँ पर मत फैलाओ-
कोई नहीं चाँद से कहता उठा चांदनी को ले जाओ-
कोई नहीं हवा से कहता खबरदार जो अन्दर आई-
कोई नहीं बादल से कहता क्यों यहाँ जलधार बरसाई-
फिर क्यों हमसे भैया कहते यहाँ ना आओ भागो जाओ-
अम्मा कहती है घर भर में खिलौने मत फैलाओ...
पापा कहते बाहर खेलो खबरदार जो अन्दर आये-
हम पर ही सबका बस चलता जो चाहे वह बात बताये-

Posted on: Feb 08, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAHA

बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे...भोजपुरी शिक्षा गीत

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू,(झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक गीत सुना रहे है:
बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे-
लेदा फोन चनिया, करिके-
भोजनिया तो मारवे से स्कूल जाइब-
बाबूजी से बापू कहे,लिखवाईदा हो नामवा-
करिके भोजनिया तो मारवे से स्कूल जाइब-
बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे-
लेजा हो बेकवा बाबूजी से बापू कहे-
करिके भोजनिया तो मारवे से स्कूल जाइब-
बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे-
लेदा कौने कापिया,लेदा कौने कापिया-
करिके भोजनिया तो मारवे से स्कूल जाइब-
बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे-
लिखवाईदा नामवा...

Posted on: Feb 03, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAHA

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