बाल सभा में बोल रहे है थे, मैडम जी एक बार...कविता -

ग्राम-पडेगाँव, तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से सामाजिक कार्यकर्ता व बाल कवि डॉक्टर.पी.एस.पुष्प स्वच्छता को लेकर स्वरचित एक कविता सुना रहे है :
बाल सभा में बोल रहे है थे, मैडम जी एक बार-
लाभ हमेशा स्वछता से, इस पर करे विचार-
राजू उठकर हाथ जोड़कर, बोला वाह मेडम जी-
साफ़ सफ़ाई पर निर्भर है, सुन्दर भारत मेडम जी-
स्वच्छ शहर सुन्दर सी सड़के, देता है यह साफ़ सफ़ाई-
पास बुलाता शुद्ध हवा को, स्वच्छ जल देता है भाई...

Posted on: Feb 14, 2019. Tags: PS PUSHP

हांथी दादा बड़े सवेरे निकल पड़े मैदान में...बाल कविता -

तमनार पड़ेगांव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से डॉ PS पुष्प बाल कविता सुना रहे हैं:
हांथी दादा बड़े सवेरे निकल पड़े मैदान में-
कांप रहे थे ठुठरन में जान नही रही जान में-
इतने में तो सूरज भईया निकल पड़े असमान से-
टाटा कह जाड़े को दादा उछल पड़े अब शान से-
टाटा कह जाड़े को दादा उछल पड़े अब शान से...

Posted on: Dec 04, 2017. Tags: DR PS PUSHP

लिखूं दाई पढ़ूं वो आगू मेहर बढूँ वो...शिक्षा पर रचना -

तमनार, पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल साहित्यकार डॉ PS पुष्प शिक्षा से सम्बंधित एक रचना सुना रहे है:
लिखूं दाई पढ़ूं वो आगू मेहर बढूँ वो-
दाई मोला रोक जनते अपन हक़ भर लडूं वो-
पढना सीखूं लिखना सीखूं हमर परिवार सुधरी-
महूँ कछू बन सकतऊँ जिन्दगी के हर बात सुधरी-
कौन हर बनाते पिंजरा उडत अपन बेटी भर वो-
दाई मोला रोक जनते अपन हक़ भर लडूं वो...

Posted on: Dec 03, 2017. Tags: DR PS PUSHP

दूर देश में है चाचू जी, मोबाइल से बात करूँगा...बाल कविता-

ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल कवि डॉ. पुष्प एक रचना सुना रहे है:
दूर देश में है चाचू जी, मोबाइल से बात करूँगा-
बोलूगा लेने आना, मैं भी लन्दन जाऊंगा-
लन्दन जाके तरह-तरह के खेल खिलौने लाऊंगा-
और पहनकर सूट बूट मैं जेंटलमेन बन जाऊँगा-
इंग्लिश बोलना मुझे न आता, अजी उसे सीख आऊंगा-
जल्दी आना मेरे चाचू मैं भी लन्दन जाऊंगा...

Posted on: Sep 17, 2017. Tags: PS PUSHP

ध्यान लगाकर पढना है, हमको आगे बढ़ना है....बाल गीत -

ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल कवि डॉ. पुष्प एक बाल गीत सुना रहे है :
ध्यान लगाकर पढना है, हमको आगे बढ़ना है-
गाँव-गाँव में जा जाकर ज्ञान का दीप जलाना है-
जहाँ कहीं भी मिले अँधेरा उसको दूर भगना है-
कोई अनपढ़ न रह पाए ध्यान हमे यह रखना है-
समझे कुछ तुम पिंटू भैया अब तो पढने जाना है-
ध्यान लगाकर पढना है हमको आगे बढ़ना है...

Posted on: Sep 16, 2017. Tags: PS PUSHP

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