चला-चला-चला बाबा के धाम चला...सावन का भजन

ग्राम डूमरखोरका, पंचायत भेलवाडीह, तहसील बलरामपुर, जिला बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से अनूपराम सावन महीना में गाये जाने वाला गीत सुना रहें हैं:
चला-चला-चला बाबा के धाम चला-
गंगा में जलवा भरा, खांडी में कावर डाला-
कट जा ही रे कठिनवा, चला कवरिया बोला बम बम बम-
चला-चला-चला भोला के धाम चला-
गंगा में जलवा भरा, खांडी में कावर डाला-
कट जा इ रे कठिनवा, चला कवरिया बोला बम बम बम...

Posted on: Dec 19, 2016. Tags: ANUPRAM BALRAMPUR

कहाँ भूलय लेना हे शिवा गुरु कहाँ भूलयलेना...भजन -

ग्राम-दुमरकोरका, पंचायत-बेल्वाड़ी, तहसील-बलरामपुर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से अनूपराम एक भजन सुना रहे हैं:
कहाँ भूलय लेना हे शिवा गुरु कहाँ भूलयलेना-
हमर ज्ञान के मोटरिया हे शिवा गुरु कहाँ बुलय लेना-
जंगली में खोजली न हे शिवा गुरु पतझड़ में खोजली न-
हम पतझड़ झाड-झाड खोजली से-
शिवा गुरु कब्बो नहीं मिल ले न-
हमर ज्ञान के मोटरिया हे...

Posted on: Jun 10, 2016. Tags: ANUPRAM BALRAMPUR

जुग जुग जिओ हो ललनवा भवनवा के बाद बाजल हो...सोहर गीत

ग्राम पंचायत-भेल्वाडीह, तहसील -बलरामपुर,जिला-बलरामपुर(छ.ग) से अनूपराम सोहर गीत सुना रहे हैं यह गीत बच्चे के जन्म के समय गाया जाता है :
जुग जुग जिओ हो ललनवा भवनवा के बाद बाजल हो – हो ललना लाल होही फुलवा के दीपक मनवा में आस लागल हो – आजी के रतिया सुहावन दनिया मन भावन वो – हो ललना दिदिया के होल हो जनमवा हो...

Posted on: May 25, 2016. Tags: Anoopram Balrampur

If you know of blacksmith who gets iron after smelting stone, pls let me know...

Manoj Ram is calling from Chitbishrampur village in Balrampur district in Chhattisgarh and says he has heard about one man called Kubda Lohar from nearby Bhelwadih village who used to find some black stones in the river and used to get iron after smelting the stone. People used to take him to their villages so that he could find the stone for iron. He is requesting listeners of CGnet Swara that if you know of anyone who does this kind of work them please call Manoj@9977617533

Posted on: Apr 12, 2016. Tags: MANOJ BALRAMPUR

प्रकाशमय जीवन को विश्वासपूर्ण साथ हम...प्रेरक गीत

ग्राम-पथरी, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से पचिया एक गीत सुना रही हैं:
प्रकाशमय जीवन को विश्वासपूर्ण साथ हम-
सारे जहां स्वर्ग हो जमीन पर उतारे हम-
गरजते आकाश पहाड़ को न हिला सके-
नदिया उबर आएंगी जमीन को न घींच सके-
एकता की आत्मा बरसे गगन को झुकाएं हम-
सारे जहां स्वर्ग हो जमीन पर उतारें हम...

Posted on: Apr 08, 2016. Tags: PACHIYA BALRAMPUR

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