दिन ऐसा आज का होना चाहिए...बाल कविता

ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कवि डॉ पुष्प एक बाल कविता सुना रहे है:
दिन ऐसा आज का होना चाहिए-
ईश्वर का हमे नाम लेना चाहिए-
कदम बढ़ालो नेक डगर में-
तक न जाना पाप भवंर में – ऐसा चिंतन अब तो होना चाहिए-
ईश्वर का हमे नाम लेना चाहिए-
दिन ऐसा आज का होना चाहिए...

Posted on: Feb 22, 2017. Tags: PS PUSHP SONG VICTIMS REGISTER

मंजिल को जब है पाना खतरों से क्यूँ कर डरना...रचना

ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बालकवि डॉ पुष्प एक रचना सुना रहे है:
मंजिल को जब है पाना खतरों से क्यूँ कर डरना-
बाधाओं से टकराकर हमको है आगे बढ़ना-
आंधी हो चाहे हो तूफ़ान पथ पर हमें है न रुकना-
हर सूरत में जैसे भी हो हमको है आगे बढ़ना-
पढ़ लिख कर हम सब को भारत का है शान बढ़ाना-
इसकी सेवा में रत रह कर हमको है आगे बढ़ना-
मंजिल को जब है पाना खतरों से क्यूँ कर...

Posted on: Feb 21, 2017. Tags: PS PUSHP SONG VICTIMS REGISTER

टीवी पर बचपन से देख रहा हूँ, ये खूनी खेल...श्रदांजलि कविता

ग्राम-पड़ेगाँव, ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से साहित्यकार डॉ.पी.एस.पुष्प देश के अमर शहीदों को श्रध्दांजलि अर्पित करते हुए एक कविता सुना रहे हैं :
टीवी पर बचपन से देख रहा हूँ, ये खूनी खेल-
आह नहीं पाता आती नहीं समझ, ये कैसी शहादत है-
छोटे-छोटे बच्चे हो गये हैं अनाथ, जहाँ पत्नी की उजड़ गई मांग-
बूढी माँ किवाड़ खोल दरवाजे पर, सिर पीट-पीट कर रो रही हैं-
ये कैसी शहादत है,ये कैसी शहादत है...

Posted on: Sep 27, 2016. Tags: PS PUSHP SONG VICTIMS REGISTER

अनिकेतन हूँ,अनिकेतन हूँ इस अनिरोजक्ति में अनिकेतन हूँ...कविता

ग्राम-पढ़ेगाँव, तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से पी एस पुष्प एक रचना सुना रहे हैं:
अनिकेतन हूँ, अनिकेतन हूँ-
इस अनिरोजक्ति में अनिकेतन हूँ-
हैं अनिकेतन श्रष्टि सारा-
मृदु उर नवरंग में अनिकेतन हूँ-
इर्ष्या द्वेष अहम वासना-
अनिकेतन हूँ, अनिकेतन हूँ...

Posted on: Sep 01, 2016. Tags: PS PUSHP SONG VICTIMS REGISTER

बेटी कर रही पुकार, देखो तो वह बार-बार...बेटियों पर कविता

ग्राम-पढ़ेगाँव, तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से पी एस पुष्प बेटियों पर एक कविता सुना रहे हैं:
बेटी कर रही पुकार,देखो तो वह बार-बार-
सुनो-सुनो वो जग वालो देखो मैं एक बेटी हूँ-
मुझको भी जीने का हक हैं-
लेकिन मैं क्यों रोती हूँ-
भैया जैसे मैं भी निशदिन-
स्कूल पढने जाउंगी-
खूब लगन से मेहनत करके-
जग में नाम कमाउंगी...

Posted on: Aug 31, 2016. Tags: PS PUSHP SONG VICTIMS REGISTER

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