बेटी कर रही पुकार, देखो तो वह बार-बार...बेटियों पर कविता
ग्राम-पढ़ेगाँव, तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से पी एस पुष्प बेटियों पर एक कविता सुना रहे हैं:
बेटी कर रही पुकार,देखो तो वह बार-बार-
सुनो-सुनो वो जग वालो देखो मैं एक बेटी हूँ-
मुझको भी जीने का हक हैं-
लेकिन मैं क्यों रोती हूँ-
भैया जैसे मैं भी निशदिन-
स्कूल पढने जाउंगी-
खूब लगन से मेहनत करके-
जग में नाम कमाउंगी...
