5.6.31 Welcome to CGNet Swara

किसान स्वर : हमारे गांव में 600 में से 50 लोग आज भी जैविक खाद का उपयोग कर खेती करते हैं-

ग्राम पंचायत-बेंदोरा, प्रखण्ड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से आदिवासी किसान विष्णु खैरवार, सहदेव नायक, अंसोलेम बाड़ा और देवलाल कुजूर मोहन यादव से बात कर रहे हैं, वे बता रहे हैं कि वे अपने वहां खेती में आषाढ़ के महीने में में फसलो की कई देसी किस्मो की बुआई करते हैं जिसमे ललाट धान, हीराफूल, जीराफूल, गोड़ा, मडुवा, मक्का, गेहूल, गोपालभोग, दहिया, छोटा दहिया, अरहर, बोका धान, कला मदानी, छोटा कला मदानी, बच्चा कला मदानी, जीली, करनी, डाँड़ जीनी, गेंदाबूल, गाड़िया धान, पुलकोभी, जबाफूल आदि शामिल हैं, उनके गांव में करीब 600 किसान हैं, जिसमे लगभग 50 किसान आज भी गोबर खाद का उपयोग खेती में करते हैं

Posted on: Jul 26, 2018. Tags: AGRICULTURE MOHAN YADAV VISHNU KHAIRWAR

हम लोग बरसात के समय धान की खेती के अलावा बदाम, मक्का, उड़द, बुंदली भी उगाते हैं...

ग्राम-सुग्गासर्वा, पंचायत-बरवेनगर, ब्लाक-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से प्रभा एक्का खेती के बारे में बता रही हैं कि उनके गांव में मुख्यत: धान की खेती होती हैं और बरसात के समय धान की खेती के अलावा बदाम, मक्का, उड़द, मडुआ, बुन्द्ली की खेती होती है और कृषि क्षेत्र के विभागीय अधिकारी उन्हें प्रशिक्षण दे रहे है वे उसी तकनीकी से प्रयास कर रहें है कि फसल अधिक हो. वे कह रही हैं कि तकनीकी का उपयोग करेंगे तो उन लोगों को भारी मात्रा में उपज होगी जो बहुत लाभदायक होगा, दूसरे महीना में उनके गांव में पानी की कमी होता हैं उनके कारण अधिक मात्रा में फसल उत्पादन नही होती हैं पर जिसके पास सिंचाई का साधन है वे लोग टमाटर, आलू, बैंगन जैसे फसलों का उत्पादन करते हैं|

Posted on: Jul 21, 2018. Tags: AGRICULTURE GUMLA PRABHA EKKA

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »


Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download


From our supporters »