बाबा साहब की संतान, श्रृष्टि का वरदान है चमार...कविता-

कानपुर (उत्तर प्रदेश) से के एम भाई डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर एक कविता सुना रहे हैं :
मै भी चमार-
बाबा साहब की संतान, श्रृष्टि का वरदान है चमार-
लोकतंत्र का सच्चा प्रहरी, वतन की शान है चमार-
जालिमों का नाशक, संघर्ष की पहचान है चमार-
अँधेरे में प्रकाश, गुणों की खान है चमार...

Posted on: Apr 14, 2019. Tags: KANPUR KM BHAI POEM UP

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download