मुझे यार अपना न समझो मै तो बड़ा कमीना हूँ...व्यंग्य रचना-

मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से कामता प्रसाद शर्मा व्यंग्य रचना सुना रहे हैं :
मुझे यार अपना न समझो मै तो बड़ा कमीना हूँ-
छल फरेब कर सता सताकर मुश्किल करता जीना हूँ-
मुझे यार अपना न समझो, मन ही मन मै गाली देता ऊपर से मुश्काता हूँ-
अड़ियलपन भीतर से रखता फिर भी शीश झुकता हूँ-
मै गरीब इनसानों का पीता खून पसीना हूँ-
घड़ीयाली आंसू रोता हूँ हांथी सा अड़ जाता हूँ-
कुत्ता बनकर द्वार न छोडूं गदहा सा मै खाता हूँ...

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: KAMTA PRASAD SHARMA

बिगड़ जात बिना तेल और फुलेलल के...कविता-

सिवनी, ब्लाक-मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से कामता प्रसाद शर्मा एक कविता सुना रहे हैं:
बात बिगड़ जात बिना तेल और फुलेलल के-
नारी बिगड़ जात बिना आंख के दिखाए से-
साधू बिगड़ जात पर नारी के संघत से-
अऊ जात बिगड़ जात है आन जात के बिहाय से-
दानी बिगड़ जात जैसे नीचो के संगत से-
ज्ञानी बिगड़ जात है, क्रोध के बढाए से-
अउ कहे महराज की दारु के पिए से बिगड़ जात-
अउ मुक्ति बिगड़ जात बिना राम के गुण गाए से...

Posted on: Jul 28, 2018. Tags: KAMTA PRASAD SHARMA

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