कौन तुम्हे कहता है अबला, दबी राख़ चिंगारी हो...कविता-

ग्राम-पड़वी, तहसील-सिरमोर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रमेश प्रसाद यादव नारी शक्ति को लेकर “नारी की मह्त्ता” कविता सुना रहे है:
कौन तुम्हे कहता है अबला, दबी राख़ चिंगारी हो-
ममता की जिवित मूरत हो, भारत की हो नारी हो-
मानव अब तक समझ ना पाया, इतिहास बने हो गाथा हो-
सावित्री सा त्याग है तुझमे, यम भी तुझ से हार गयें-
तेरी ममता का सुख पाने, ईश्वर ने अवतार लिए-
तुम धरती की शोभा न्यारी, हर दिल की तुम प्यारी हो-
ममता की जिवित मूरत हो, भारत की हो नारी हो...

Posted on: Nov 08, 2019. Tags: RAMESH PARSAD YADAV REWA MP SONG

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