जोंढ़री मा बुनले मकई...गीत-

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया एक गीत सुना रहे हैं:
जोंढ़री मा बुनले मकई-
पुटू खुखड़ी कर खाई-
बारी मा बुनाथे मकई-
जंगल कर पुटू खुखड़ी कर खाई-
दांस होहो होहो करें-
भुसडी कर चबाई...(AR)

Posted on: Jul 05, 2020. Tags: CG KAILASH POYA SONG SURAJPUR

Impact : गाँव में हैण्डपंप लग जाने से निवासी खुश हैं और आभार प्रकट कर रहे हैं-

वार्ड 01, ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया जानकारी दे रहे हैं कि हमारे वार्ड नंबर 1 में पानी कि समस्या थी, जहां पर 35 लोगों की आबादी है, पानी की समस्या के लिये कई बार ग्राम सभा में आवेदन दिया गया लेकिन पानी की समस्या को लेकर कोई कार्यवाई नहीं हो रही थी तब उन्होंने सीजीनेट में अपनी समस्या को रिकॉर्ड किया जिसके बाद गाँव में हैण्डपंप लग गया है, इसलिये मदद करने वाले सभी साथियों और संबंधित अधिकारियों को आभार प्रकट कर रहे हैं : संपर्क नंबर@7723072470.

Posted on: May 13, 2020. Tags: CG IMPACT STORY KAILASH POYA SURAJPUR

Impact : पानी की समस्या थी, समस्या का निराकरण हो गया है...

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया बता रहे हैं कि उनके गाँव में पानी की समस्या थी, उस समस्या को उन्होंने सीजीनेट में रिकॉर्ड किया था और अब उनके गाँव में बोर खुदाई हो गया है और हैण्डपंप लगने वाला है, पानी की समस्या का निराकरण हो गया है इसलिये वे मदद करने वाले सभी श्रोताओं को धन्यवाद दे रहे हैं : कैलाश पोया@ 7723072470.

Posted on: Apr 27, 2020. Tags: CG IMPACT STORY KAILASH POYA SURAJPUR

चार तेंदू भेलवा सब हा किरा गये...गीत-

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया एक गीत सुना रहे हैं:
चार तेंदू भेलवा सब हा किरा गये-
महुवा और तेंदू चार भेलवा हा सिरा गये-
आसो के पानी वर्षा धुप नई दिखावे-
चार तेंदू भेलवा सब हा किरा गये-
अब नई फरे आमा अमली नई फरे डोरी हो-
बईर सब पका हर किरागे-
चार तेंदू भेलवा सब हा किरा गये...

Posted on: Apr 08, 2020. Tags: CG KAILASH POYA SONG SURAJPUR

पीपल की ऊँची डाली पर बैठी चिड़िया गाती है...कविता-

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास पोया एक कविता सुना रहे हैं:
पीपल की ऊँची डाली पर बैठी चिड़िया गाती है-
तुम्हे ज्ञात अपनी बोली में यह संदेश सुनाती है-
चिड़िया बैठी प्रेम प्रीती की रीती हमें सिखलाती है-
वह जग के बंदी मानो को मस्ती मंत्र बतलाती है-
वन में कितने पक्षी है सब मिल जुलकर रहते हैं-
रहते जहाँ वही अपनी दुनिया बसाते है...

Posted on: Mar 15, 2020. Tags: CG KAILASH POYA POEM SURAJPUR

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