छोटे-छोटे भवन स्वच्छ अतिवृष्टि में नहर आते हैं...कविता-

ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल ग्रामीण जीवन के बारे में कविता के माध्यम से बता रहे हैं:
छोटे-छोटे भवन स्वच्छ अतिवृष्टि में नहर आते हैं-
रत्न गणित प्रसादो से बढाकर पाते हैं-
वट पीपल की शीतल छईयां, फैली कैसी है चारो ओर-
बीच गांव सुंदर गान सुनाते, नृत्य कहीं दिखलाते मोर-
शांति पूर्ण लघु ग्राम बड़ा ही सुखमय होता है भाई-
देखो नगरो से भी बढ़कर इनकी शोभा है अधिकाई...

Posted on: Mar 05, 2019. Tags: CG DURGESH PATREL POEM SURAJPUR

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