हांथी दादा बड़े सवेरे निकल पड़े मैदान में...बाल कविता -

तमनार पड़ेगांव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से डॉ PS पुष्प बाल कविता सुना रहे हैं:
हांथी दादा बड़े सवेरे निकल पड़े मैदान में-
कांप रहे थे ठुठरन में जान नही रही जान में-
इतने में तो सूरज भईया निकल पड़े असमान से-
टाटा कह जाड़े को दादा उछल पड़े अब शान से-
टाटा कह जाड़े को दादा उछल पड़े अब शान से...

Posted on: Dec 04, 2017. Tags: DR PS PUSHP

लिखूं दाई पढ़ूं वो आगू मेहर बढूँ वो...शिक्षा पर रचना -

तमनार, पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल साहित्यकार डॉ PS पुष्प शिक्षा से सम्बंधित एक रचना सुना रहे है:
लिखूं दाई पढ़ूं वो आगू मेहर बढूँ वो-
दाई मोला रोक जनते अपन हक़ भर लडूं वो-
पढना सीखूं लिखना सीखूं हमर परिवार सुधरी-
महूँ कछू बन सकतऊँ जिन्दगी के हर बात सुधरी-
कौन हर बनाते पिंजरा उडत अपन बेटी भर वो-
दाई मोला रोक जनते अपन हक़ भर लडूं वो...

Posted on: Dec 03, 2017. Tags: DR PS PUSHP

हम भी भेज दिए हैं, साथियों मंगल गृह को यह सन्देश...बाल कविता

ग्राम-पड़ेगाँव, तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से डॉ पी एस पुष्प एक बाल कविता सुना रहे हैं:
हम भी भेज दिए हैं साथियों-
मंगल गृह को यह सन्देश-
सकल जगत से कम नहीं हैं-
अपना प्यारा भारत देश-
सकल जहाँ से कम नहीं है-
अपना प्यारा भारत देश-
मंगल गृह के राजा को हम-
देश का हाल सुनायेंगे-
देश कैसे आगे बढेगा-
सब यही सिखलायेंगे...

Posted on: Jun 15, 2017. Tags: DR PS PUSHP

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