अनिकेतन हूँ,अनिकेतन हूँ इस अनिरोजक्ति में अनिकेतन हूँ...कविता
ग्राम-पढ़ेगाँव, तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से पी एस पुष्प एक रचना सुना रहे हैं:
अनिकेतन हूँ, अनिकेतन हूँ-
इस अनिरोजक्ति में अनिकेतन हूँ-
हैं अनिकेतन श्रष्टि सारा-
मृदु उर नवरंग में अनिकेतन हूँ-
इर्ष्या द्वेष अहम वासना-
अनिकेतन हूँ, अनिकेतन हूँ...
