गावों में जा जाके सन्देश रिकॉर्ड करके...बुल्टू रेडियो पर गीत

बस्तीराम नागवंशी जिला-बीजापुर छत्तीसगढ़ से बुल्टू रेडियो पर आधारित एक गीत सुना रहे है :
गावों में जा जाके, सन्देश रिकॉर्ड करके-
समस्या मिटायेंगे हम – बुल्टू रेडियो में जाके – हल्वी गाना गाके साझा करेंगे हम-
परियोजना का लाभ लेके-
खुशहाल गावं बनाके-
गावों में जाके सन्देश रिकॉर्ड करके...

Posted on: Jul 14, 2016. Tags: Bastiram Nagvanshi

जागे जागे हो खेथियर भाई जुग बदलते बेरा...हल्बी गीत

ग्राम-इटपाल, जिला-बीजापुर छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी बाई हल्बी भाषा में एक गीत सुना रही हैं – जागे जागे हो खेतिहर भाई जुग बदलते बेरा – पढूं लिखूं पेलुन माथे बेडून कोवे – छत्तीसगढ़ के आगे बढउ का दादा दीदी मन..

Posted on: May 16, 2016. Tags: Bastiram Nagvanshi

महल अटारी सब छुड़ गए, राजा देवगढ़ के रे...

छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश से बस्तीराम नागवंशी देवगढ़ के गोंड राजा के किले के भग्नावशेष से सम्बंधित एक गीत गा रहे हैं:
राजा देवगढ़ के रे, हाय राजा देवगढ़ के रे
कहाँ बिलम बैठे थे, हरे राजा देवगढ़ के रे
राजा देवगढ़ के रे.....
महल अटारी सब छुड़ गए, राजा देवगढ़ के रे
राजा देवगढ़ के रे, हाय राजा देवगढ़ के रे
कहाँ बिलम ......
ईंटा-पथरा सब गिर गए, राजा देवगढ़ के रे
राजा देवगढ़ के रे, हाय राजा देवगढ़ के रे
कहाँ बिलम बैठे थे, हरे रानी देवगढ़ के रे...

Posted on: Jul 14, 2014. Tags: Bastiram Nagvanshi

अरे पढ़ना-बढ़ना ता स्कूल खुले माता...गोंडी शिक्षा गीत

ग्राम-पाठई, पोस्ट-कौड़िया, तहसील-पांढुर्ना, जिला-छिन्दवाडा (मध्यप्रदेश) से बस्तीराम नागवंशी एक गोंडी गीत गा रहे हैं, यह गीत आदिवासी बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करने वाला है. क्योंकि आदिवासी बच्चे बहुत कम स्कूल जाते हैं. गीत के माध्यम से बच्चों को बताया गया है कि कैसे स्कूल जाना ज़रूरी है और स्कूल जाने के क्या-क्या फायदे हैं...
अरे पढ़ना-बढ़ना ता स्कूल खुले माता,
आदिवासी भाई निकुन बाड़ी नींद वाता
मैडम जी वाता हमें गुरूजी भी वातोल,
आदिवासी भाई निकुन बाड़ी नींद वाता
पढ़ना बढ़ना ता ...

Posted on: Jul 12, 2014. Tags: Bastiram Nagvanshi

बारिश ता मंजा इमा येता नवा सांगो दा, लक इमा बाड़ी उतोनी...गोंडी वर्षा गीत

ग्राम पाठई पोस्ट कौड़िया तहसील पांढुर्ना जिला छिन्दवाड़ा (मप्र) से बस्तीराम नागवंशी जी एक गोंडी गीत गा रहे हैं इस गीत को बरसात के समय में गाया जाता हैं हमारे यहाँ दांडिया या डंडार होता हैं और ढोल बजते हैं...
बारिश ता मंजा इमा येता नवा सांगो दा,लक इमा बाड़ी उतोनी’
बारिश ता मंजा इमा नवा सांगो दा, लक इमा बाड़ी उतोनी
सुर-सुर-सुर वडी ताकी लाता,सुर-सुर-सुर वडी ताकी लाता।
रिमझिम-रिमझिम बरसात आयी लाता
निवा पोंडिना,निवा पोंडिना इमा समले किम सांगो दा,
लक इमा बाड़ी उतोनी
बारिश ता मंजा...
डम डम-डम डम ढोल नेकी लाता, डम डम-डम डम ढोल नेकी लाता
कट कट-कट कट येनदी इमा लाता, कट कट-कट कट येनदी इमा लाता,
अणि दांदर ता पोल इमा सजी किम नवा सांगो दा,लक इमा बाड़ी उतोनी
बारिश ता मंजा...

Posted on: Jul 10, 2014. Tags: Bastiram Nagvanshi Gondi

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