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अच्छी मिट्टी खोदाना, अच्छी बांध बधाना...खेती बचाव गीत-

ग्राम-लुर्घुटी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से रामरती साकेत बीज बचाव और खेती बचाव यात्रा के दौरान चौपाल में उपस्थित साथियो के बीच एक गीत सुना रही हैं :
अच्छी मिट्टी खोदाना, अच्छी बांध बधाना-
अच्छी उपज करना, देशन के आगे बढाना
अच्छी मिट्टी खोदाना, अच्छी बांध बधाना-
अच्छी उपज कराना, अच्छी खाद डलाना-
कोदो कुटकी लगाओ, डॉक्टर ना बुलाओ...

Posted on: Oct 11, 2018. Tags: AGRICULTURE MP RAMRATI SAKET SIDHI SONG

किसान स्वर : परवल की खेती में अच्छा मुनाफा है सभी किसान भाई इसका लाभ लें...

सीजीनेट जन पत्रकरिता यात्रा के दौरान धरमपुर जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) बाजार से जुड़े साथी सीताराम जो सिंघरा गाँव से है वे सब्जी बेचने का काम करते है, और खेती भी करते हैं, अभी हाल में उन्होंने परवल की खेती की है, वे बता रहे हैं, परवल का दाम कभी-कभी 80 रूपए प्रति किलोग्राम तक जाता है और जब सस्ता होता है तब भी 20 रूपए प्रति किलोग्राम जाता है | परवल की खेती के लिए कंदा लगाया जाता है हम पांच-पांच फिट की दूरी में गड्ढा खोद कर लगा सकते है | खाद के लिए गोबर खाद बढ़िया है यूरिया भी डाल सकते हैं | उनका कहना है, सभी किसान भाईयों को परवल की खेती करनी चाहिए और मुनाफा कमाना चाहिए |

Posted on: Oct 07, 2018. Tags: AGRICULTURE CG KORIYA ROOPLAL MARAVI

खेती हमर सार, बाकी दुनियादारी बेकार...छत्तीसगढ़ी भाषा में किसानी पर कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी भाषा में किसानी के बारे में कविता सुना रहे हैं :
चल जाबो गा संघी खेत खार-
सोना सही धान पके हवे, ऊपर मुड़ा नाथ-
पसिया ला धर लूबो दिन भर-
करपा-करपा कर, दुई दिन सुखाबो-
पैरा डोर मा बांधाबो, बैला-भैसा गड़ी मा आनबो-
कोठार मा खरी गांजबो-
बैल ला बगराबो दाई बेलन फांदबो...

Posted on: Sep 30, 2018. Tags: AGRICULTURE CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

मोर छत्तीसगढ़ के भुईयाँ माटी, हवे उपजाऊ गा संगी...छत्तीसगढ़ी किसानी गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक किसानी गीत सुना रहे हैं :
मोर छत्तीसगढ़ के भुईयाँ माटी, हवे उपजाऊ गा संगी-
सोना कसन धान उपजथे-
छत्तीसगढ़ गढिया अड़बड कमाऊ गा संगी-
नई जाने बेरा कुबेरा डरकत ले कमाथे-
आऊ खाथे चार बेरा, मोठा लुगा धोती पिंथे-
मुड़ मा टुकना बोह के ठुमुक-ठुमुक रेंगथे गा संगी...

Posted on: Sep 27, 2018. Tags: AGRICULTURE CG CHHATTISGARHI FARMING KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG

आमा ला खा के लोग बचावत रहिन परान गा...आम पर कविता-

कन्हैयालाल पड़ियारी ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से आम के विभिन्न प्रकार के नाम बताते हुवे कविता सुना रहे हैं, वे कह रहे हैं कारखाने के कारण आम के ये प्रकाश ख़त्म हो रहे हैं :
चंद्री आमा, लोढ़ा आमा, घोलघोली आमा, कच्चा साधी कीरी आमा, पतरलुका आमा, असडिया कपूर आमा, केरा आमा, गिकुवारी आमा, तोतापरी, केसनाही आमा, लेसुन आमा, नगरिन गिरहा, पानी आमा, कठर्री आमा-
आऊ आनी-बानी के नाम गा,
आमा ला खा के लोग बचावत रहिन परान गा-
लोगन काटिन डारा पाना करिन सत्यानाश गा...

Posted on: Sep 19, 2018. Tags: AGRICULTURE CG KANAHIYALAL PADIYARI MANGO POEM RAIGARH

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