बघेली कविता : एक बिना हम चले जात रहीं, संग में पकड़े ढर्रा...

तहसील-सिरमोर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रमेश प्रसाद यादव एक बघेली कविता सुना रहे है. जिसका शिर्षक “आवारा नाती” है:-
एक बिना हम चले जात रहीं, संग में पकड़े ढर्रा-
रही प्यासी ख़ूब दुपहरी, घाम जेठ के कर्रा-
दो नीं से गोहराई ना हमखा, बढ़ गईयाँ बैसाखि-
बैठ रहे चौरा में अपने, पणवत चैन तम्बाखू-
वहीं से बैठे-बैठे, ओखर नाती धूल उड़ावे-
बंद करिन अखबार पढ़ो, लागी वो नाती को हाल सुनावे...

Posted on: Nov 14, 2019. Tags: RAMESH PARSAD YADAV REWA MP SONG

बघेली कविता : हमरे देश मा पुंजनिय है, चिंता और तवा...

ग्राम-पड़वी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रमेश प्रसाद यादव एक बघेली कविता सुना रहे है जिसका शिर्षक “तवा और चिंता है:
हमरे देश मा पुंजनिय है, चिंता और तवा-
एक दिन कहिस, तवा चिंता से हम दुई जरत रहिथ है-
हम चूल्हा के मोड़ में बैठे, दिन भर पकत रहीथ है-
कोळ रोटी बेलकर पटके, हमरे गरम् कपारे में-
अब चिंता से पकड़-पकड़, हिट आवे रोटी खड़ीं द्वारे में-
हमरे तुमरे बिच में भाई, कछु नहीं अंतर है-
एक दिन कहिस, तवा चिंता से हम दुई जरत रहिथ है...

Posted on: Nov 09, 2019. Tags: RAMESH PARSAD YADAV REWA MP SONG

कौन तुम्हे कहता है अबला, दबी राख़ चिंगारी हो...कविता-

ग्राम-पड़वी, तहसील-सिरमोर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रमेश प्रसाद यादव नारी शक्ति को लेकर “नारी की मह्त्ता” कविता सुना रहे है:
कौन तुम्हे कहता है अबला, दबी राख़ चिंगारी हो-
ममता की जिवित मूरत हो, भारत की हो नारी हो-
मानव अब तक समझ ना पाया, इतिहास बने हो गाथा हो-
सावित्री सा त्याग है तुझमे, यम भी तुझ से हार गयें-
तेरी ममता का सुख पाने, ईश्वर ने अवतार लिए-
तुम धरती की शोभा न्यारी, हर दिल की तुम प्यारी हो-
ममता की जिवित मूरत हो, भारत की हो नारी हो...

Posted on: Nov 08, 2019. Tags: RAMESH PARSAD YADAV REWA MP SONG

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download