फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना...बाल कविता-

ग्राम-ढोडी, पोस्ट-बरती काला, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से पूनम मरावी एक कविता सुना रही हैं :
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से नित, सीखो शीश झुकाना-
सीख हवा के झोकों से लो, हिलना, जगत हिलाना!
दूध और पानी से सीखो, मिलना और मिलाना-
सूरज की किरणों से सीखो, जगना और जगाना-
लता और पेड़ों से सीखो, सबको गले लगाना...

Posted on: Apr 09, 2019. Tags: AJIT SINGH BALRAMPUR CG POEM

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download