मंजिल को जब है पाना खतरों से क्यूँ कर डरना...रचना
ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बालकवि डॉ पुष्प एक रचना सुना रहे है:
मंजिल को जब है पाना खतरों से क्यूँ कर डरना-
बाधाओं से टकराकर हमको है आगे बढ़ना-
आंधी हो चाहे हो तूफ़ान पथ पर हमें है न रुकना-
हर सूरत में जैसे भी हो हमको है आगे बढ़ना-
पढ़ लिख कर हम सब को भारत का है शान बढ़ाना-
इसकी सेवा में रत रह कर हमको है आगे बढ़ना-
मंजिल को जब है पाना खतरों से क्यूँ कर...
